गाजियाबाद: अग्नि सुरक्षा उल्लंघन पर सख्ती, 5 अंसल कमर्शियल भवनों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दायर
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद प्रशासन ने 6 मई 2026 को अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले पाँच प्रमुख कमर्शियल भवनों के मालिकों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दाखिल कराया। राज नगर, आरडीसी क्षेत्र में स्थित ये सभी इमारतें अंसल समूह की हैं और बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा चलाए जा रहे विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
कौन से भवन हैं निशाने पर
जिन पाँच भवनों के मालिकों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया गया है, वे सभी आरडीसी, राज नगर क्षेत्र में स्थित हैं। इनमें अंसल सुमंगलम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-16), अंसल सुंदरम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-17), अंसल सुमेधा बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-18), अंसल शिवम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-19) और अंसल सत्यम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-20) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन भवनों में अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यशील स्थिति में नहीं पाई गई।
अभियान की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
गर्मियों के मौसम में आग लगने की घटनाओं में होने वाली वृद्धि को देखते हुए कमिश्नरेट गाजियाबाद ने बहुमंजिला इमारतों में विशेष फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत भवनों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों और प्रणालियों की कार्यशीलता की जाँच की गई। साथ ही भवनों में मौजूद लोगों को आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में गर्मी के मौसम में आग की घटनाएँ बढ़ने की प्रवृत्ति देखी जाती है और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा चूक के गंभीर परिणाम सामने आते रहे हैं।
नोटिस के बाद भी लापरवाही
जाँच के दौरान जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा प्रणाली में कमियाँ पाई गईं, उनके मालिकों को पहले नोटिस जारी कर कमियाँ दूर करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में नोटिस मिलने के बावजूद भवन स्वामियों ने आवश्यक सुधार नहीं किए और न ही अनुपालन की जानकारी प्रशासन को दी। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया।
आगे की चेतावनी और प्रशासन का संदेश
गाजियाबाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अन्य भवन स्वामियों ने भी समय रहते अपनी अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियाँ दुरुस्त कर अनुपालन की जानकारी नहीं दी, तो उनके खिलाफ भी न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानूनी रूप से दंडित कराया जाएगा। इस अभियान के जरिए प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शहर में आग से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहता है।