डीएमके का हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों पर पलटवार: 'एक विधायक से सरकार नहीं बनती, यह साजिश है'
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने 3 जुलाई 2026 को चेन्नई में तमिल मनिला कांग्रेस (टीवीके) के एक विधायक को तोड़ने की कथित कोशिशों के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने इसे विरोधियों की सुनियोजित साजिश बताया, जिसका मकसद DMK की छवि खराब करना है।
मुख्य घटनाक्रम
इलांगोवन ने कहा, 'वे (टीवीके) यह कैसे कह सकते हैं कि DMK हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल है? वे बस एक मामला बना रहे हैं। DMK एक विधायक को क्यों खरीदेगी? इसका क्या फायदा है?' उन्होंने तर्क दिया कि DMK पहले से ही तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी है और एक विधायक के दम पर सरकार बनाना संभव ही नहीं है।
इलांगोवन ने ₹35 करोड़ की कथित रकम के दावे पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 'उन्होंने ₹35 करोड़ की बात कही है। इतनी रकम खर्च करने का क्या मकसद है? उस विधायक को इस्तीफा देना होगा, फिर उपचुनाव में दोबारा पैसा खर्च होगा। यह सब किसलिए? वे बस DMK पर हॉर्स ट्रेडिंग का ठप्पा लगाना चाहते हैं।'
AIADMK-DMK गठजोड़ की अफवाहों पर खंडन
अखिल भारतीय अन्नाद्रमुक (AIADMK) के DMK के साथ हाथ मिलाने की खबरों को इलांगोवन ने 'सरासर झूठ' करार दिया। उन्होंने कहा, 'DMK और AIADMK मिलकर सरकार कैसे बना सकते हैं? 50 से अधिक वर्षों से ये दोनों दल तमिलनाडु में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं।' उन्होंने टीवीके को 'झूठ पर टिकी सिनेमा पार्टी' भी कहा, जो किसी गंभीर राजनीतिक दल की तरह काम नहीं कर रही।
मेकेदातु बांध विवाद पर DMK का रुख
मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर उठे विवाद पर इलांगोवन ने कहा कि जब तक DMK सत्ता में थी, यह मुद्दा नहीं उठा। उन्होंने कहा, 'टीवीके-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने के बाद यह शुरू हुआ है। तमिलनाडु की जनता को जवाब देना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी नदी पर कार्य शुरू करने से पहले निचले बहाव वाले राज्यों की सहमति अनिवार्य है — यह ट्रिब्यूनल और सर्वोच्च न्यायालय, दोनों का आदेश है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK के बीच दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता है। टीवीके, जिसे अभिनेता-राजनेता विजय नेतृत्व करते हैं, एक अपेक्षाकृत नई राजनीतिक ताकत है। हॉर्स ट्रेडिंग के ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब राज्य की राजनीति में नई पार्टियों और पुराने गठबंधनों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
आगे क्या
DMK ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन आरोपों को कानूनी या राजनीतिक किसी भी स्तर पर चुनौती देने के लिए तैयार है। मेकेदातु बांध मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने की माँग के साथ DMK ने कांग्रेस-टीवीके गठबंधन सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।