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क्या एकनाथ शिंदे के 'जय महाराष्ट्र, जय गुजरात' नारे पर सीएम फडणवीस ने सही स्पष्टीकरण दिया?

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क्या एकनाथ शिंदे के 'जय महाराष्ट्र, जय गुजरात' नारे पर सीएम फडणवीस ने सही स्पष्टीकरण दिया?

सारांश

एकनाथ शिंदे के 'जय महाराष्ट्र, जय गुजरात' नारे ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस विवाद पर अपनी राय साझा की है, जिसमें उन्होंने कहा कि हमें सभी भारतीयों के प्रति सम्मान रखना चाहिए। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और फडणवीस का स्पष्टीकरण।

मुख्य बातें

एकनाथ शिंदे का नारा 'जय महाराष्ट्र, जय गुजरात' राजनीतिक विवाद का कारण बना।
सीएम फडणवीस ने शिंदे का बचाव करते हुए कहा कि हमें सभी भारतीयों का सम्मान करना चाहिए।
भाषा विवादों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मराठी भाषा पर गर्व करना गलत नहीं है, लेकिन गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हम सभी को एकता में विश्वास रखना चाहिए।

पुणे, ४ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पुणे में जयराज स्पोर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार उपस्थित थे। इस अवसर पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने 'जय हिंद, जय महाराष्ट्र, जय गुजरात' का नारा दिया, जिसने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया।

विपक्षी दलों ने इसे मराठी अस्मिता के खिलाफ बताकर शिंदे पर निशाना साधा। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे का बचाव करते हुए कहा, "मैं सभी को याद दिलाना चाहता हूं कि पहले भी, जब चिकोड़ी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया गया था, तो शरद पवार ने 'जय महाराष्ट्र, जय कर्नाटक' कहा था। क्या इसका मतलब यह है कि शरद पवार को कर्नाटक अधिक और महाराष्ट्र कम पसंद है?"

उन्होंने आगे कहा कि यह संकुचित सोच है कि 'जय गुजरात' कहने से किसी की मराठी अस्मिता कम हो जाती है। मराठी मानुष का दृष्टिकोण व्यापक है, उसे संकुचित नहीं करना चाहिए। हम एक भारत के लोग हैं। हमें पहला अभिमान महाराष्ट्र का होना चाहिए लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम दूसरे राज्य का अपमान करें।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने हाल के भाषा विवादों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में मराठी भाषा पर गर्व करना गलत नहीं है, लेकिन भाषा के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मराठी न बोलने के कारण लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं अस्वीकार्य हैं। पुलिस ने ऐसी घटनाओं पर एफआईआर दर्ज की है और कार्रवाई की जा रही है।"

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में कोई इस तरह का भाषा विवाद पैदा करता है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमें अपनी मराठी पर गर्व है, लेकिन भारत की किसी भी भाषा के साथ इस तरह से अन्याय नहीं किया जा सकता है, हमें यह ध्यान में रखना होगा। कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है कि ये लोग अंग्रेजी को अपनाते हैं और हिंदी पर विवाद पैदा करते हैं। यह कैसी सोच है और यह कैसी कार्रवाई है? इसलिए कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना जरूरी है कि भाषा और राज्य के नारे किसी भी व्यक्ति की पहचान को परिभाषित करते हैं। हमें अपनी विविधता को समझते हुए सभी भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करना चाहिए। एकता में ही शक्ति है, और इस दृष्टिकोण को हमें अपनाना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे का नारा 'जय महाराष्ट्र, जय गुजरात' का क्या अर्थ है?
यह नारा राज्यों के बीच एकता और सहयोग को दर्शाता है, और इसे केवल एक राजनीतिक बयान के रूप में नहीं देखना चाहिए।
सीएम फडणवीस ने शिंदे का बचाव क्यों किया?
फडणवीस ने कहा कि यह संकुचित सोच है कि 'जय गुजरात' कहने से मराठी अस्मिता कम हो जाती है।
क्या भाषा विवादों पर कोई कार्रवाई की गई है?
जी हां, पुलिस ने भाषा विवादों से संबंधित घटनाओं पर एफआईआर दर्ज की है और सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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