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गांधीनगर के शाहपुर, कांठा और वेडा आरोग्य मंदिरों को NQAS प्रमाणपत्र, 12 स्वास्थ्य मानकों पर 90% से अधिक स्कोर

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गांधीनगर के शाहपुर, कांठा और वेडा आरोग्य मंदिरों को NQAS प्रमाणपत्र, 12 स्वास्थ्य मानकों पर 90% से अधिक स्कोर

सारांश

गांधीनगर के शाहपुर, कांठा और वेडा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने 12 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों पर 90% से अधिक स्कोर हासिल कर NQAS प्रमाणपत्र पाया — यह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की उस कसौटी पर खरा उतरना है जिसे देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हासिल करने के लिए जूझते हैं।

मुख्य बातें

गांधीनगर के शाहपुर , कांठा और वेडा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने NQAS प्रमाणपत्र प्रदान किया।
तीनों केंद्रों को 12 प्रमुख स्वास्थ्य मानकों पर 90 प्रतिशत से अधिक समग्र स्कोर मिला।
इन केंद्रों पर 14 प्रकार के लैब टेस्ट , निःशुल्क दवाएँ, टीबी उन्मूलन, बीपी-डायबिटीज-कैंसर की स्क्रीनिंग सहित 12 प्रकार की सेवाएँ उपलब्ध हैं।
मूल्यांकन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र की टीम ने डिजिटल वर्चुअल असेसमेंट के माध्यम से किया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार की 'स्वस्थ गुजरात, समृद्ध गुजरात' नीति के तहत यह उपलब्धि हासिल हुई।

गांधीनगर जिले के शाहपुर, कांठा और वेडा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने 26 जून 2026 को एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की — केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन तीनों स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणपत्र प्रदान किया है। वर्चुअल असेसमेंट में इन केंद्रों को 12 प्रमुख स्वास्थ्य मानकों पर 90 प्रतिशत से अधिक समग्र स्कोर प्राप्त हुआ।

क्या है NQAS प्रमाणपत्र और कैसे मिला

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र की ओर से देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने डिजिटल माध्यम से वर्चुअल असेसमेंट किया, जिसमें 6 विभागों की संयुक्त टीम ने मूल्यांकन किया। जिला गुणवत्ता आश्वासन चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेश वी पारिख के अनुसार, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित चेकलिस्ट और मानदंडों पर इन केंद्रों को सफलता मिली है।

डॉ. पारिख ने यह भी बताया कि बेड़ा, कांठा और शाहपुर जैसे कई गाँव राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरे हैं और आने वाले समय में कई अन्य अस्पताल भी इस सूची में शामिल होंगे।

कौन-सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं इन केंद्रों पर

इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। इनमें ओरल हेल्थ केयर, प्राइमरी आई, ईयर, नोज एवं थ्रोट केयर, एंटीनेटल केयर, मैटरनिटी सर्विसेज, नियोनेटल एवं चाइल्ड हेल्थ सर्विसेज, मेंटल हेल्थ केयर, गैर-संचारी रोग प्रबंधन और मरीजों को मुफ्त दवाओं का वितरण शामिल हैं। इसके अलावा 14 प्रकार के लैब टेस्ट भी इन केंद्रों पर उपलब्ध हैं।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर के डॉ. कीर्ति दास चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रम यहाँ पूरे किए जाते हैं और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए भी नियमित कार्यक्रम आयोजित होते हैं। टीबी उन्मूलन और वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत भी सेवाएँ दी जा रही हैं।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी हीतेंद्र राठौड़ ने बताया कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर यहाँ प्राथमिक सुविधा मिल जाती है। उन्होंने कहा कि मलेरिया, टीबी सहित तमाम बीमारियों का इलाज यहाँ होता है और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध है।

एक अन्य निवासी संगीताबेन प्रजापति ने बताया कि बीपी और डायबिटीज की दवाएँ यहाँ निःशुल्क मिलती हैं और सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा भी दी जा रही है। डॉ. जाहिद के अनुसार, NQAS प्रमाणन भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण मान्यता है, जिसके तहत 6 विभागों की टीम मूल्यांकन करती है।

राज्य सरकार की भूमिका और व्यापक संदर्भ

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब गुजरात सरकार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में 'स्वस्थ गुजरात, समृद्ध गुजरात' की प्रतिबद्धता के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि NQAS प्रमाणन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए देश में गुणवत्ता का सर्वोच्च मानक माना जाता है।

गांधीनगर की यह सफलता राज्य के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। डॉ. पारिख ने संकेत दिया कि जिले के और भी स्वास्थ्य केंद्र शीघ्र ही इस राष्ट्रीय मान्यता के लिए तैयार किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि यह मूल्यांकन वर्चुअल माध्यम से हुआ — जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता की स्वतंत्र जाँच अभी भी एक खुला प्रश्न है। गुजरात में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति असमान रही है, और तीन केंद्रों की सफलता पूरे जिले या राज्य की तस्वीर नहीं बताती। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह मानक टिकाऊ है और क्या शेष केंद्र भी इस कसौटी पर खरे उतर सकते हैं — केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि मरीजों के अनुभव में वास्तविक सुधार ही इस पहल की सफलता का पैमाना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NQAS प्रमाणपत्र क्या है और यह किसे दिया जाता है?
NQAS यानी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को दिया जाता है जो 12 निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इस प्रमाणन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र की 6 विभागों की टीम मूल्यांकन करती है।
गांधीनगर के किन आरोग्य मंदिरों को NQAS प्रमाणपत्र मिला?
गांधीनगर जिले के शाहपुर, कांठा और वेडा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को यह प्रमाणपत्र मिला है। तीनों केंद्रों ने 12 प्रमुख स्वास्थ्य मानकों पर 90 प्रतिशत से अधिक समग्र स्कोर हासिल किया।
इन आरोग्य मंदिरों पर मरीजों को कौन-सी सुविधाएँ मुफ्त मिलती हैं?
इन केंद्रों पर चिकित्सीय परामर्श, 14 प्रकार के लैब टेस्ट और दवाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। इसके अलावा बीपी, डायबिटीज और कैंसर की स्क्रीनिंग, मलेरिया-टीबी उपचार, मातृत्व सेवाएँ और एंबुलेंस सुविधा भी दी जाती है।
NQAS असेसमेंट कैसे किया गया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने डिजिटल माध्यम से वर्चुअल असेसमेंट किया, जिसमें 6 विभागों की संयुक्त टीम ने नई दिल्ली द्वारा निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर मूल्यांकन किया।
क्या गांधीनगर के अन्य स्वास्थ्य केंद्र भी NQAS के लिए तैयार हो रहे हैं?
जिला गुणवत्ता आश्वासन चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेश वी पारिख के अनुसार, जिले के कई अन्य अस्पताल भी शीघ्र ही NQAS की सूची में शामिल होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि बेड़ा, कांठा और शाहपुर की सफलता अन्य केंद्रों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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