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ईडी ने ₹3 करोड़ में नीलाम किया जब्त हॉकर 800ए विमान, ₹792 करोड़ पोंजी पीड़ितों को मिलेगा मुआवज़ा

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ईडी ने ₹3 करोड़ में नीलाम किया जब्त हॉकर 800ए विमान, ₹792 करोड़ पोंजी पीड़ितों को मिलेगा मुआवज़ा

सारांश

ईडी ने पहली बार किसी जब्त विमान — हॉकर 800ए — की नीलामी कर ₹3 करोड़ वसूले। यह राशि हैदराबाद की कथित ₹792 करोड़ की पोंजी स्कीम में ठगे गए निवेशकों को लौटाई जाएगी। कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स के खिलाफ जाँच जारी है।

मुख्य बातें

ईडी ने 1 जुलाई 2026 को हॉकर 800ए विमान को ₹3 करोड़ में नीलाम किया — यह किसी जब्त विमान की पहली ऐसी नीलामी है।
विमान 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब्त किया गया था।
मामला कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके सीएमडी अमरदीप कुमार द्वारा कथित तौर पर चलाई गई ₹792 करोड़ की पोंजी स्कीम से जुड़ा है।
ईडी अब तक संदीप कुमार , शरद चंद्र तोषणीवाल और आर्यन सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार कर चुकी है।
नीलामी से प्राप्त राशि विशेष अदालत की अनुमति के बाद पीड़ित निवेशकों को लौटाई जाएगी; जाँच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने 1 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जब्त हॉकर 800ए विमान की सफल नीलामी की — यह ईडी के इतिहास में किसी जब्त विमान की पहली नीलामी है। एमएसटीसी लिमिटेड के माध्यम से आयोजित इस नीलामी में विमान ₹3 करोड़ में बिका। नीलामी से प्राप्त राशि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष अदालत की अनुमति मिलने के बाद उन वास्तविक निवेशकों को लौटाई जाएगी जो कथित पोंजी स्कीम में ठगे गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विमान 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तलाशी अभियान के दौरान जब्त किया गया था। यह कार्रवाई कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमरदीप कुमार और अन्य आरोपियों के विरुद्ध दर्ज पीएमएलए मामले के तहत की गई थी।

ईडी ने यह जाँच साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अमरदीप कुमार, उनकी कंपनी और सहयोगियों ने इनवॉइस डिस्काउंटिंग के नाम पर ऊँचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेशकों से कथित तौर पर ₹792 करोड़ की धोखाधड़ी की। जाँच में सामने आया कि वास्तव में कोई इनवॉइस डिस्काउंटिंग कारोबार संचालित नहीं हो रहा था और यह पूरी योजना एक कथित पोंजी स्कीम थी।

न्यायिक प्रक्रिया और नीलामी की मंज़ूरी

विमान जब्त होने के बाद ईडी ने पीएमएलए के न्यायनिर्णायक प्राधिकरण के समक्ष मूल आवेदन दायर किया, जिसे 18 अगस्त 2025 को स्वीकृति मिली। इसके बाद ईडी ने विमान की बिक्री की अनुमति माँगी और न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने 20 नवंबर 2025 को नीलामी की अनुमति प्रदान कर दी। गौरतलब है कि यह पूरी प्रक्रिया करीब नौ महीनों में पूरी हुई — जो इस प्रकार के मामलों में अपेक्षाकृत त्वरित मानी जाती है।

गिरफ्तारियाँ और अभियोजन

इस मामले में ईडी पहले ही तीन आरोपियों — संदीप कुमार (अमरदीप कुमार के भाई), शरद चंद्र तोषणीवाल (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और आर्यन सिंह छाबड़ा (फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के सीईओ) — को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने 29 सितंबर 2025 को इस मामले में अभियोजन शिकायत भी विशेष अदालत में दाखिल की थी।

निवेशकों पर असर और आगे की राह

ईडी ने स्पष्ट किया है कि नीलामी से प्राप्त ₹3 करोड़ की राशि विशेष अदालत की अनुमति के बाद पीड़ित निवेशकों को वापस की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब पोंजी और निवेश धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को मुआवज़ा दिलाने की प्रक्रिया अक्सर वर्षों तक खिंचती रही है। एजेंसी ने कहा कि वह पीएमएलए के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान, जब्ती और कुर्की जारी रखेगी तथा कानून के अनुसार पीड़ितों को राशि वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मामले की आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ₹3 करोड़ की वसूली ₹792 करोड़ के कथित नुकसान के सामने महज़ 0.4% है — जो पीड़ित निवेशकों के लिए राहत से अधिक एक संकेत है। असली सवाल यह है कि शेष संपत्तियाँ कहाँ हैं और उन्हें कब तक वापस लाया जा सकेगा। पोंजी मामलों में भारतीय अदालतों और एजेंसियों का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि पीड़ितों को पूर्ण मुआवज़ा मिलना दुर्लभ है। फिर भी, जब्त विमान की नीलामी का यह पहला उदाहरण भविष्य के मामलों में गैर-पारंपरिक संपत्तियों की त्वरित वसूली के लिए एक नज़ीर बन सकता है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने किस विमान की नीलामी की और कितने में बिका?
ईडी ने 1 जुलाई 2026 को हॉकर 800ए विमान की नीलामी एमएसटीसी लिमिटेड के माध्यम से की, जो ₹3 करोड़ में बिका। यह किसी जब्त विमान की ईडी के इतिहास में पहली सफल नीलामी है।
कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स पोंजी स्कीम क्या है?
हैदराबाद स्थित कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके सीएमडी अमरदीप कुमार पर आरोप है कि उन्होंने इनवॉइस डिस्काउंटिंग के नाम पर ऊँचे रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से कथित तौर पर ₹792 करोड़ की धोखाधड़ी की। जाँच में सामने आया कि कोई वास्तविक इनवॉइस डिस्काउंटिंग कारोबार नहीं चल रहा था।
नीलामी से मिली राशि निवेशकों को कब मिलेगी?
नीलामी से प्राप्त ₹3 करोड़ की राशि पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष अदालत की अनुमति मिलने के बाद पीड़ित निवेशकों को लौटाई जाएगी। अदालत की मंज़ूरी की समय-सीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
ईडी अब तक तीन आरोपियों — संदीप कुमार (अमरदीप कुमार के भाई), शरद चंद्र तोषणीवाल (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और आर्यन सिंह छाबड़ा (फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के सीईओ) — को गिरफ्तार कर चुकी है। 29 सितंबर 2025 को विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है।
विमान को नीलाम करने की अनुमति कैसे मिली?
विमान जब्त होने के बाद ईडी ने पीएमएलए के न्यायनिर्णायक प्राधिकरण में आवेदन दायर किया, जिसे 18 अगस्त 2025 को स्वीकृति मिली। इसके बाद नीलामी की अनुमति 20 नवंबर 2025 को दी गई, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 को नीलामी संपन्न हुई।
राष्ट्र प्रेस
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