विदेश मंत्रालय ने उर्वरक इकाइयों के बंद होने और खाद्य संकट की अफवाहों को किया खारिज

Click to start listening
विदेश मंत्रालय ने उर्वरक इकाइयों के बंद होने और खाद्य संकट की अफवाहों को किया खारिज

सारांश

विदेश मंत्रालय ने एलएनजी कमी के चलते उर्वरक इकाइयों के बंद होने की खबरों को फर्जी बताया। मंत्रालय ने जनता से भ्रामक दावों से सावधान रहने की अपील की है। जानिए इस मामले में क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • विदेश मंत्रालय ने उर्वरक इकाइयों के बंद होने की खबरों को फर्जी बताया।
  • सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
  • आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह किया गया है।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को उन खबरों का खंडन किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं। इनमें कहा गया था कि देश में एलएनजी (एलएनजी) की कमी के कारण उर्वरक उत्पादन इकाइयाँ बंद हो रही हैं, जिसके चलते आगामी सीजन में खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ सकता है। मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह “फर्जी” और निराधार करार दिया है।

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक चेतावनी जारी की, जिसमें कहा गया, “ऐसे झूठे और भ्रामक दावों से सावधान रहें।” मंत्रालय ने उन फर्जी पोस्टों की तस्वीरें भी साझा की, जिसमें कहा गया था कि “अगले गेहूं फसल सीजन (मार्च) तक भारी खाद्य संकट होगा” और “भारत में अमोनिया व यूरिया संयंत्रों के बंद होने का नक्शा” प्रदर्शित किया गया था।

इस वायरल नक्शे में यह दावा किया गया था कि “एलएजी आपूर्ति बाधित होने से दक्षिण एशिया में उर्वरक संयंत्र बंद” होंगे। हालांकि, मंत्रालय ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने इससे पहले भी खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच भारतीयों की निकासी को लेकर फैल रही अफवाहों का खंडन किया था। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में दावा किया गया था कि सरकार ने भारतीय नागरिकों को निकासी के लिए ‘मदद’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दावा भ्रामक है। प्रवक्ता के अनुसार, “पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय दूतावासों और विदेश मंत्रालय ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन शुरू की है, न कि निकासी के लिए कोई निर्देश जारी किया गया है।”

इसके अलावा, मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में कथित ईरान फंडिंग घोटाले और यह दावा भी खारिज किया कि एक भारतीय तेल टैंकर को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए चीनी मुद्रा ‘युआन’ में भुगतान करना पड़ा।

विदेश मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों का ही भरोसा करें।

Point of View

बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकारी संस्थान कितनी सक्रियता से जनता को सही जानकारी प्रदान करने के लिए तत्पर हैं। ऐसे में हमें केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।
NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या विदेश मंत्रालय ने उर्वरक इकाइयों के बंद होने की खबरों को खारिज किया है?
हाँ, विदेश मंत्रालय ने इन खबरों को फर्जी और निराधार बताया है।
क्या एलएनजी की कमी के कारण खाद्यान्न संकट होगा?
विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
Nation Press