ईंधन-एलपीजी संकट पर गहलोत का हमला: 'जोधपुर में 40% पंप खाली, सरकार सच छुपा रही है'

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ईंधन-एलपीजी संकट पर गहलोत का हमला: 'जोधपुर में 40% पंप खाली, सरकार सच छुपा रही है'

सारांश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में ईंधन और एलपीजी की कथित कमी को लेकर राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार जोधपुर के 40% पेट्रोल पंप खाली हैं और पंप संचालकों को आपूर्ति सीमित करने के मौखिक निर्देश मिले हैं — जबकि सरकार सब सामान्य बताती रही है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 19 मई 2025 को राजस्थान सरकार पर ईंधन व एलपीजी संकट में जनता को 'गुमराह' करने का आरोप लगाया।
कथित तौर पर जोधपुर के 40 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है।
पेट्रोल पंप संचालक कथित तौर पर एक बार में ₹1,000 से अधिक ईंधन देने से मना कर रहे हैं।
कई इलाकों में लगातार कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने का दावा।
गहलोत ने सरकार से माँग की कि वह पारदर्शिता के साथ असली स्थिति जनता के सामने रखे।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 19 मई 2025 को राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जोधपुर सहित राजस्थान के कई हिस्सों में ईंधन और एलपीजी की भारी कमी है, लेकिन सरकार जनता को 'गुमराह' कर रही है। उन्होंने माँग की कि संकट के इस दौर में सरकार पारदर्शिता के साथ असली स्थिति सामने रखे ताकि लोग वैकल्पिक इंतजाम कर सकें।

मुख्य आरोप: क्या कहा गहलोत ने

गहलोत ने अपने आवास पर मिलने आए जोधपुर के लोगों के हवाले से दावा किया कि शहर के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सीमित मात्रा में की जा रही है, जबकि कई पंपों पर ईंधन कथित तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि जोधपुर के लगभग 40 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं है।

गहलोत ने कहा, 'जोधपुर से जयपुर की यात्रा करने वाले लोगों को तीन से चार बार ईंधन भरवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि पेट्रोल पंप कथित तौर पर एक बार में ₹1,000 से अधिक का ईंधन देने से मना कर रहे हैं।'

एलपीजी आपूर्ति पर भी सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में लगातार कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार लगातार दावा कर रही है कि पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक कथित तौर पर यह कह रहे हैं कि उन्हें ईंधन आपूर्ति सीमित करने के मौखिक निर्देश मिले हैं।

गहलोत के अनुसार, इस स्थिति के कारण पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और आम जनता परेशान है।

सरकार की प्रतिक्रिया और विरोधाभास

गहलोत ने सरकार के रुख और ज़मीनी हकीकत के बीच विरोधाभास को उजागर किया। उनके अनुसार, राज्य सरकार आपूर्ति सामान्य होने के दावे करती रही है, जबकि पंप संचालकों को आपूर्ति घटाने के अनौपचारिक निर्देश मिल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पुष्टि वाली जानकारी और अफवाहों के फैलने से जनता में घबराहट और अफरा-तफरी बढ़ सकती है।

गहलोत ने कहा, 'यह संकट का समय है। झूठ बोलने और भ्रम फैलाने के बजाय, सरकार को सच बताना चाहिए ताकि लोग खुद को तैयार कर सकें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।'

आम जनता पर असर

कथित ईंधन संकट का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो जोधपुर से लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं या जिनके घरों में रसोई गैस खत्म हो गई है। सीमित मात्रा में ईंधन मिलने से यात्री कई पंपों पर रुकने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे समय और संसाधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

क्या होगा आगे

गहलोत ने राजस्थान सरकार से माँग की है कि वह तत्काल पारदर्शी बयान जारी करे और ईंधन तथा एलपीजी आपूर्ति की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखे। यह देखना होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है या नहीं और क्या आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे सरकार की ओर से स्पष्ट खंडन या पुष्टि की माँग करते हैं। राजस्थान सरकार की चुप्पी — यदि वह बनी रहती है — खुद एक जवाब है। यह भी गौरतलब है कि सीमा-क्षेत्र या आपात स्थितियों में ईंधन आपूर्ति प्रबंधन एक नीतिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार न करना और 'सब सामान्य है' कहना — यही वह विरोधाभास है जो जनता का भरोसा तोड़ता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
गहलोत ने आरोप लगाया है कि राजस्थान सरकार जोधपुर सहित कई इलाकों में ईंधन और एलपीजी की कमी की असली स्थिति जनता से छुपा रही है। उनके अनुसार सरकार 'सब सामान्य है' का दावा करती है, जबकि पंप संचालकों को आपूर्ति सीमित करने के मौखिक निर्देश मिले हैं।
जोधपुर में ईंधन संकट कितना गंभीर है?
गहलोत के दावे के अनुसार जोधपुर के लगभग 40 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है। पंप एक बार में ₹1,000 से अधिक का ईंधन देने से कथित तौर पर मना कर रहे हैं, जिससे जोधपुर से जयपुर जाने वाले यात्रियों को रास्ते में तीन-चार बार रुकना पड़ रहा है।
क्या राजस्थान में एलपीजी की भी कमी है?
गहलोत के अनुसार कुछ इलाकों में लगातार कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। हालाँकि राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से एलपीजी या ईंधन की किसी कमी से इनकार किया है।
गहलोत ने राजस्थान सरकार से क्या माँग की है?
गहलोत ने माँग की है कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ ईंधन और एलपीजी आपूर्ति की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखे। उनका कहना है कि सच बताने से लोग खुद को तैयार कर सकते हैं और वैकल्पिक इंतजाम कर सकते हैं।
अफवाहों और बिना पुष्टि की जानकारी से क्या खतरा है?
गहलोत ने चेतावनी दी है कि बिना पुष्टि वाली जानकारी और अफवाहों के फैलने से जनता में घबराहट और अफरा-तफरी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इससे बचने का एकमात्र तरीका सरकार द्वारा समय पर और सटीक जानकारी साझा करना है।
राष्ट्र प्रेस
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