16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रशांत भूषण के 'रेजीम चेंज' बयान पर फडणवीस का पलटवार: 'मन की बात होठों पर आ ही गई'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रशांत भूषण के 'रेजीम चेंज' बयान पर फडणवीस का पलटवार: 'मन की बात होठों पर आ ही गई'

सारांश

प्रशांत भूषण के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में आग लगा दी। CM फडणवीस ने वीडियो क्लिप साझा कर विपक्ष को घेरा और कहा कि विरोध-प्रदर्शनों की आड़ में असली मकसद सत्ता हथियाना है। CJP ने सफाई दी, पर BJP ने उसे नाकाफी बताया।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 16 अक्टूबर को विपक्ष और CJP पर 'सत्ता परिवर्तन' एजेंडे का आरोप लगाया।
विवाद की शुरुआत प्रशांत भूषण द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'रेजीम चेंज' उद्देश्यों की खुली चर्चा से हुई।
फडणवीस ने भूषण का वीडियो साझा कर लिखा — 'आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई।' CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने देर रात सफाई देते हुए कहा कि उनकी माँग केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की थी।
BJP ने विपक्ष पर आंदोलन की आड़ में सुनियोजित अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को विपक्ष और सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) पर तीखा हमला बोला। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'सत्ता परिवर्तन' (रेजीम चेंज) के उद्देश्यों पर की गई खुली चर्चा को फडणवीस ने विपक्ष के 'असली एजेंडे' का खुलासा बताया। उन्होंने कहा कि जो बात अब तक छिपी थी, वह अब सार्वजनिक हो गई है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, 'हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब 'सत्ता परिवर्तन' (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।' उन्होंने आगे अपनी पोस्ट में जोड़ा, 'आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पड़े। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पड़े, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पड़े।'

विवाद की जड़

यह विवाद तब उठा जब प्रशांत भूषण ने CJP प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलकर 'सत्ता परिवर्तन' से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि विपक्ष शांतिपूर्ण आंदोलनों की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैला रहा है।

CJP की सफाई

तीखी आलोचना के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्टीकरण दिया। उनका कहना था कि उनके विरोध-प्रदर्शन का उद्देश्य 'सत्ता परिवर्तन' नहीं, बल्कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग करना था। हालाँकि, सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने इस सफाई को नकाफी बताया।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में चुनावी माहौल के बीच यह विवाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय पर उठा है। फडणवीस ने विपक्षी दलों पर 'आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने' का सीधा आरोप लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।

आगे क्या

इस पूरे प्रकरण ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई तल्खी पैदा की है। विपक्षी दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है — विपक्ष के किसी एक वक्तव्य को पूरे आंदोलन का 'असली चेहरा' बताकर उसकी विश्वसनीयता को कमज़ोर करना। सवाल यह भी है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग — जो CJP का घोषित उद्देश्य था — इस विवाद में दब कर रह जाएगी। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल एक गंभीर संवैधानिक मसला हैं, जिन पर बहस होनी चाहिए; लेकिन 'रेजीम चेंज' शब्द ने वह बहस पटरी से उतार दी है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत भूषण के 'रेजीम चेंज' बयान से क्या विवाद हुआ?
प्रशांत भूषण ने CJP प्रतिनिधियों और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'सत्ता परिवर्तन' के उद्देश्यों पर खुलकर चर्चा की। BJP और CM फडणवीस ने इसे विपक्ष के असली एजेंडे का खुलासा बताते हुए आंदोलनों की आड़ में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
CM फडणवीस ने इस विवाद पर क्या कहा?
फडणवीस ने भूषण का वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा कि 'आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विद्यार्थियों और किसानों को उकसाकर और जाति-भाषा के नाम पर द्वेष फैलाकर सत्ता हथियाना चाहता है।
CJP ने इस विवाद पर क्या सफाई दी?
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद 'सत्ता परिवर्तन' नहीं, बल्कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग करना था। सत्ताधारी गठबंधन ने इस सफाई को अपर्याप्त बताया।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह विवाद महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है। BJP इसे विपक्ष के खिलाफ एक प्रमुख आरोप के रूप में इस्तेमाल कर सकती है, जबकि विपक्ष की चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाई गई मूल माँग इस विवाद में पीछे छूटने का खतरा है।
AISA और CJP कौन हैं?
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) एक वामपंथी छात्र संगठन है, जिसकी अध्यक्ष नेहा बोरा हैं। सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) एक नागरिक अधिकार संगठन है, जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके हैं। दोनों संगठन चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले