जर्मन कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर-पीथमपुर के उद्योग व IT इकोसिस्टम का किया दो दिवसीय अवलोकन
सारांश
मुख्य बातें
जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने 11 जून 2026 को मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के तहत इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक अधोसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रगति और निवेश संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। यह यात्रा मध्य प्रदेश और जर्मनी के बीच औद्योगिक एवं आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पीथमपुर स्थित महले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की उत्पादन इकाई का भ्रमण करते हुए हॉलियर ने वहाँ की विनिर्माण प्रक्रियाओं और औद्योगिक व्यवस्थाओं को करीब से समझा। इसके पश्चात इंदौर स्थित इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का दौरा कर उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विकसित हो रहे नवाचारों और सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
एमपीआईडीसी की भूमिका
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने कॉन्सुलेट जनरल को इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, निवेश अवसरों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और व्यापारिक संभावनाओं से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना, उद्योग-अनुकूल वातावरण, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन
औद्योगिक दौरे के साथ-साथ क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को भी जाना। उन्होंने राजवाड़ा और लालबाग पैलेस का भ्रमण कर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन संभावनाओं की सराहना की।
जर्मन निवेश की संभावनाएँ
हॉलियर ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग निरंतर मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार, इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएँ रखता है, और भविष्य में यह जर्मन निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। गौरतलब है कि जर्मनी भारत के प्रमुख यूरोपीय व्यापारिक साझेदारों में शुमार है, और यह दौरा द्विपक्षीय औद्योगिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।