क्या कांग्रेस नेता बोम्मा महेश का सनातन पर दिया बयान अज्ञानता का परिणाम है? गिरिराज सिंह
सारांश
Key Takeaways
- गिरिराज सिंह ने बोम्मा महेश के बयान की आलोचना की।
- कांग्रेस पर पाकिस्तान के हितों की चिंता करने का आरोप।
- आज की स्थिति में आतंकवाद की घटनाएं कम हुई हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विकास तेजी से हो रहा है।
- आतंकवादियों के लिए कानून-व्यवस्था का खौफ बढ़ा है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस एमएलसी बोम्मा महेश के सनातन धर्म पर दिए बयान की तीव्र आलोचना की। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी ‘अज्ञानता’ का परिणाम बताया।
उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गीता में कहा गया है कि ‘यदा यदा धर्मस्य ग्लानि भवति भारत’ अर्थात जब-जब भारत में ऐसे असुर उत्पन्न होंगे, तब राम और कृष्ण प्रकट होंगे। इसी संदर्भ में, वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो भारत में निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर हैं। उनके नेतृत्व में भारत द्वैतिक गति से विकास कर रहा है और विकास संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस और मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान के एंबेसडर बन चुके हैं, जो पाकिस्तान की आवाज बनकर उभरे हैं। ये लोग लगातार पाकिस्तान के हित में बोल रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि इन्हें भारत के हितों की परवाह नहीं है। ये केवल पाकिस्तान के बारे में ही सोचते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में आतंकवादियों को समर्थन दिया है। उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और देश की शांति में विघ्न डालने की कोशिश की, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पहले देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी घटनाएं होती थीं। लेकिन आज ऐसी घटनाएं कहीं नहीं सुनाई देतीं। यह हमारे लिए एक सुखद संकेत है कि आतंकवादी अब चूहों की तरह बिलों में छिप गए हैं। ये लोग अब सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज इस देश में आतंकियों के दिमाग में कानून-व्यवस्था का खौफ इस बात से स्पष्ट होता है कि अगर इन्होंने किसी भी प्रकार के नापाक इरादों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया, तो इनके लिए नर्क के द्वार खुल जाएंगे।