मुर्शिदाबाद के डोमकल से 5 किशोर लापता, जुमे की नमाज के बहाने निकले थे घर से
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल थाना क्षेत्र के श्रीकृष्णापुर गांव से पाँच किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। ये सभी किशोर शुक्रवार, 29 अगस्त को जुमे की नमाज़ पढ़ने के बहाने घर से निकले थे, लेकिन न तो मस्जिद पहुँचे और न ही घर वापस लौटे। परिवारों की शिकायत के बाद डोमकल पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
लापता सभी पाँचों किशोरों की उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच है और वे श्रीकृष्णापुर गांव के एक ही मोहल्ले में रहते थे। इनमें से चार किशोर एक ही स्थानीय स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि पाँचवाँ किशोर मूल रूप से कालीगंज का निवासी है और श्रीकृष्णापुर में अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था।
जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवारों के अनुसार पाँचों किशोर शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज़ के लिए घर से निकले थे। जब देर दोपहर तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजन चिंतित हो उठे और उस मस्जिद में जाकर पूछताछ की जहाँ जाने की बात किशोरों ने कही थी। पता चला कि उनमें से कोई भी वहाँ नहीं पहुँचा था।
परिवारों की रात भर की तलाश
मस्जिद से निराश लौटने के बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद शुक्रवार आधी रात को परिवार वाले डोमकल पुलिस स्टेशन पहुँचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया।
पुलिस की जाँच में क्या संभावनाएँ
जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'इस बात की काफी संभावना है कि ये पाँचों किशोर नौकरी की तलाश में कहीं गए हों। साथ ही, उनके अपहरण की संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए हम सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जाँच कर रहे हैं। आखिर, एक ही समय में पाँच किशोरों का एक साथ लापता होना कोई मामूली बात नहीं है।'
जाँच अधिकारी फिलहाल स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी ने इन किशोरों को आखिरी बार एक साथ देखा था।
आम जनता और परिवारों पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुर्शिदाबाद जिले में किशोरों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ बनी हुई हैं। पाँच किशोरों का एक साथ लापता होना गांव में दहशत का माहौल बना गया है। परिजन प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस अपहरण और स्वेच्छा से घर छोड़ने — दोनों कोणों से जाँच कर रही है। स्थानीय सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा की भी जाँच किए जाने की संभावना है। जब तक किशोर नहीं मिलते, डोमकल पुलिस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखेगी।