गदग KRIDL इंजीनियर परवेज धारवाड़ का सुसाइड नोट, ₹6 करोड़ फंड संकट के बाद 13 सितंबर से लापता
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गदग जिले में कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड (KRIDL) के सबडिवीजन में तैनात सहायक कार्यकारी अभियंता परवेज धारवाड़ 13 सितंबर 2026 से लापता हैं। उनके द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट सामने आने के बाद परिवार और प्रशासन दोनों गहरी चिंता में हैं। पत्र में उन्होंने फंड की भारी कमी, ग्रुप लीडर्स के लगातार दबाव और मानसिक तनाव को अपनी पीड़ा का कारण बताया है।
पृष्ठभूमि और घटनाक्रम
परवेज धारवाड़ ने 12 सितंबर 2026 को KRIDL बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर को एक औपचारिक पत्र लिखा, जिसमें गदग सबडिवीजन में धन की कमी से उत्पन्न समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया। अगले दिन, 13 सितंबर को वे बेंगलुरु में एक बैठक में भाग लेने गए और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने 16 सितंबर को बेतागेरी एक्सटेंशन पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकारी विभागों में फंड डायवर्जन और बजट की कमी से जुड़े मामले कर्नाटक में पहले से ही चर्चा में रहे हैं। गौरतलब है कि एक सरकारी अभियंता द्वारा इस तरह का सुसाइड नोट लिखना और लापता होना विभागीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा
पत्र में परवेज धारवाड़ ने बताया कि गदग सबडिवीजन में फंड डायवर्जन के कारण कई काम ठप पड़ गए हैं। पूरे हो चुके कार्यों के लिए ग्रुप लीडर्स को भुगतान नहीं हो पा रहा। इससे जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से लगातार शिकायतें आ रही हैं और विभाग को फटकार झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ पुराने कामों के लिए अन्य विभागों से फंड नहीं मिला और विभाग को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। लगभग ₹6 करोड़ के फंड को जारी करने के लिए पत्र लिखा गया, लेकिन राशि जारी नहीं हुई। इसके अलावा केंद्रीय कार्यालय में उपलब्ध लगभग ₹2 करोड़ का फंड भी समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया।
पत्र में उन्होंने लिखा, 'ग्रुप लीडर्स रोज परेशान कर रहे हैं, घर के सामने आकर और ऑफिस में चिल्लाकर हंगामा करते हैं।' उन्होंने बेलगाम जोनल ऑफिस की प्रगति बैठक में अपने कार्यकारी अभियंता के साथ इस समस्या की जानकारी साझा करने का भी उल्लेख किया।
अंतिम पंक्तियाँ और अपील
पत्र के अंत में परवेज धारवाड़ ने लिखा, 'इस मामले ने मुझे और मेरी मानसिक सेहत को हर दिन बर्बाद कर दिया है। मेरी निजी जिंदगी और मन की शांति खत्म हो गई है। मैं इसी पीड़ा में जी रहा हूं और अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। मुझे माफ कर दें, मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मैं खुद स्थिति को संभालने में फेल हो गया, मुझे माफ कर दें।'
उन्होंने KRIDL के मैनेजिंग डायरेक्टर से अपील की कि गदग सबडिवीजन के लिए फंड की कमी दूर की जाए, एक अन्य सहायक कार्यकारी अभियंता नियुक्त किया जाए और उनके परिवार को परेशान न किया जाए।
परिवार और पुलिस की स्थिति
सुसाइड नोट सामने आने के बाद परवेज धारवाड़ का परिवार अत्यंत चिंतित बताया जा रहा है। बेतागेरी एक्सटेंशन पुलिस मामले की जाँच कर रही है। अब तक 13 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस उन्हें ढूंढने के प्रयास जारी रखे हुए है।
सरकारी अभियंताओं पर बढ़ता दबाव
यह मामला सरकारी परियोजनाओं में फंड की अनिश्चितता और मैदानी अधिकारियों पर पड़ने वाले असहनीय दबाव को उजागर करता है। आलोचकों का कहना है कि जब केंद्रीय या उच्च कार्यालय समय पर फंड जारी नहीं करते, तो जमीनी स्तर के अधिकारियों को ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। मामले की जाँच और KRIDL के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही पर अभी स्पष्टता आना बाकी है।