नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ 'शिवाजी' का हमला, महिला सफाईकर्मी की मौत; SOP उल्लंघन की जांच
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 2 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में महिला सफाईकर्मी की बाघ के हमले में मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमला करने वाले बाघ की पहचान 'शिवाजी' के रूप में की गई है। घटना के तुरंत बाद वन विभाग और पुलिस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
यह हादसा पार्क के बाड़ा नंबर 16 के पास उस समय हुआ जब महिला अपनी दिनचर्या के अनुसार सफाई और रखरखाव का काम कर रही थी। अधिकारियों के अनुसार, बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी और उसे बचाया नहीं जा सका।
अधिकारियों की तत्काल प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अरुण प्रसाद, डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट आशीष व्यास, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जितेंद्र सिंह शेखावत और गौरव कुमार के साथ आमेर थाने के एसएचओ राजेंद्र गोदारा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक तथ्य जुटाए। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
SOP उल्लंघन और सुरक्षा खामियों की जांच
जांच के केंद्र में यह सवाल है कि क्या महिला के बाड़ा नंबर 16 के समीप जाने से पहले अनिवार्य स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन किया गया था। कुछ रिपोर्टों में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि बाड़े का गेट ठीक से बंद नहीं था, हालांकि अधिकारी इसकी पुष्टि अभी तक नहीं कर पाए हैं। वन विभाग और पार्क प्रशासन मिलकर यह तय करेंगे कि सुरक्षा नियमों में कहाँ चूक हुई और उसी आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नाहरगढ़ पार्क और सुरक्षा की समीक्षा
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क राजस्थान का एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इस घटना के बाद पार्क प्रशासन ने बाघ और अन्य खतरनाक वन्यजीवों के बाड़ों के आसपास रखरखाव कार्य से जुड़े सभी सुरक्षा नियमों और संचालन प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के चिड़ियाघरों और जैविक उद्यानों में कर्मचारी सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से देशभर के बायोलॉजिकल पार्कों में खतरनाक जानवरों के बाड़ों के पास काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों को और कड़ा किए जाने की जरूरत सामने आई है।