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ग्रेटर नोएडा की 37 सड़कें होंगी डस्ट फ्री, 24 जून से 11 जुलाई तक चलेगा विशेष सफाई अभियान

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ग्रेटर नोएडा की 37 सड़कें होंगी डस्ट फ्री, 24 जून से 11 जुलाई तक चलेगा विशेष सफाई अभियान

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने CAQM के निर्देशों पर 24 जून से 11 जुलाई तक विशेष डस्ट फ्री अभियान छेड़ा है। पहले चरण में 37 सड़कें, मैकेनिकल स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलर और आठ दिन बाद पुनः समीक्षा — यह एकमुश्त सफाई नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की कोशिश है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 24 जून 2025 से 11 जुलाई 2025 तक विशेष डस्ट फ्री सफाई अभियान शुरू किया।
पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट की 37 प्रमुख सड़कों और आंतरिक मार्गों को शामिल किया गया है।
अभियान CAQM के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है; CEO एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य, परियोजना एवं उद्यान विभाग की टीमें शामिल।
मैकेनिकल स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलर और आठ दिन बाद पुनः समीक्षा की व्यवस्था की गई है।
सड़क किनारे ग्रासिंग और एंड-टू-एंड पेवमेंट के ज़रिये धूल की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की योजना।
ACEO श्रीलक्ष्मी वीएस ने नागरिकों से अभियान में सहयोग की अपील की।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल की गंभीर समस्या से निपटने के लिए 24 जून 2025 से एक विशेष संयुक्त सफाई अभियान शुरू किया है, जो 11 जुलाई 2025 तक जारी रहेगा। इस अभियान के पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट क्षेत्र की 37 प्रमुख सड़कों और आंतरिक मार्गों को डस्ट फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा यह अभियान नागरिकों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अभियान का दायरा और शामिल सड़कें

पहले चरण में जिन 37 सड़कों और आंतरिक मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें एपेक्स कोर्ट सोसाइटी से एसकेए ग्रीन सोसाइटी, एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी, एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन, सीवीटेक सोसाइटी से एल्डिको सोसाइटी, और जीएनआईडीए फ्लैट से आयरिश प्लैटिनम सोसाइटी तक के मार्ग प्रमुख हैं।

इसके अलावा ईकोटेक-12 की आंतरिक सड़कें, सेक्टर-2 और सेक्टर-16 की सड़कें, नॉलेज पार्क-5, गोल्फ कोर्ट रोटरी से डीपीएस रोटरी, 130 मीटर रोड, सूरजपुर एंट्री पॉइंट से कासना टी-पॉइंट, जीटा-1, पाई-2, डीएमआईसी से डाढ़ा गोलचक्कर तथा दादरी रेलवे लाइन से कुलेसरा तक के मार्ग भी इस अभियान में सम्मिलित हैं।

सफाई की कार्यप्रणाली

प्राधिकरण के अनुसार इस अभियान में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, मैन्युअल सफाई, फुटपाथों और सेंट्रल वर्ज की सफाई, सड़क किनारे जमा धूल और मलबे को हटाने के साथ-साथ वॉटर स्प्रिंकलर और वॉटर टैंकर के माध्यम से नियमित पानी का छिड़काव किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि एक बार सफाई के बाद संबंधित मार्गों की आठ दिन बाद पुनः समीक्षा और सफाई भी कराई जाएगी, ताकि धूल दोबारा जमा न हो सके। यह व्यवस्था इस अभियान को एकमुश्त सफाई अभियानों से अलग करती है।

विभागों की संयुक्त भागीदारी

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ परियोजना एवं उद्यान विभाग की टीमों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कार्यों की निगरानी करेंगे।

वरिष्ठ प्रबंधक (स्वास्थ्य) एवं अभियान के नोडल अधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि एक समग्र व्यवस्था है जिसमें विभिन्न विभाग मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।

दीर्घकालिक समाधान की योजना

अभियान के तहत एंड-टू-एंड पेवमेंट और सड़क किनारे ग्रासिंग विकसित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे भविष्य में धूल उड़ने की समस्या को स्थायी रूप से कम किया जा सके। 25 जून को एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी तथा एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन तक के मार्गों पर व्यापक सफाई की गई।

प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) श्रीलक्ष्मी वीएस ने शहरवासियों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त ग्रेटर नोएडा के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण का लक्ष्य केवल सड़कों की सफाई नहीं, बल्कि शहर को दीर्घकालिक रूप से धूल मुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि स्थानीय निकाय अदालती और नियामकीय निर्देशों के बिना वायु गुणवत्ता को प्राथमिकता नहीं देते। आठ दिन बाद पुनः समीक्षा और ग्रासिंग जैसे दीर्घकालिक उपाय सराहनीय हैं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि अभियान समाप्त होने के बाद भी निगरानी जारी रहती है या नहीं। निर्माण-कार्यों से उड़ने वाली धूल, जो ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का प्रमुख स्रोत है, उस पर अभियान में कोई स्पष्ट कार्ययोजना नज़र नहीं आती — जो इसकी सबसे बड़ी सीमा है।
RashtraPress
25 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा का डस्ट फ्री सफाई अभियान क्या है?
यह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा 24 जून से 11 जुलाई 2025 तक चलाया जा रहा विशेष संयुक्त सफाई अभियान है, जिसका उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़कों को धूल मुक्त बनाकर वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। यह अभियान CAQM के निर्देशों के अनुपालन में शुरू किया गया है।
पहले चरण में कितनी और कौन-सी सड़कें शामिल हैं?
पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट की 37 प्रमुख सड़कें और आंतरिक मार्ग शामिल हैं। इनमें एपेक्स कोर्ट, सेक्टर-2, सेक्टर-16, नॉलेज पार्क-5, 130 मीटर रोड, सूरजपुर एंट्री पॉइंट से कासना टी-पॉइंट और दादरी रेलवे लाइन से कुलेसरा तक के मार्ग प्रमुख हैं।
सफाई अभियान में कौन-से तरीके अपनाए जाएंगे?
अभियान में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, मैन्युअल सफाई, वॉटर स्प्रिंकलर और वॉटर टैंकर से पानी का छिड़काव, तथा फुटपाथ और सेंट्रल वर्ज की सफाई शामिल है। सफाई के आठ दिन बाद संबंधित मार्गों की पुनः समीक्षा और सफाई भी कराई जाएगी।
इस अभियान से नागरिकों को क्या फायदा होगा?
अभियान से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और धूल से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आएगी। सड़क किनारे ग्रासिंग और एंड-टू-एंड पेवमेंट जैसे स्थायी उपायों से भविष्य में धूल की समस्या को दीर्घकालिक रूप से कम करने की योजना है।
अभियान की निगरानी कौन करेगा?
CEO एनजी रवि कुमार के निर्देश पर वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी राजेश गौतम (वरिष्ठ प्रबंधक, स्वास्थ्य) विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कार्यों की निगरानी का नेतृत्व कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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