तेजस्वी यादव की माँग: ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर से कराओ चुनाव; 30 सितंबर को इंडिया ब्लॉक की बैठक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने 29 सितंबर 2026 को पटना में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग का समर्थन करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हटाकर बैलेट पेपर लाया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और EVM व विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में एकजुट हो रहे हैं।
तेजस्वी का बयान और विपक्ष की माँग
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, 'बैलेट की माँग तो हमलोग शुरू से कर रहे हैं। मशीन को हटाओ, बैलेट को लाओ।' उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका अब सबके सामने आ चुकी है — कथित तौर पर वोटों की चोरी किस प्रकार हो रही है और किस तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक के बाद एक चुनाव जिताया जा रहा है।
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि यह तरीका पहले बिहार में आज़माया गया और बाद में पूरे देश में लागू किया गया। उनका दावा है कि वोटों की चोरी की इस पद्धति को स्वयं दो चुनाव आयुक्तों ने उजागर किया है। गौरतलब है कि ये आरोप विपक्ष की ओर से हैं और इन्हें चुनाव आयोग ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है।
30 सितंबर की इंडिया गठबंधन बैठक
तेजस्वी यादव ने बताया कि 30 सितंबर 2026 को सुबह 11:00 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि वे इस बैठक में अपना पक्ष रखने के लिए जाएँगे। इस बैठक में EVM विवाद, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर चर्चा होने की उम्मीद है।
मायावती की आवाज़ भी बैलेट पेपर के पक्ष में
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग दोहराई है। उन्होंने कहा कि मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया, उसका मत उसी के खाते में गया और गिनती में शामिल हुआ। मायावती के अनुसार, वोट को लेकर संदेह की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की माँग
तेजस्वी यादव ने कहा कि कई विपक्षी नेता शुरू से माँग कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने BJP पर संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने और उनका दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता के लिए BJP को सत्ता से हटाना अनिवार्य है। यह ध्यान देने योग्य है कि ये राजनीतिक बयान हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
विपक्ष की यह माँग ऐसे समय में तेज़ हुई है जब बिहार में विधानसभा चुनाव निकट बताए जा रहे हैं और EVM विवाद राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुका है। 30 सितंबर की इंडिया गठबंधन बैठक से यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष इस मुद्दे पर किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।