18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फडणवीस का उद्धव पर तंज: 'शिवसेना की रिजीम चेंज नहीं रोक पाए, देश की क्या रोकेंगे'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फडणवीस का उद्धव पर तंज: 'शिवसेना की रिजीम चेंज नहीं रोक पाए, देश की क्या रोकेंगे'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) की 'रिजीम चेंज' की माँग पर सीएम फडणवीस ने पलटवार किया — 'अपनी पार्टी नहीं बचा पाए, देश क्या बचाएंगे।' संजय राउत ने 6 महीने में बदलाव का दावा ठोका। महाराष्ट्र की सियासत फिर उबाल पर।

मुख्य बातें

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 18 अक्टूबर 2026 को नागपुर में उद्धव ठाकरे पर तंज कसा — 'शिवसेना की रिजीम चेंज नहीं रोक पाए।' फडणवीस ने कहा कि भारत में बदलाव केवल चुनाव के ज़रिए संभव है, संविधान को नकारकर नहीं।
उन्होंने नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देशों की 'रिजीम चेंज' का संदर्भ देते हुए ऐसी कोशिशों को नकारा।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगाया।
राउत ने दावा किया कि 6 महीने के भीतर महाराष्ट्र और देश में सत्ता परिवर्तन होगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 अक्टूबर 2026 को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार किया। फडणवीस ने कहा कि ठाकरे अपनी ही पार्टी शिवसेना में 'रिजीम चेंज' नहीं रोक पाए, तो देश में किस 'रिजीम चेंज' की बात कर रहे हैं, यह उन्हें समझ नहीं आता। यह टिप्पणी उद्धव ठाकरे द्वारा 'रिजीम चेंज' के समर्थन में दिए गए बयानों की प्रतिक्रिया में आई है।

फडणवीस का सीधा वार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'जिस वक्त उनकी पार्टी ने हिंदुत्व और बाला साहेब ठाकरे के विचारों को छोड़ा, तो उन्हीं की पार्टी में ऐसा बवाल आया कि जो बाला साहेब के विचारों पर चलना चाहते थे, उन्होंने असली शिवसेना तैयार कर ली।' उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के संविधान से लड़ना बंद होना चाहिए और यहाँ फैसले संसद और संविधान के तहत होते हैं, सड़क पर नहीं।

फडणवीस ने आगे कहा कि लोकतंत्र में बदलाव केवल चुनाव के ज़रिए संभव है। उनका कहना था, 'लोगों का दिल जीतना होगा और चुनाव जीतने होंगे।' उन्होंने नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देशों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में संविधान को नकारकर 'रिजीम चेंज' के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे, क्योंकि यहाँ डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान है।

संजय राउत का पलटवार

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने फडणवीस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'क्या लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की माँग करना कोई अपराध है?' राउत ने मौजूदा सरकार को 'तानाशाही और अवैध' करार दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए उन्हें 'माफिया' तक कह दिया। उन्होंने चुनावों में घोटाले होने का भी आरोप लगाया।

राउत ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए सत्ता परिवर्तन ज़रूरी है और इसमें प्रशांत भूषण, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी सब एकजुट हैं। उन्होंने दावा किया कि 6 महीने के भीतर महाराष्ट्र और पूरे देश में यह बदलाव लाया जाएगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि शिवसेना में विभाजन के बाद से फडणवीस और उद्धव ठाकरे गुट के बीच वाकयुद्ध लगातार जारी है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विभाजन और उसके बाद चुनाव आयोग द्वारा 'असली शिवसेना' की मान्यता मिलने के बाद ठाकरे गुट को कई मोर्चों पर झटके लगे हैं। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल आगामी चुनावों के मद्देनज़र एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं।

आगे क्या

राउत के 6 महीने में बदलाव के दावे और फडणवीस के संविधान-केंद्रित जवाब के बाद यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'रिजीम चेंज' की यह बहस विपक्षी एकता की कोशिशों का हिस्सा है, हालाँकि इसकी व्यावहारिक सफलता संदिग्ध बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली सवाल लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा का है। राउत के '6 महीने' वाले दावे हवाई हैं, लेकिन उनके पीछे विपक्षी एकता की बेचैनी झलकती है। दोनों पक्ष नैरेटिव की जंग लड़ रहे हैं — फडणवीस संविधान की आड़ में सत्ता की वैधता मज़बूत कर रहे हैं, और ठाकरे-राउत खेमा 'तानाशाही' के फ्रेम से जनाधार बनाने की कोशिश में है। इस शोर में असली राजनीतिक सवाल — महाराष्ट्र में जनता की ज़मीनी समस्याएँ — दब जाती हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर क्या तंज कसा?
फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपनी ही पार्टी शिवसेना में 'रिजीम चेंज' नहीं रोक पाए, इसलिए वे देश में किस 'रिजीम चेंज' की बात कर रहे हैं यह समझ से परे है। उन्होंने यह बात 18 अक्टूबर 2026 को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
'रिजीम चेंज' विवाद क्या है?
शिवसेना (यूबीटी) और विपक्षी नेताओं ने केंद्र में सत्ता परिवर्तन की माँग को 'रिजीम चेंज' कहते हुए समर्थन दिया है। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने आपत्ति जताई और कहा कि भारत में बदलाव केवल चुनाव के ज़रिए होगा, संविधान को नकारकर नहीं।
संजय राउत ने क्या दावा किया?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि 6 महीने के भीतर महाराष्ट्र और पूरे देश में सत्ता परिवर्तन लाया जाएगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप भी लगाया।
फडणवीस ने संविधान का ज़िक्र क्यों किया?
फडणवीस ने नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देशों की 'रिजीम चेंज' का संदर्भ देते हुए कहा कि भारत में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान है और यहाँ फैसले संसद में होते हैं। उनका इशारा था कि संविधान को नकारकर सत्ता बदलने की कोशिश भारत में नहीं चलेगी।
शिवसेना में विभाजन और इस विवाद का क्या संबंध है?
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 2022 में हुए शिवसेना विभाजन के बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को 'असली शिवसेना' की मान्यता दी। फडणवीस का तंज इसी पृष्ठभूमि में है — उद्धव गुट अपनी पार्टी का नाम और निशान नहीं बचा पाया, इसलिए उनके 'रिजीम चेंज' के दावे खोखले हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले