25 अगस्त 2026
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FedEx का दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर ₹1,250 करोड़ का एयर कार्गो हब, क्षमता 8 गुना बढ़ेगी

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FedEx का दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर ₹1,250 करोड़ का एयर कार्गो हब, क्षमता 8 गुना बढ़ेगी

सारांश

फेडएक्स ने दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर ₹1,250 करोड़ के एयर कार्गो हब का ऐलान किया — पैकेज क्षमता 8 गुना बढ़ेगी। कंपनी की अध्यक्ष कामी विश्वनाथन का कहना है कि वैश्विक कंपनियाँ भारत को उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैकल्पिक आपूर्ति केंद्र के रूप में देख रही हैं — और यह हब उस बदलाव की नींव है।

मुख्य बातें

फेडएक्स ने दिल्ली IGI एयरपोर्ट के जीएमआर कार्गो सिटी में ₹1,250 करोड़ (115 मिलियन डॉलर) के एकीकृत एयर कार्गो हब की घोषणा की।
हब के चालू होने के बाद पैकेज प्रोसेसिंग क्षमता 600 से बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे हो जाएगी।
हब 2.30 लाख वर्ग फुट में फैला होगा और ऑटोमेटेड सॉर्टेशन, हाई-स्पीड एक्स-रे स्क्रीनिंग से लैस होगा।
फेडएक्स अध्यक्ष कामी विश्वनाथन के अनुसार, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियाँ भारत को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत के रूप में देख रही हैं।
कंपनी सरकार के ODOP कार्यक्रम के तहत 750 जिलों के 200+ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने में सहयोग कर रही है।
पिछले दो वर्षों में फेडएक्स ने बेंगलुरु , नवी मुंबई और अब दिल्ली में बुनियादी ढाँचे पर बड़े निवेश किए हैं।

वैश्विक लॉजिस्टिक्स दिग्गज फेडएक्स ने 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक एकीकृत एयर कार्गो हब स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी इस परियोजना में 115 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1,250 करोड़) का दीर्घकालिक निवेश करेगी। यह हब जीएमआर कार्गो सिटी में विकसित किया जाएगा और भारत के उत्तरी एवं पूर्वी क्षेत्रों को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने की रीढ़ बनेगा।

हब की प्रमुख विशेषताएँ

कंपनी के अनुसार, यह नया एयर कार्गो हब लगभग 2.30 लाख वर्ग फुट में फैला होगा और पूरी तरह स्वचालित होगा। इसके चालू होने के बाद पैकेज प्रोसेसिंग क्षमता मौजूदा 600 पैकेज प्रति घंटे से बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे हो जाएगी — यानी क्षमता में लगभग 8 गुना की वृद्धि।

हब में नवीनतम पीढ़ी की एक्स-रे मशीनें, उन्नत सुरक्षा प्रणाली, इंटेलिजेंट पैकेज हैंडलिंग तकनीक और ऑटो-सॉर्टर लगाए जाएंगे। हाई-स्पीड एक्स-रे स्क्रीनिंग और ऑटोमेटेड सॉर्टेशन सिस्टम से अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट की प्रोसेसिंग पहले से कहीं अधिक तेज़ और सुरक्षित होगी।

कामी विश्वनाथन का बयान

फेडएक्स की भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य पूर्व और अफ्रीका की अध्यक्ष कामी विश्वनाथन ने कहा, 'यह हब भारत के उत्तरी और पूर्वी बाज़ारों को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने का काम करेगा। इससे हमारी इंटरनेशनल गेटवे सेवाएं और पिकअप-एंड-डिलीवरी ऑपरेशंस एक ही स्थान पर संचालित किए जा सकेंगे, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी और क्षमता में भी इजाफा होगा।'

विश्वनाथन ने यह भी कहा, 'हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अन्य उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियां भारत को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत के रूप में देख रही हैं। ऐसे में यह नया हब निर्यात वृद्धि को समर्थन देगा।' गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में फेडएक्स ने बेंगलुरु, नवी मुंबई और अब दिल्ली में बुनियादी ढाँचे पर बड़े निवेश किए हैं।

