गांधीनगर के शाहपुर, कांठा और वेडा आरोग्य मंदिरों को NQAS प्रमाणपत्र, 12 स्वास्थ्य मानकों पर 90% से अधिक स्कोर
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर जिले के शाहपुर, कांठा और वेडा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने 26 जून 2026 को एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की — केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन तीनों स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणपत्र प्रदान किया है। वर्चुअल असेसमेंट में इन केंद्रों को 12 प्रमुख स्वास्थ्य मानकों पर 90 प्रतिशत से अधिक समग्र स्कोर प्राप्त हुआ।
क्या है NQAS प्रमाणपत्र और कैसे मिला
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र की ओर से देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने डिजिटल माध्यम से वर्चुअल असेसमेंट किया, जिसमें 6 विभागों की संयुक्त टीम ने मूल्यांकन किया। जिला गुणवत्ता आश्वासन चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेश वी पारिख के अनुसार, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित चेकलिस्ट और मानदंडों पर इन केंद्रों को सफलता मिली है।
डॉ. पारिख ने यह भी बताया कि बेड़ा, कांठा और शाहपुर जैसे कई गाँव राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरे हैं और आने वाले समय में कई अन्य अस्पताल भी इस सूची में शामिल होंगे।
कौन-सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं इन केंद्रों पर
इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। इनमें ओरल हेल्थ केयर, प्राइमरी आई, ईयर, नोज एवं थ्रोट केयर, एंटीनेटल केयर, मैटरनिटी सर्विसेज, नियोनेटल एवं चाइल्ड हेल्थ सर्विसेज, मेंटल हेल्थ केयर, गैर-संचारी रोग प्रबंधन और मरीजों को मुफ्त दवाओं का वितरण शामिल हैं। इसके अलावा 14 प्रकार के लैब टेस्ट भी इन केंद्रों पर उपलब्ध हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के डॉ. कीर्ति दास चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रम यहाँ पूरे किए जाते हैं और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए भी नियमित कार्यक्रम आयोजित होते हैं। टीबी उन्मूलन और वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत भी सेवाएँ दी जा रही हैं।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी हीतेंद्र राठौड़ ने बताया कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर यहाँ प्राथमिक सुविधा मिल जाती है। उन्होंने कहा कि मलेरिया, टीबी सहित तमाम बीमारियों का इलाज यहाँ होता है और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध है।
एक अन्य निवासी संगीताबेन प्रजापति ने बताया कि बीपी और डायबिटीज की दवाएँ यहाँ निःशुल्क मिलती हैं और सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा भी दी जा रही है। डॉ. जाहिद के अनुसार, NQAS प्रमाणन भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण मान्यता है, जिसके तहत 6 विभागों की टीम मूल्यांकन करती है।
राज्य सरकार की भूमिका और व्यापक संदर्भ
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब गुजरात सरकार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में 'स्वस्थ गुजरात, समृद्ध गुजरात' की प्रतिबद्धता के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि NQAS प्रमाणन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए देश में गुणवत्ता का सर्वोच्च मानक माना जाता है।
गांधीनगर की यह सफलता राज्य के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। डॉ. पारिख ने संकेत दिया कि जिले के और भी स्वास्थ्य केंद्र शीघ्र ही इस राष्ट्रीय मान्यता के लिए तैयार किए जाएंगे।