8 अगस्त 2026
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गंडकी प्रांत ने दी गांजा खेती को कानूनी मंजूरी, नेपाल में पहला प्रांत — दवा व उद्योग तक सीमित

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गंडकी प्रांत ने दी गांजा खेती को कानूनी मंजूरी, नेपाल में पहला प्रांत — दवा व उद्योग तक सीमित

सारांश

नेपाल के गंडकी प्रांत ने औषधीय और औद्योगिक गांजा खेती को वैध कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है — देश में यह पहला ऐसा प्रांत है। बिहार सीमा से सटे इस क्षेत्र में कड़े लाइसेंसिंग तंत्र के साथ रोज़गार और राजस्व का लक्ष्य है, लेकिन विस्तृत नियमावली अभी बननी बाकी है।

मुख्य बातें

गंडकी प्रांत नेपाल का पहला प्रांत बना जिसने औषधीय और औद्योगिक गांजा खेती को कानूनी मंजूरी दी।
प्रांत प्रमुख दिलिराज भट्टा ने 8 अगस्त 2026 को विधेयक पर हस्ताक्षर किए।
कानून सख्त लाइसेंसिंग प्रणाली के तहत लागू होगा — आम उपभोग के लिए गांजा वैध नहीं; उल्लंघन पर आपराधिक दंड ।
कानून राज्य राजपत्र में प्रकाशन के बाद लागू होगा; लाइसेंस जारी करने से पहले विस्तृत नियमावली बनाना बाकी।
उद्देश्य: उपयुक्त भूमि पर रोज़गार सृजन और राजस्व अर्जन ; उत्पादन पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में।
विधेयक एक संवैधानिक विवाद के समाधान के बाद पारित हुआ जो प्रांत के विधायी अधिकार क्षेत्र से जुड़ा था।

नेपाल के गंडकी प्रांत ने 8 अगस्त 2026 को औषधीय और औद्योगिक प्रयोजनों के लिए गांजे की व्यावसायिक खेती को आधिकारिक रूप से वैध कर दिया है, जिससे यह प्रांत नेपाल में इस तरह का कानून बनाने वाला पहला प्रांत बन गया है। गंडकी प्रांत प्रमुख दिलिराज भट्टा ने सोमवार को इस विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जो बिहार की सीमा से सटे इस क्षेत्र में कमर्शियल कैनेबिस खेती के लिए देश के सबसे व्यापक नियामक ढाँचों में से एक स्थापित करता है।

कानून की मुख्य विशेषताएँ

यह अधिनियम एक कड़े लाइसेंसिंग तंत्र के तहत काम करेगा और इसका दायरा केवल दवा निर्माण तथा औद्योगिक कच्चे माल तक सीमित रखा गया है। आम उपभोग के लिए गांजे को वैध नहीं किया गया है और उल्लंघन पर आपराधिक दंड का प्रावधान भी इसमें शामिल है। कानून के अनुसार, उत्पादन पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहेगा।

कानून में 'भांग' को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है — इसमें पौधे की पत्तियाँ, फूल, बीज, फल, प्राकृतिक रेजिन और अर्क शामिल हैं। वहीं डंठल, फाइबर, छाल, जड़ें और अन्य हिस्से जिनका उपयोग औद्योगिक कच्चे माल या फार्मास्युटिकल सामग्री के रूप में होना है, उन्हें 'भांग-व्युत्पन्न उत्पाद' की अलग श्रेणी में रखा गया है।

औषधीय और औद्योगिक उपयोग की परिभाषा

कानून के तहत औषधीय उपयोग का अर्थ है — नेपाल के औषधि प्रशासन विभाग में पंजीकृत फार्मास्युटिकल निर्माताओं को आपूर्ति की जाने वाली भांग, अथवा लाइसेंसधारी चिकित्सा पेशेवरों की सिफारिश पर तैयार की गई सामग्री। औद्योगिक उपयोग में फाइबर, बीज उत्पाद, तेल, वस्त्र और अन्य औद्योगिक कच्चे माल का निर्माण शामिल है।

यह अंतर कानून का केंद्रीय आधार है — यह उन हिस्सों को स्पष्ट रूप से अलग करता है जिनका नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग हो सकता है, उन हिस्सों से जिनका उपयोग दवाएँ, फाइबर, वस्त्र और तेल बनाने में किया जाना है।