जीएमआर कार्गो सिटी और व्यापक संदर्भ

यह हब जीएमआर कार्गो सिटी का हिस्सा होगा, जो दिल्ली हवाई अड्डे पर विकसित हो रहा एक एकीकृत कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। यह परियोजना लगभग 50 एकड़ में फैली है और इसमें कुल 15 से 20 लाख वर्ग फुट विकास की क्षमता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला पुनर्गठन के केंद्र में आ रहा है और चीन-प्लस-वन रणनीति के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में विनिर्माण आधार बना रही हैं।

SME निर्यातकों और सरकारी कार्यक्रम से जुड़ाव

फेडएक्स छोटे और मझोले निर्यातकों को अपने वैश्विक नेटवर्क का लाभ दे रहा है। कंपनी भारत सरकार के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) कार्यक्रम के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसके ज़रिए देश के लगभग 750 जिलों में 200 से अधिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाया जा रहा है।

आगे की राह

कंपनी के अनुसार, भविष्य में बढ़ती माँग को देखते हुए हब में और विस्तार की पर्याप्त संभावना बनाए रखी गई है। दिल्ली हब के चालू होने के बाद फेडएक्स की भारत से अमेरिका और यूरोप के लिए एक्सप्रेस कार्गो सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला पुनर्गठन का एक ठोस संकेत है — जहाँ भारत 'चीन-प्लस-वन' से आगे बढ़कर स्वतंत्र विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में है। हालाँकि, ₹1,250 करोड़ का यह निवेश तब सार्थक होगा जब भारत की सीमाशुल्क प्रक्रियाएँ, एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नियामक ढाँचा इस गति से कदम मिला सकें। ODOP जैसे कार्यक्रमों से SME जुड़ाव की दिशा सही है, लेकिन 750 जिलों तक वास्तविक पहुँच सुनिश्चित करना अभी भी एक अनुत्तरित चुनौती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फेडएक्स दिल्ली एयर कार्गो हब क्या है?
यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जीएमआर कार्गो सिटी में विकसित होने वाला एकीकृत एयर कार्गो हब है, जिसमें फेडएक्स ₹1,250 करोड़ (115 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी। यह हब 2.30 लाख वर्ग फुट में फैला होगा और पूरी तरह स्वचालित होगा।
इस हब से पैकेज प्रोसेसिंग क्षमता कितनी बढ़ेगी?
हब के चालू होने के बाद पैकेज प्रोसेसिंग क्षमता मौजूदा 600 पैकेज प्रति घंटे से बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे हो जाएगी, यानी लगभग 8 गुना वृद्धि। इसमें ऑटोमेटेड सॉर्टेशन और हाई-स्पीड एक्स-रे स्क्रीनिंग तकनीक का उपयोग होगा।
कामी विश्वनाथन कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
कामी विश्वनाथन फेडएक्स की भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य पूर्व और अफ्रीका की अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियाँ भारत को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत के रूप में देख रही हैं और यह हब निर्यात वृद्धि को समर्थन देगा।
इस हब से छोटे और मझोले निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
फेडएक्स इस हब के ज़रिए SME निर्यातकों को अपना वैश्विक नेटवर्क उपलब्ध कराएगी। साथ ही, कंपनी सरकार के ODOP कार्यक्रम के तहत देश के 750 जिलों के 200 से अधिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने में मदद कर रही है।
जीएमआर कार्गो सिटी क्या है और यह हब उसमें कैसे फिट होता है?
जीएमआर कार्गो सिटी दिल्ली हवाई अड्डे पर विकसित हो रहा एक एकीकृत कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है, जो लगभग 50 एकड़ में फैला है और जिसमें 15 से 20 लाख वर्ग फुट विकास की क्षमता है। फेडएक्स का प्रस्तावित हब इसी परिसर का हिस्सा होगा।
राष्ट्र प्रेस
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