फर्जी पासपोर्ट मामले में गुजरात एटीएस ने कांग्रेस नेत्री के बेटे हरिकेश पटेल को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने 16 सितंबर 2026 को गुजरात महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष गीताबेन पटेल के बेटे हरिकेश पटेल को फर्जी पासपोर्ट बनवाने और विदेश यात्रा में उसके कथित इस्तेमाल के मामले में अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। एटीएस के अनुसार, हरिकेश का मूल पासपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले से पटियाला हाउस कोर्ट में जमा था, इसके बावजूद उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पासपोर्ट हासिल किया।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
गुजरात एटीएस के एसपी के. सिद्धार्थ ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हरिकेश पटेल का मूल पासपोर्ट एक अदालती मामले में पहले से जमा था। इसके बाद भी उसने कथित तौर पर अलग फोटो और दस्तावेजों का उपयोग कर अहमदाबाद और गाज़ियाबाद स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (आरपीओ) से एक नया पासपोर्ट हासिल किया।
एटीएस ने बताया कि इस सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा करने के बाद एक विशेष जांच टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और ऑपरेशनल माध्यमों से जानकारी की पुष्टि की।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंध
एसपी सिद्धार्थ के अनुसार, यह प्रकरण वर्ष 2022 में ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा है। उस मामले में हरिकेश पटेल की भूमिका उजागर होने के बाद उसने पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। एटीएस के अनुसार, बाद में उसकी अग्रिम जमानत रद्द हो गई, जिसके बाद उसने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था।
एटीएस का आरोप है कि 2023-24 के दौरान अदालत में मूल पासपोर्ट जमा होने के बावजूद हरिकेश ने नया पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश की और इसके लिए दिल्ली में एक पासपोर्ट एजेंट की मदद ली।
एजेंट को कथित तौर पर ₹25 लाख का भुगतान
जांच में सामने आया है कि हरिकेश ने दिल्ली के एक एजेंट के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। आरोप है कि इस काम के लिए एजेंट को कथित तौर पर ₹25 लाख दिए गए। नए पासपोर्ट के ज़रिए वह नेपाल और भूटान की यात्रा करता था और वहाँ से बैंकॉक, दुबई और सिंगापुर भी जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि हरिकेश लंबे समय तक दुबई में रहा था।
पुराने आपराधिक मामले
एटीएस के मुताबिक, हरिकेश पटेल के खिलाफ इससे पूर्व नारणपुरा और क्राइम ब्रांच में धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हो चुके हैं और उन मामलों में उसे गिरफ्तार भी किया जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मियाँ और सियासी घटनाक्रम तेज़ है।
आगे की कार्रवाई
गुजरात एटीएस फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल कथित पासपोर्ट एजेंट की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित होगी।