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गाजियाबाद: अग्नि सुरक्षा उल्लंघन पर सख्ती, 5 अंसल कमर्शियल भवनों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दायर

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गाजियाबाद: अग्नि सुरक्षा उल्लंघन पर सख्ती, 5 अंसल कमर्शियल भवनों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दायर

सारांश

गाजियाबाद प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा मानकों की बार-बार अनदेखी करने पर राज नगर की 5 अंसल कमर्शियल बिल्डिंगों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दायर किया। गर्मियों में बढ़ती आग की घटनाओं के बीच यह कार्रवाई साफ संदेश देती है — नोटिस के बाद भी लापरवाही बरती तो कोर्ट तक पहुँचना तय है।

मुख्य बातें

गाजियाबाद प्रशासन ने 6 मई 2026 को 5 अंसल कमर्शियल भवनों के मालिकों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दाखिल कराया।
सभी पाँच भवन — अंसल सुमंगलम, सुंदरम, सुमेधा, शिवम और सत्यम — आरडीसी, राज नगर क्षेत्र में स्थित हैं।
नोटिस जारी होने के बावजूद भवन स्वामियों ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया।
कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा बहुमंजिला इमारतों में फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल का विशेष अभियान जारी है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अनुपालन न करने वाले अन्य भवन स्वामियों के खिलाफ भी न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा।

गाजियाबाद प्रशासन ने 6 मई 2026 को अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले पाँच प्रमुख कमर्शियल भवनों के मालिकों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दाखिल कराया। राज नगर, आरडीसी क्षेत्र में स्थित ये सभी इमारतें अंसल समूह की हैं और बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा चलाए जा रहे विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।

कौन से भवन हैं निशाने पर

जिन पाँच भवनों के मालिकों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया गया है, वे सभी आरडीसी, राज नगर क्षेत्र में स्थित हैं। इनमें अंसल सुमंगलम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-16), अंसल सुंदरम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-17), अंसल सुमेधा बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-18), अंसल शिवम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-19) और अंसल सत्यम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-20) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन भवनों में अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यशील स्थिति में नहीं पाई गई।

अभियान की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया

गर्मियों के मौसम में आग लगने की घटनाओं में होने वाली वृद्धि को देखते हुए कमिश्नरेट गाजियाबाद ने बहुमंजिला इमारतों में विशेष फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत भवनों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों और प्रणालियों की कार्यशीलता की जाँच की गई। साथ ही भवनों में मौजूद लोगों को आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में गर्मी के मौसम में आग की घटनाएँ बढ़ने की प्रवृत्ति देखी जाती है और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा चूक के गंभीर परिणाम सामने आते रहे हैं।

नोटिस के बाद भी लापरवाही

जाँच के दौरान जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा प्रणाली में कमियाँ पाई गईं, उनके मालिकों को पहले नोटिस जारी कर कमियाँ दूर करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में नोटिस मिलने के बावजूद भवन स्वामियों ने आवश्यक सुधार नहीं किए और न ही अनुपालन की जानकारी प्रशासन को दी। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया।

आगे की चेतावनी और प्रशासन का संदेश

गाजियाबाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अन्य भवन स्वामियों ने भी समय रहते अपनी अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियाँ दुरुस्त कर अनुपालन की जानकारी नहीं दी, तो उनके खिलाफ भी न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानूनी रूप से दंडित कराया जाएगा। इस अभियान के जरिए प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शहर में आग से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा न्यायालय में वाद दायर करने के बाद के अनुपालन में है। देशभर में बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा उल्लंघन एक पुरानी और व्यापक समस्या है जिसे अक्सर नोटिस-और-भूल जाने की प्रक्रिया से निपटाया जाता रहा है। यह पहली बार नहीं है जब गाजियाबाद में इस तरह की सख्ती दिखाई गई हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या न्यायालयी कार्रवाई से दीर्घकालिक अनुपालन सुनिश्चित होगा या यह केवल मौसमी दबाव की रणनीति बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में किन 5 भवनों के खिलाफ अग्नि सुरक्षा को लेकर कोर्ट में वाद दायर हुआ?
अंसल सुमंगलम (प्लॉट नंबर-16), अंसल सुंदरम (प्लॉट नंबर-17), अंसल सुमेधा (प्लॉट नंबर-18), अंसल शिवम (प्लॉट नंबर-19) और अंसल सत्यम (प्लॉट नंबर-20) — ये सभी आरडीसी, राज नगर, गाजियाबाद में स्थित हैं। 6 मई 2026 को इन भवनों के मालिकों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दाखिल कराया गया।
गाजियाबाद प्रशासन ने यह कार्रवाई क्यों की?
बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद इन भवनों के मालिकों ने अग्नि सुरक्षा प्रणालियों को मानकों के अनुरूप दुरुस्त नहीं किया। कमिश्नरेट गाजियाबाद के विशेष फायर ऑडिट अभियान के दौरान इन इमारतों में सुरक्षा प्रणाली कार्यशील स्थिति में नहीं पाई गई।
गाजियाबाद में अग्नि सुरक्षा अभियान के तहत क्या-क्या किया जा रहा है?
कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा बहुमंजिला इमारतों में फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जाँच के साथ-साथ भवन में मौजूद लोगों को उपकरणों के उपयोग और आपातकालीन सावधानियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
क्या अन्य भवन स्वामियों पर भी कार्रवाई हो सकती है?
हाँ, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो अन्य भवन स्वामी समय रहते अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली दुरुस्त कर अनुपालन की जानकारी नहीं देंगे, उनके खिलाफ भी न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा।
गर्मियों में आग की घटनाएँ क्यों बढ़ जाती हैं?
गर्मियों में बढ़ते तापमान के कारण आग लगने की घटनाओं में इजाफा होता है, जिससे बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में कार्यशील अग्नि सुरक्षा प्रणाली की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद प्रशासन ने यह विशेष अभियान शुरू किया है।
राष्ट्र प्रेस
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