संवैधानिक विवाद और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह विधेयक एक संवैधानिक विवाद के बाद आया है, जिसमें यह सवाल उठा था कि क्या प्रांत ने अपने विधायी अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। इस विवाद के समाधान के बाद ही प्रांत प्रमुख ने विधेयक पर हस्ताक्षर किए। कानून राज्य के राजपत्र में प्रकाशित होते ही लागू हो जाएगा, हालाँकि खेती के लाइसेंस जारी करने से पहले विस्तृत नियमावली और क्रियान्वयन दिशानिर्देश तैयार करना अभी बाकी है।

आर्थिक लक्ष्य और रोज़गार

रिपोर्टों के अनुसार, इस कानून का प्रमुख उद्देश्य उपयुक्त भूमि पर व्यावसायिक कैनेबिस खेती की अनुमति देकर रोज़गार सृजन और राजस्व अर्जन करना है। गंडकी प्रांत की भौगोलिक स्थिति — जो भारत के बिहार राज्य की सीमा से सटी है — इसे कृषि और औद्योगिक दृष्टि से रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण बनाती है।

यह कदम ऐसे समय में आया है जब नेपाल के कई प्रांत आर्थिक विविधीकरण के लिए नई नीतियाँ तलाश रहे हैं। गंडकी के इस फैसले से नेपाल के अन्य प्रांतों में भी इसी तरह के कानून बनाने की माँग उठ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नेपाल में कैनेबिस विनियमन की दिशा में एक परीक्षण-भूमि है। असली सवाल यह है कि क्या 'औषधीय और औद्योगिक' की यह कानूनी परिभाषा ज़मीन पर लागू करना उतना ही आसान होगा — विशेष रूप से बिहार जैसे संवेदनशील भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र के निकट, जहाँ तस्करी के रास्ते पहले से सक्रिय हैं। विस्तृत नियमावली अभी बननी बाकी है, और बिना मज़बूत क्रियान्वयन तंत्र के यह कानून सिर्फ कागज़ी ढाँचा बनकर रह सकता है। नेपाल के अन्य प्रांत इस प्रयोग को ध्यान से देख रहे होंगे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंडकी प्रांत का गांजा खेती कानून क्या है?
यह नेपाल के गंडकी प्रांत द्वारा 8 अगस्त 2026 को पारित वह कानून है जो केवल औषधीय और औद्योगिक प्रयोजनों के लिए गांजे की व्यावसायिक खेती को वैध बनाता है। यह नेपाल में किसी प्रांत द्वारा बनाया गया इस तरह का पहला कानून है और इसमें कड़े लाइसेंसिंग व सरकारी नियंत्रण का प्रावधान है।
क्या गंडकी में गांजे का आम उपभोग भी वैध हो गया है?
नहीं। यह कानून विशेष रूप से केवल दवा निर्माण और औद्योगिक उपयोग तक सीमित है। आम उपभोग के लिए गांजे को वैध नहीं किया गया है और उल्लंघन पर आपराधिक दंड का प्रावधान बरकरार रखा गया है।
यह कानून कब से लागू होगा?
राज्य के राजपत्र में प्रकाशित होते ही यह कानून प्रभाव में आ जाएगा। हालाँकि खेती के लाइसेंस जारी करने से पहले विस्तृत नियमावली और क्रियान्वयन दिशानिर्देश तैयार करना अभी बाकी है।
इस कानून में औषधीय और औद्योगिक उपयोग को कैसे परिभाषित किया गया है?
औषधीय उपयोग के तहत नेपाल के औषधि प्रशासन विभाग में पंजीकृत फार्मास्युटिकल निर्माताओं को आपूर्ति या लाइसेंसधारी चिकित्सकों की सिफारिश पर तैयार सामग्री शामिल है। औद्योगिक उपयोग में फाइबर, तेल, वस्त्र, बीज उत्पाद और अन्य कच्चे माल का निर्माण शामिल है।
बिहार सीमा के पास इस कानून का क्या महत्त्व है?
गंडकी प्रांत भारत के बिहार राज्य की सीमा से सटा है, जिससे यह कानून सीमापार व्यापार, तस्करी नियंत्रण और क्षेत्रीय आर्थिक नीति के नज़रिए से विशेष महत्त्व रखता है। कानून का उद्देश्य वैध कृषि गतिविधि के माध्यम से रोज़गार और राजस्व सृजन करना है।
राष्ट्र प्रेस
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