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गाजियाबाद: 14 बहुमंजिला सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट में वाद, अग्निशमन विभाग ने कसी नकेल

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गाजियाबाद: 14 बहुमंजिला सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट में वाद, अग्निशमन विभाग ने कसी नकेल

सारांश

गाजियाबाद के अग्निशमन विभाग ने नोटिस के बावजूद फायर सेफ्टी सिस्टम दुरुस्त न कराने वाली वैशाली और इंदिरापुरम की 14 बड़ी आवासीय सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दाखिल किया है। गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ने के बीच यह कार्रवाई हजारों निवासियों की सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम है।

मुख्य बातें

गाजियाबाद अग्निशमन विभाग ने 29 मई 2026 को 14 बहुमंजिला सोसायटियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल किया।
कार्रवाई वैशाली और इंदिरापुरम क्षेत्र की सोसायटियों पर हुई, जहाँ फायर अलार्म, हाइड्रेंट और अग्निशमन उपकरण अकार्यशील पाए गए।
इन सोसायटियों को उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 के तहत पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके थे।
प्रमुख सोसायटियों में पिनाकल टावर , शिप्रा रिवेरा टावर , आम्रपाली विलेज और सुपरटैक आइकॉन सोसायटी शामिल हैं।
विभाग ने चेतावनी दी है कि मानक पूरे न करने वाले अन्य भवनों के खिलाफ भी कोर्ट के जरिए कार्रवाई की जाएगी।

गाजियाबाद के अग्निशमन विभाग ने 29 मई 2026 को वैशाली और इंदिरापुरम क्षेत्र की 14 बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया है। गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट और अग्निकांड के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभाग ने उन भवन स्वामियों और आरडब्ल्यूए (RWA) पदाधिकारियों के विरुद्ध यह कदम उठाया है, जिन्होंने नोटिस मिलने के बाद भी फायर सेफ्टी सिस्टम को दुरुस्त नहीं कराया।

मामले की पृष्ठभूमि

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तापमान में लगातार वृद्धि के कारण बहुमंजिला इमारतों में लगे विद्युत उपकरणों पर भार बढ़ रहा है, जिससे शॉर्ट सर्किट की आशंका पहले से कहीं अधिक हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने शहर की हाईराइज सोसायटियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जाँच शुरू की थी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में गर्मी के चरम पर आवासीय अग्निकांड की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं।

जाँच में क्या मिला

वैशाली और इंदिरापुरम की कई आवासीय सोसायटियों में की गई जाँच के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम, अलार्म, हाइड्रेंट और अन्य अग्निशमन उपकरण अकार्यशील पाए गए। इस पर संबंधित बिल्डरों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और मेंटेनेंस टीमों को तत्काल सभी उपकरण दुरुस्त कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 के तहत इन भवनों को पूर्व में नोटिस भी जारी किए जा चुके थे।

किन सोसायटियों पर हुई कार्रवाई

अग्निशमन विभाग ने जिन 14 सोसायटियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल किया है, उनमें पिनाकल टावर सोसायटी, अन्तरिक्ष ग्रीन अपार्टमेंट, आदित्य मेगा सिटी, हिमगिरि टावर, निलगिरि टावर, शिप्रा रिवेरा टावर, नीलकंठ टावर, एचआरसी प्रोफेशनल, महालक्ष्मी टावर, निहो स्कोटिश गार्डन, रॉयल टावर, आम्रपाली विलेज, सुपरटैक आइकॉन सोसायटी और पंचशील बिल्डटेक प्रा. लि. शामिल हैं।

मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान

विभाग द्वारा विभिन्न बहुमंजिला भवनों में लगातार मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही हैं। इन अभ्यासों के माध्यम से निवासियों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के तरीके, अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग और भवनों में स्थापित फायर सेफ्टी सिस्टम को सक्रिय बनाए रखने की जानकारी दी जा रही है।

विभाग की चेतावनी और आगे की कार्रवाई

अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो अन्य भवन निर्धारित मानकों के अनुसार अग्नि सुरक्षा प्रणाली को कार्यशील कर विभाग को सूचित नहीं करेंगे, उनके खिलाफ भी न्यायालय के माध्यम से कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में बिजली के उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें और भवनों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाएँ हमेशा चालू हालत में रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि नोटिस जारी होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में सोसायटियों ने अनुपालन क्यों नहीं किया — यह नियामक तंत्र की कमज़ोरी को उजागर करता है। देश के अधिकांश शहरों में हाईराइज भवनों में फायर एनओसी और सेफ्टी ऑडिट महज कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह जाती है। कोर्ट में वाद दाखिल करना दबाव बनाने का एक ज़रूरी कदम है, परंतु असली बदलाव तभी आएगा जब नियमित तृतीय-पक्ष ऑडिट और सार्वजनिक प्रकटीकरण को अनिवार्य बनाया जाए। हजारों निवासियों की जान इस जवाबदेही पर निर्भर है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में किन सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दाखिल हुआ है?
अग्निशमन विभाग ने वैशाली और इंदिरापुरम क्षेत्र की 14 सोसायटियों के खिलाफ वाद दाखिल किया है, जिनमें पिनाकल टावर, शिप्रा रिवेरा टावर, आम्रपाली विलेज, सुपरटैक आइकॉन सोसायटी और पंचशील बिल्डटेक प्रा. लि. प्रमुख हैं।
अग्निशमन विभाग ने यह कार्रवाई क्यों की?
उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 के तहत नोटिस जारी होने के बावजूद इन सोसायटियों ने फायर फाइटिंग सिस्टम, अलार्म और हाइड्रेंट को कार्यशील नहीं कराया। गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभाग ने कोर्ट का रुख किया।
इन सोसायटियों के निवासियों पर इस कार्रवाई का क्या असर पड़ेगा?
कोर्ट के निर्देश पर संबंधित बिल्डर और आरडब्ल्यूए को फायर सेफ्टी सिस्टम तत्काल दुरुस्त कराना होगा। इससे निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भवन प्रबंधन पर कानूनी जवाबदेही बढ़ेगी।
क्या अन्य सोसायटियों पर भी कार्रवाई हो सकती है?
हाँ, अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो अन्य भवन निर्धारित मानकों के अनुसार अग्नि सुरक्षा प्रणाली कार्यशील कर विभाग को सूचित नहीं करेंगे, उनके खिलाफ भी न्यायालय के माध्यम से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गर्मियों में बहुमंजिला इमारतों में आग का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
तापमान बढ़ने पर एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ जाता है, जिससे विद्युत लाइनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है और शॉर्ट सर्किट की संभावना बढ़ती है। बहुमंजिला इमारतों में यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि ऊँचाई पर आग बुझाना कठिन होता है।
राष्ट्र प्रेस
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