30 अक्टूबर 2026
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जैसलमेर के खेत में जोरदार विस्फोट, किसान बाल-बाल बचा; पुलिस-सेना जाँच में जुटी

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जैसलमेर के खेत में जोरदार विस्फोट, किसान बाल-बाल बचा; पुलिस-सेना जाँच में जुटी

सारांश

जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के एक खेत में हुए जोरदार धमाके ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। किसान द्वारकाराम मोबाइल ढूँढने के लिए ट्रैक्टर से दूर गए थे — तभी विस्फोट हुआ और वह बाल-बाल बचे। चांधन फायरिंग रेंज की निकटता संदेह के घेरे में है।

मुख्य बातें

जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र की नहरी पट्टी में 29 अक्टूबर 2026 को खेत में जोरदार विस्फोट हुआ।
किसान द्वारकाराम मोबाइल ढूँढने के लिए ट्रैक्टर से दूर चले गए थे, जिससे वह बाल-बाल बच गए।
धमाके की आवाज दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी; खेत में करीब दो फीट गहरा गड्ढा बना।
संदिग्ध विस्फोटक के टुकड़े पास खड़े ट्रैक्टर से टकराए, जिसे नुकसान पहुँचा।
पास में स्थित चांधन फील्ड फायरिंग रेंज संदेह के दायरे में; पुलिस और सेना संयुक्त जाँच कर रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले भी इसी क्षेत्र में बम जैसी वस्तुएँ मिली थीं।

राजस्थान के जैसलमेर जिले में 29 अक्टूबर 2026 को मोहनगढ़ थाना क्षेत्र की नहरी पट्टी स्थित एक खेत में अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। धमाके की आवाज करीब दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई और संदिग्ध विस्फोटक के टुकड़े पास खड़े ट्रैक्टर से भी जा टकराए। सौभाग्य से खेत में काम कर रहे किसान द्वारकाराम को कोई चोट नहीं आई।

कैसे हुई घटना

किसान द्वारकाराम ने बताया कि वह अपने ट्रैक्टर के साथ खेत में काम कर रहे थे, तभी उनका मोबाइल फोन कहीं गिर गया। मोबाइल ढूँढने के लिए वह ट्रैक्टर से कुछ दूर चले गए और उसी क्षण खेत में भीषण धमाका हो गया। देखते ही देखते पूरे इलाके में धुएँ का गुबार छा गया।

द्वारकाराम ने यह भी बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद उनके पिता तुलसीराम ने उन्हें तत्काल ज़मीन पर लेट जाने को कहा, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि कोई दूसरा बम भी फट सकता है।

विस्फोट की भीषणता

धमाका इतना शक्तिशाली था कि खेत की ज़मीन में करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। संदिग्ध विस्फोटक के टुकड़े पास खड़े ट्रैक्टर से टकराए, जिससे उसे नुकसान पहुँचा। विस्फोट की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर उमड़ आए।

पुलिस और सेना की प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही मोहनगढ़ पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची और सेना को भी तत्काल जानकारी दी गई। पुलिस और सेना के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया और खेत से संदिग्ध विस्फोटक वस्तु के अवशेष बरामद किए। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ अभी मामले की जाँच कर रही हैं।

चांधन फायरिंग रेंज की निकटता अहम

गौरतलब है कि मोहनगढ़ के पास ही चांधन फील्ड फायरिंग रेंज स्थित है, जो सेना के अभ्यास के लिए उपयोग में लाई जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले भी इसी क्षेत्र के आसपास खेतों में बम जैसी वस्तुएँ गिरी थीं। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती जिलों में अनफटे विस्फोटकों (UXO) के खतरे को लेकर चिंता पहले से व्यक्त की जाती रही है।

जाँच जारी, कारण अभी अज्ञात

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोटक वस्तु कहाँ से आई और किन परिस्थितियों में यह धमाका हुआ। अधिकारियों के अनुसार, जाँच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। आने वाले दिनों में सेना और ज़िला प्रशासन की संयुक्त रिपोर्ट इस मामले पर अधिक स्पष्टता ला सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब चांधन जैसी सक्रिय फायरिंग रेंज आम कृषि भूमि के निकट हों। ग्रामीणों की यह गवाही कि दो वर्ष पूर्व भी ऐसी वस्तुएँ मिली थीं, यह दर्शाती है कि इस खतरे को पहले भी नज़रअंदाज़ किया गया। सेना और ज़िला प्रशासन की संयुक्त जाँच ज़रूरी है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार स्थायी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे — या यह भी एक और अनुत्तरित घटना बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैसलमेर के खेत में विस्फोट कैसे हुआ?
29 अक्टूबर 2026 को मोहनगढ़ थाना क्षेत्र की नहरी पट्टी के एक खेत में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट का सटीक कारण अभी जाँच के अधीन है और अधिकारियों के अनुसार जाँच पूरी होने के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
क्या इस विस्फोट में कोई हताहत हुआ?
नहीं, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। किसान द्वारकाराम उस समय ट्रैक्टर से दूर गए हुए थे, जिससे वह सुरक्षित बच गए।
चांधन फायरिंग रेंज का इस विस्फोट से क्या संबंध है?
मोहनगढ़ के पास ही चांधन फील्ड फायरिंग रेंज स्थित है, जो सेना के अभ्यास के लिए उपयोग होती है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले भी इसी क्षेत्र में बम जैसी वस्तुएँ मिली थीं, जिससे संदेह है कि यह विस्फोट फायरिंग रेंज से संबंधित किसी अनफटे विस्फोटक के कारण हो सकता है।
इस मामले में पुलिस और सेना ने क्या कदम उठाए?
घटना की सूचना मिलते ही मोहनगढ़ पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुँचे। दोनों ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया और खेत से संदिग्ध विस्फोटक वस्तु के अवशेष बरामद किए। मामले की जाँच जारी है।
इस क्षेत्र में पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं क्या?
हाँ, ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले भी मोहनगढ़ के आसपास खेतों में बम जैसी वस्तुएँ गिरी थीं। यह ऐसे समय में गंभीर चिंता का विषय है जब सीमावर्ती इलाकों में कृषि भूमि फायरिंग रेंज के निकट स्थित है।
राष्ट्र प्रेस
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