अहमदाबाद नगर निगम ने 274 असुरक्षित इमारतों को चिह्नित किया, 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले नोटिस जारी

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अहमदाबाद नगर निगम ने 274 असुरक्षित इमारतों को चिह्नित किया, 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले नोटिस जारी

सारांश

149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा और मानसून से पहले अहमदाबाद नगर निगम ने 274 खतरनाक इमारतों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। 2023 से अब तक कुल 1,525 भवनों को नोटिस मिल चुके हैं — पुराने शहर में संरचनात्मक सुरक्षा की गहरी चुनौती सामने है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा और मानसून से पहले 274 असुरक्षित इमारतों को चिह्नित किया।
नोटिस जीपीएमसी एक्ट की धारा 264 के तहत जारी किए गए; इमारत ढहने पर जिम्मेदारी मालिक और कब्जाधारी की होगी।
2023 से 2025 के बीच 1,251 खतरनाक भवनों को नोटिस दिए जा चुके थे; 2026 की 274 नई इमारतें जोड़कर कुल संख्या 1,525 हुई।
खाडिया वार्ड और पुराने शहर के रथ यात्रा मार्ग पर विशेष फोकस रखा गया है।
नागरिकों से जर्जर इमारतों में प्रवेश न करने और मानसून में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई।

अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए शहर में जर्जर एवं खतरनाक इमारतों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। निगम ने 274 असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर उनके मालिकों और निवासियों को नोटिस जारी किए हैं, ताकि रथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी इमारत के ढहने से जान-माल का नुकसान होने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित मालिक और कब्जाधारी की होगी।

अभियान का दायरा और फोकस क्षेत्र

एएमसी अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष जांच अभियान सरकारी, अर्ध-सरकारी, निजी, व्यक्तिगत और धार्मिक ट्रस्टों की इमारतों में चलाया गया। खासतौर पर पुराने शहर के उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहाँ से अहमदाबाद की प्रसिद्ध रथ यात्रा गुजरती है। खाडिया वार्ड में कार्रवाई विशेष रूप से तेज की गई है, क्योंकि रथ यात्रा का प्रमुख मार्ग इसी इलाके से होकर जाता है।

हर साल इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहता। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की दस्तक से पहले पुरानी और जर्जर इमारतों के ढहने का खतरा बढ़ जाता है।

कानूनी कार्रवाई और निर्देश

केवल सेंट्रल जोन में इस वर्ष 274 खतरनाक भवनों की पहचान की गई है। इन भवनों के मालिकों को गुजरात प्रोविंशियल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीपीएमसी) एक्ट की धारा 264 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। जिन इमारतों को खतरनाक पाया गया है, उनके मालिकों को तुरंत जर्जर हिस्से हटाने, मरम्मत कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसी इमारतों में रहने या प्रवेश करने से बचें और आसपास की जर्जर संरचनाओं पर नजर रखें।

आंकड़ों में खतरनाक इमारतों की स्थिति

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच शहर में 1,251 खतरनाक इमारतों को नोटिस दिए जा चुके हैं। 2026 में चिह्नित 274 नई इमारतों को जोड़ने के बाद यह कुल संख्या बढ़कर 1,525 हो गई है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा शहर की पुरानी बसावट में संरचनात्मक सुरक्षा की गंभीर चुनौती को उजागर करता है।

आम जनता पर असर और सावधानियाँ

एएमसी ने नागरिकों से सतर्क रहने और मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। रथ यात्रा और बारिश के मौसम में किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन ने निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिया है।

आगे की कार्रवाई के तहत निगम उन इमारतों पर नजर रखेगा जहाँ मालिक नोटिस का पालन नहीं करते, और जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

525 इमारतों को नोटिस मिलना यह भी बताता है कि नोटिस के बाद वास्तविक ध्वस्तीकरण या मरम्मत की दर कितनी है, यह सवाल अनुत्तरित है। पुराने शहर की संरचनात्मक जर्जरता एक दीर्घकालिक समस्या है जिसे केवल मौसमी अभियानों से नहीं सुलझाया जा सकता। जब तक नोटिस के अनुपालन का सत्यापन-योग्य ढाँचा नहीं बनता, यह कवायद हर साल दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद नगर निगम ने 274 इमारतों को खतरनाक क्यों घोषित किया?
एएमसी ने 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा और मानसून से पहले सुरक्षा जांच अभियान चलाया, जिसमें सेंट्रल जोन में 274 इमारतें जर्जर और असुरक्षित पाई गईं। इन्हें जीपीएमसी एक्ट की धारा 264 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के मार्ग पर कौन-से इलाके प्रभावित हैं?
रथ यात्रा का प्रमुख मार्ग पुराने शहर और खाडिया वार्ड से गुजरता है, इसलिए इन इलाकों में कार्रवाई विशेष रूप से तेज की गई है। यहाँ की पुरानी और जर्जर इमारतें हजारों श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा जोखिम मानी जाती हैं।
अहमदाबाद में 2023 से अब तक कितनी खतरनाक इमारतों को नोटिस दिए गए हैं?
एएमसी के आंकड़ों के अनुसार 2023 से 2025 के बीच 1,251 खतरनाक इमारतों को नोटिस दिए गए थे। 2026 में 274 नई इमारतें जोड़ने के बाद यह कुल संख्या 1,525 हो गई है।
खतरनाक इमारत के मालिकों पर क्या जिम्मेदारी है?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी इमारत के ढहने से जान-माल का नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित मालिक और कब्जाधारी की होगी। मालिकों को जर्जर हिस्से हटाने, मरम्मत कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों को मानसून में क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
एएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे जर्जर इमारतों में रहने या प्रवेश करने से बचें, आसपास की खतरनाक संरचनाओं पर नजर रखें और मानसून के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
राष्ट्र प्रेस