ईडी की बड़ी कार्रवाई: मां तारिणी इंडस्ट्रीज मामले में राउरकेला का ₹24.60 करोड़ का मॉल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भुवनेश्वर जोनल ऑफिस ने मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एमआईएलटी) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 3 नवंबर 2026 को बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए ₹24.60 करोड़ की अचल संपत्ति को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अस्थायी रूप से जब्त कर लिया। जब्त की गई संपत्ति ओडिशा के राउरकेला में स्थित प्लूटो प्लाजा मॉल के ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ्लोर का हिस्सा है, जो प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है।
मुख्य घटनाक्रम
जब्त की गई संपत्ति श्री हनुमान खेदड़िया द्वारा नियंत्रित कंपनी प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। ईडी के अनुसार यह मॉल अपराध से अर्जित धन — जिसे 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' कहा जाता है — के मूल्य के बराबर की संपत्ति के रूप में जब्त की गई है।
यह जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी), भुवनेश्वर द्वारा एमआईएलटी, उसके निदेशकों और पीईसी लिमिटेड के अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के अंतर्गत दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर शुरू की गई थी।
धोखाधड़ी का तरीका
आरोप के अनुसार, एमआईएलटी ने पीईसी लिमिटेड के कुछ अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर अपनी वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और अपनी संपत्तियों पर मौजूदा प्रभारों (charges) को छिपाकर लौह अयस्क की खरीद के लिए ₹19.40 करोड़ की वित्तीय सहायता धोखाधड़ी से प्राप्त की।
इसके अलावा, एक संबद्ध कंपनी तथागत एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) ने भी पीईसी लिमिटेड से ₹16 करोड़ की वित्तीय सहायता ली थी। जब यह ऋण एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित हुआ, तब पीईसी लिमिटेड की ब्याज सहित कुल बकाया देनदारी लगभग ₹56.89 करोड़ थी।
धन का डायवर्जन और अपराध से आय
ईडी की जाँच में खुलासा हुआ है कि पीईसी लिमिटेड से प्राप्त धनराशि को एमआईएलटी और टीईपीएल के बैंक खातों के जरिये डायवर्ट किया गया। इस राशि का उपयोग एमआईएलटी के पूर्व शेयरधारकों — जिनमें श्री हनुमान खेदड़िया भी शामिल हैं — को शेयर खरीद के भुगतान के लिए किया गया।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, खेदड़िया और उनकी सहयोगी संस्थाओं ने लगभग ₹15.31 करोड़ की अपराध-आय (proceeds of crime) प्राप्त की, जो आनुपातिक ब्याज घटक जोड़ने के बाद ₹24.60 करोड़ हो गई। इन निधियों को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रूट कर नकद निकासी, निवेश और व्यावसायिक खर्चों में इस्तेमाल किया गया।
आगे की जाँच और संभावित कार्रवाई
ईडी ने स्पष्ट किया है कि प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड की ₹24.60 करोड़ की अचल संपत्ति को पीएमएलए, 2002 के अंतर्गत अपराध-आय के मूल्य के बराबर मानते हुए अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। इस मामले से जुड़ी आगे की जाँच और कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि ईडी की यह कार्रवाई ओडिशा में वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के विरुद्ध चल रहे अभियान की कड़ी में एक और बड़ा कदम है।