3 जुलाई 2026
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डीएमके का हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों पर पलटवार: 'एक विधायक से सरकार नहीं बनती, यह साजिश है'

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डीएमके का हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों पर पलटवार: 'एक विधायक से सरकार नहीं बनती, यह साजिश है'

सारांश

DMK प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने टीवीके विधायक को ₹35 करोड़ में तोड़ने के आरोपों को साजिश बताया — तर्क दिया कि एक विधायक से न सरकार बनती है, न विजय को हराया जा सकता है। AIADMK-DMK गठजोड़ की अफवाहें भी नकारीं। मेकेदातु बांध पर कांग्रेस को जवाबदेह ठहराया।

मुख्य बातें

DMK प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने 3 जुलाई 2026 को टीवीके विधायक तोड़ने के आरोपों को पूरी तरह नकारा।
इलांगोवन ने कहा कि एक विधायक से न तो सरकार बनती है और न ही वह टीवीके प्रमुख विजय को हरा सकता है।
कथित ₹35 करोड़ की रकम को बेमानी बताया — इस्तीफे और उपचुनाव की लागत को देखते हुए।
AIADMK-DMK गठजोड़ की खबरों को 'सरासर झूठ' करार दिया; 50 वर्षों की प्रतिद्वंद्विता का हवाला दिया।
मेकेदातु बांध विवाद पर कांग्रेस-टीवीके सरकार को जवाबदेह ठहराया; सर्वोच्च न्यायालय और ट्रिब्यूनल के आदेश का उल्लेख किया।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने 3 जुलाई 2026 को चेन्नई में तमिल मनिला कांग्रेस (टीवीके) के एक विधायक को तोड़ने की कथित कोशिशों के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने इसे विरोधियों की सुनियोजित साजिश बताया, जिसका मकसद DMK की छवि खराब करना है।

मुख्य घटनाक्रम

इलांगोवन ने कहा, 'वे (टीवीके) यह कैसे कह सकते हैं कि DMK हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल है? वे बस एक मामला बना रहे हैं। DMK एक विधायक को क्यों खरीदेगी? इसका क्या फायदा है?' उन्होंने तर्क दिया कि DMK पहले से ही तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी है और एक विधायक के दम पर सरकार बनाना संभव ही नहीं है।

इलांगोवन ने ₹35 करोड़ की कथित रकम के दावे पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 'उन्होंने ₹35 करोड़ की बात कही है। इतनी रकम खर्च करने का क्या मकसद है? उस विधायक को इस्तीफा देना होगा, फिर उपचुनाव में दोबारा पैसा खर्च होगा। यह सब किसलिए? वे बस DMK पर हॉर्स ट्रेडिंग का ठप्पा लगाना चाहते हैं।'

AIADMK-DMK गठजोड़ की अफवाहों पर खंडन

अखिल भारतीय अन्नाद्रमुक (AIADMK) के DMK के साथ हाथ मिलाने की खबरों को इलांगोवन ने 'सरासर झूठ' करार दिया। उन्होंने कहा, 'DMK और AIADMK मिलकर सरकार कैसे बना सकते हैं? 50 से अधिक वर्षों से ये दोनों दल तमिलनाडु में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं।' उन्होंने टीवीके को 'झूठ पर टिकी सिनेमा पार्टी' भी कहा, जो किसी गंभीर राजनीतिक दल की तरह काम नहीं कर रही।

मेकेदातु बांध विवाद पर DMK का रुख

मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर उठे विवाद पर इलांगोवन ने कहा कि जब तक DMK सत्ता में थी, यह मुद्दा नहीं उठा। उन्होंने कहा, 'टीवीके-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने के बाद यह शुरू हुआ है। तमिलनाडु की जनता को जवाब देना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी नदी पर कार्य शुरू करने से पहले निचले बहाव वाले राज्यों की सहमति अनिवार्य है — यह ट्रिब्यूनल और सर्वोच्च न्यायालय, दोनों का आदेश है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK के बीच दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता है। टीवीके, जिसे अभिनेता-राजनेता विजय नेतृत्व करते हैं, एक अपेक्षाकृत नई राजनीतिक ताकत है। हॉर्स ट्रेडिंग के ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब राज्य की राजनीति में नई पार्टियों और पुराने गठबंधनों के बीच तनाव बढ़ रहा है।

आगे क्या

DMK ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन आरोपों को कानूनी या राजनीतिक किसी भी स्तर पर चुनौती देने के लिए तैयार है। मेकेदातु बांध मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने की माँग के साथ DMK ने कांग्रेस-टीवीके गठबंधन सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न विपक्ष की स्थिति बदलती है। लेकिन असली सवाल यह है कि DMK पर ये आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं और इनका राजनीतिक लाभ किसे मिल रहा है। टीवीके एक नई पार्टी है जो अपनी साख बनाने के लिए DMK जैसी स्थापित ताकत को निशाना बनाकर ध्यान खींच रही है — यह रणनीति नई नहीं है। मेकेदातु बांध पर DMK का रुख कानूनी रूप से सही हो सकता है, लेकिन यह मुद्दा तमिलनाडु-कर्नाटक संबंधों की जटिलता को भी उजागर करता है, जिसे केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं सुलझाया जा सकता।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप क्या हैं?
टीवीके ने आरोप लगाया है कि DMK ने उनके एक विधायक को ₹35 करोड़ की पेशकश कर तोड़ने की कोशिश की। DMK ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
DMK ने इन आरोपों को क्यों बेबुनियाद बताया?
DMK प्रवक्ता इलांगोवन का तर्क है कि एक विधायक से न तो सरकार बनती है और न ही टीवीके प्रमुख विजय को कोई नुकसान होता है। इसके अलावा, विधायक के इस्तीफे और उपचुनाव की लागत को देखते हुए ₹35 करोड़ खर्च करने का कोई राजनीतिक औचित्य नहीं है।
क्या DMK और AIADMK मिलकर सरकार बना सकते हैं?
DMK ने इस संभावना को पूरी तरह नकारा है। इलांगोवन ने कहा कि 50 से अधिक वर्षों से दोनों दल तमिलनाडु में कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और यह दावा बेबुनियाद है।
मेकेदातु बांध विवाद में DMK का क्या रुख है?
DMK का कहना है कि जब तक वे सत्ता में थे, यह विवाद नहीं उठा। उनके अनुसार किसी भी नदी पर कार्य शुरू करने से पहले निचले बहाव वाले राज्यों की सहमति जरूरी है — यह ट्रिब्यूनल और सर्वोच्च न्यायालय दोनों का आदेश है। DMK ने कांग्रेस-टीवीके सरकार को इस मामले में जवाबदेह ठहराया है।
टीवीके क्या है और इसके DMK से क्या मतभेद हैं?
टीवीके (तमिल मनिला कांग्रेस — विजय की पार्टी) अभिनेता-राजनेता विजय के नेतृत्व में एक अपेक्षाकृत नई राजनीतिक पार्टी है। DMK प्रवक्ता ने इसे 'झूठ पर टिकी सिनेमा पार्टी' कहा है जो किसी गंभीर राजनीतिक दल की तरह काम नहीं कर रही।
राष्ट्र प्रेस
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