फाल्टा पुनर्मतदान: शाम 5 बजे तक 86.11% वोटिंग, 285 बूथों पर शांति — 24 मई को नतीजे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर गुरुवार, 21 मई को पुनर्मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 285 मतदान केंद्रों में से किसी भी बूथ से हिंसा, तनाव या चुनावी अनियमितता की कोई सूचना नहीं मिली। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुसार, शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 86.11 दर्ज किया गया।
मतदान का अंतिम आँकड़ा
आधिकारिक मतदान समय शाम 6 बजे समाप्त होने के बाद भी कुछ बूथों पर कतार में खड़े मतदाताओं को मतदान का अवसर दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि अंतिम मतदान प्रतिशत की घोषणा 21 मई की शाम या 22 मई की सुबह तक की जा सकती है। CEO कार्यालय के एक सूत्र ने संकेत दिया कि अंतिम आँकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है — ठीक वैसे ही जैसा 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में देखा गया था।
पुनर्मतदान की पृष्ठभूमि
फाल्टा विधानसभा सीट पर पहले 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। उस दिन बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली की शिकायतें मिलने के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया। यह राज्य में चुनाव की विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में आयोग का एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक उपस्थिति
पुनर्मतदान के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 35 कंपनियाँ तैनात की गईं, जो किसी एक विधानसभा क्षेत्र के लिए असाधारण रूप से बड़ी तैनाती मानी जाती है। उल्लेखनीय रहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उसके उम्मीदवार जहांगीर खान मतदान स्थलों से लगभग अनुपस्थित रहे। खान ने पहले ही चुनाव न लड़ने की घोषणा कर दी थी, हालाँकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर उनका नाम गुरुवार को भी दर्ज था, इसलिए यह घोषणा औपचारिक रूप से प्रभावी नहीं हो सकी। इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के पोलिंग एजेंट सभी बूथों पर उपस्थित रहे।
उच्च मतदान का महत्त्व
CEO कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, पुनर्मतदान में इतना अधिक मतदान प्रतिशत — और वह भी ऐसी सीट पर जहाँ परिणाम से राज्य में सत्ता के समीकरणों में कोई बदलाव आने की संभावना नहीं है — अपने आप में महत्त्वपूर्ण है। इसका श्रेय भारत निर्वाचन आयोग की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मतदाताओं में यह विश्वास जगाने की उसकी सफलता को दिया जा रहा है कि वे निर्भय होकर मतदान कर सकते हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी हिंसा और धांधली की आशंकाएँ पहले से चर्चा में थीं।
आगे क्या
फाल्टा विधानसभा पुनर्मतदान के नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे। अंतिम मतदान प्रतिशत के आधिकारिक आँकड़े जल्द जारी होने की उम्मीद है।