क्या वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में मध्य प्रदेश और दुबई की डीपी वर्ल्ड कंपनी के बीच करार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश और डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ।
- औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।
- राज्य को वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास।
- मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया।
- नवकरणीय ऊर्जा में मध्य प्रदेश का बढ़ता योगदान।
भोपाल, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान मध्य प्रदेश और दुबई की डीपी वर्ल्ड कंपनी के बीच एक महत्वपूर्ण करार हुआ है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में, इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता वैश्विक लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी के साथ हुआ है।
मध्य प्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम भी उपस्थित थे। इस एमओयू के तहत औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से संबंधित विषयों पर सहमति बनी, जिससे राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।
इस एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्य प्रदेश में निवेश और सहयोग के अवसरों को बढ़ाने पर सहमति दी गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के अनुकूल वातावरण तथा बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा की। एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और समझौता दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता मध्य प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने का महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में भारत का सबसे बड़ा दल पहुंचा है। आज भारत सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द चैथी सबसे सशक्त आर्थिक ताकत से एक से डेढ़ वर्ष में विश्व में तीसरा स्थान प्राप्त कर लेगा। बदलाव के इस दौर में मध्य प्रदेश में सोलर एनर्जी, आईटी, टूरिज्म सहित सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश अब नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का पावर हब बन गया है। प्रदेश में पंप स्टोरेज, सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
ओंकारेश्वर में बांध के पानी पर सोलर प्लेट बिछाकर बिजली उत्पादन किया जा रहा है। राज्य में 32 लाख किसानों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पंप बांटे जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित सबसे सस्ती बिजली मध्य प्रदेश उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश के इस मॉडल को समझने और अध्ययन करने के लिए लोग काफी उत्सुक हैं।