स्लोवाकिया के PM रॉबर्ट फिचो ने मोदी को बताया 'राजनीतिक चमत्कार', सबसे लंबे निर्वाचित PM पर दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिचो ने 15 जून 2026 को ब्रातिस्लावा में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और इस उपलब्धि को 'राजनीतिक चमत्कार' की संज्ञा दी। फिचो ने भारत की लोकतांत्रिक ताकत और मोदी के नेतृत्व की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इतने विविध और जटिल राजनीतिक परिवेश में 12 वर्षों तक निरंतर नेतृत्व बनाए रखना असाधारण है।
फिचो के संबोधन की मुख्य बातें
फिचो ने कहा, 'मैं उस राजनीतिक स्थिरता को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता जिसका आप प्रतिनिधित्व करते हैं। मैं आपको बधाई देता हूँ कि आप भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'यह उपलब्धि एक राजनीतिक चमत्कार के समान है, और यह भारत की लोकतांत्रिक ताकत और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है।'
गौरतलब है कि यह प्रशंसा ऐसे समय में आई जब मोदी स्लोवाकिया के ऐतिहासिक आधिकारिक दौरे पर हैं — भारत की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऐसी यात्रा।
मैक्रों भी दे चुके हैं बधाई
स्लोवाकिया से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस में आयोजित भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को इसी उपलब्धि पर सार्वजनिक रूप से बधाई दी थी। मैक्रों ने कहा था, 'प्रधानमंत्री, मैं आपको आज़ाद भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में बधाई देता हूँ। यह सफर आपके दृढ़ निश्चय और आपके देश की ताकत का बखान करता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ दिनों से विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएँ दे रहे हैं।
ब्रातिस्लावा दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रातिस्लावा कैसल में औपचारिक स्वागत के बाद द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह दौरा केवल राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत और मध्य यूरोप के बीच संबंधों को नई दिशा देने का अवसर भी माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख
फिचो और मैक्रों जैसे यूरोपीय नेताओं की ओर से मिली सार्वजनिक प्रशंसा भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को रेखांकित करती है। विश्लेषकों के अनुसार, यूरोपीय नेताओं द्वारा भारतीय लोकतंत्र की इस तरह खुलकर सराहना करना असामान्य है और यह भारत-यूरोप संबंधों की मज़बूती का संकेत देता है।
आने वाले दिनों में मोदी के यूरोप दौरे के अन्य पड़ावों पर भी नज़र रहेगी, जहाँ द्विपक्षीय एजेंडे पर और ठोस घोषणाओं की संभावना है।