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नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ 'शिवाजी' का हमला, महिला सफाईकर्मी की मौत; SOP उल्लंघन की जांच

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नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ 'शिवाजी' का हमला, महिला सफाईकर्मी की मौत; SOP उल्लंघन की जांच

सारांश

जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ 'शिवाजी' ने बाड़ा नंबर 16 के पास सफाई कर रही एक महिला कर्मचारी पर हमला कर उसकी जान ले ली। घटना ने खतरनाक वन्यजीव बाड़ों के पास SOP पालन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, जयपुर में 2 सितंबर 2026 को बाघ के हमले में एक महिला सफाईकर्मी की मौत हो गई।
हमलावर बाघ की पहचान 'शिवाजी' के रूप में हुई; घटना बाड़ा नंबर 16 के पास हुई।
चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अरुण प्रसाद समेत वरिष्ठ वन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या SOP का पालन हुआ और बाड़े का गेट ठीक से बंद था या नहीं।
पुलिस ने शव को मोर्चरी भेजा; परिजनों को सूचित किया गया।
पार्क में बाघ व अन्य खतरनाक जानवरों के बाड़ों के पास सुरक्षा प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा शुरू।

जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 2 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में महिला सफाईकर्मी की बाघ के हमले में मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमला करने वाले बाघ की पहचान 'शिवाजी' के रूप में की गई है। घटना के तुरंत बाद वन विभाग और पुलिस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

यह हादसा पार्क के बाड़ा नंबर 16 के पास उस समय हुआ जब महिला अपनी दिनचर्या के अनुसार सफाई और रखरखाव का काम कर रही थी। अधिकारियों के अनुसार, बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी और उसे बचाया नहीं जा सका।

अधिकारियों की तत्काल प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अरुण प्रसाद, डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट आशीष व्यास, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जितेंद्र सिंह शेखावत और गौरव कुमार के साथ आमेर थाने के एसएचओ राजेंद्र गोदारा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक तथ्य जुटाए। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

SOP उल्लंघन और सुरक्षा खामियों की जांच

जांच के केंद्र में यह सवाल है कि क्या महिला के बाड़ा नंबर 16 के समीप जाने से पहले अनिवार्य स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन किया गया था। कुछ रिपोर्टों में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि बाड़े का गेट ठीक से बंद नहीं था, हालांकि अधिकारी इसकी पुष्टि अभी तक नहीं कर पाए हैं। वन विभाग और पार्क प्रशासन मिलकर यह तय करेंगे कि सुरक्षा नियमों में कहाँ चूक हुई और उसी आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

नाहरगढ़ पार्क और सुरक्षा की समीक्षा

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क राजस्थान का एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इस घटना के बाद पार्क प्रशासन ने बाघ और अन्य खतरनाक वन्यजीवों के बाड़ों के आसपास रखरखाव कार्य से जुड़े सभी सुरक्षा नियमों और संचालन प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के चिड़ियाघरों और जैविक उद्यानों में कर्मचारी सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से देशभर के बायोलॉजिकल पार्कों में खतरनाक जानवरों के बाड़ों के पास काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों को और कड़ा किए जाने की जरूरत सामने आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस प्रणालीगत लापरवाही का परिणाम हो सकता है जो देशभर के चिड़ियाघरों और जैविक उद्यानों में वर्षों से चली आ रही है। खतरनाक वन्यजीवों के बाड़ों के पास काम करने वाले सफाईकर्मी अक्सर सबसे कम प्रशिक्षित और सबसे कम सुरक्षित होते हैं। असली सवाल यह है कि क्या SOP केवल कागजों पर है या ज़मीन पर भी लागू होता है — और इस जवाब की जिम्मेदारी केवल पार्क प्रशासन की नहीं, बल्कि राज्य के वन विभाग और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की भी है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ के हमले में क्या हुआ?
2 सितंबर 2026 को जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ 'शिवाजी' ने बाड़ा नंबर 16 के पास सफाई कर रही एक महिला कर्मचारी पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अन्य कर्मचारियों के पहुंचने तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
हमले की जांच में क्या देखा जा रहा है?
अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या महिला के बाड़े के पास जाने से पहले अनिवार्य SOP का पालन किया गया था। कुछ रिपोर्टों में कथित तौर पर बाड़े का गेट ठीक से बंद न होने की बात भी कही जा रही है, जिसकी पुष्टि अभी बाकी है।
घटना के बाद कौन से अधिकारी मौके पर पहुंचे?
चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अरुण प्रसाद, डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट आशीष व्यास, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जितेंद्र सिंह शेखावत, गौरव कुमार और आमेर थाने के एसएचओ राजेंद्र गोदारा नाहरगढ़ पार्क पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जानकारी जुटाई।
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क जयपुर के निकट स्थित राजस्थान का एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इस घटना के बाद पार्क में सुरक्षा प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा शुरू की गई है।
इस घटना के बाद आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
वन विभाग और पार्क प्रशासन जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। साथ ही, खतरनाक वन्यजीवों के बाड़ों के पास काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों की समीक्षा और संभावित संशोधन भी किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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