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गुजरात: आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर का विशेष बाड़ा, इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को रखा जाएगा

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गुजरात: आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर का विशेष बाड़ा, इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को रखा जाएगा

सारांश

गुजरात वन विभाग ने आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर का विशेष प्रतिबंधित बाड़ा बनाने का काम शुरू किया है, जहाँ इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को प्राकृतिक वातावरण में रखा जाएगा। यह कदम मानव-शेर संघर्ष कम करने और एशियाई शेरों के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार की ठोस पहल है।

मुख्य बातें

गुजरात वन विभाग ने आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष प्रतिबंधित बाड़े का निर्माण शुरू किया।
इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को इस बाड़े में प्राकृतिक आवास जैसे वातावरण में रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शेर संरक्षण और संवर्धन की योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू की हैं।
आंबरडी सफारी पार्क 365 हेक्टेयर में फैला है और वर्ष 2017 में स्थापित किया गया था।
प्रतिवर्ष 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस मनाया जाता है।

गुजरात सरकार के वन विभाग ने इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को अलग रखने के लिए आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशेष प्रतिबंधित बाड़े के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। अमरेली जिले के धारी नगर के निकट स्थित यह पार्क गिर संरक्षित क्षेत्र का आरक्षित वन है, और यहाँ बनने वाले इस बाड़े में शेरों को उनके प्राकृतिक आवास जैसे वातावरण में रखा जाएगा। यह कदम विश्व शेर दिवस (10 अगस्त) से ठीक पहले उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शेर संरक्षण और संवर्धन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर ज़ोर दिया है। इसी कड़ी में वन विभाग ने आंबरडी सफारी पार्क में तारबंदी कर एक ऐसा प्रतिबंधित क्षेत्र तैयार करने का निर्णय लिया है जहाँ मानव-शेर संघर्ष में शामिल शेरों को रखा जा सके।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख डॉ. जयपाल सिंह (आईएफएस) ने बताया, 'इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को प्रतिबंधित बाड़े में रखने के लिए आंबरडी सफारी पार्क में तारबंदी करके उन्हें अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा। इस कार्य के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं और जरूरी काम शुरू हो चुका है।'

वन्यजीव स्थानांतरण की नीति

वन विभाग मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, जैविक संतुलन बनाए रखने और प्रजातियों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए वैज्ञानिक तरीके से वन्यजीवों का स्थानांतरण करता है। जब शेर या तेंदुए खेतों अथवा रिहायशी इलाकों में भटक जाते हैं, तो उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़कर अभयारण्य में छोड़ा जाता है। इसी तरह घायल या बीमार जानवरों के उपचार और आबादी नियंत्रण के लिए भी स्थानांतरण किया जाता है।

मगरमच्छों के मामले में तालाबों या नदी किनारे बस्तियों के निकट पाए जाने पर उन्हें सुरक्षित जलाशयों में छोड़ा जाता है। गौरतलब है कि यह समग्र नीति केवल शेरों तक सीमित नहीं है — यह गिर पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक प्रबंधन का हिस्सा है।

आंबरडी सफारी पार्क: एक परिचय

आंबरडी सफारी पार्क लगभग 365 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला गुजरात का एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन केंद्र है। वर्ष 2017 में स्थापित इस पार्क में एशियाई शेरों के अलावा तेंदुए, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, मोर और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ संरक्षित हैं। आधुनिक सफारी सुविधाओं और गिर के प्राकृतिक वन्यजीवन का निकट से अनुभव कराने के कारण यहाँ प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

यह पार्क स्थानीय रोज़गार को बढ़ावा देने के साथ-साथ अमरेली जिले में इको-टूरिज्म के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आम जनता और संरक्षण पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब गिर क्षेत्र में मानव-शेर संघर्ष की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेष प्रतिबंधित बाड़े से एक ओर ग्रामीण आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, तो दूसरी ओर आक्रामक शेरों को प्राकृतिक वातावरण में रखकर उनके कल्याण का भी ध्यान रखा जाएगा।

क्या होगा आगे

बाड़े का निर्माण कार्य प्रगति पर है और आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस के अवसर पर शेर संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। वन विभाग का यह कदम गुजरात में एशियाई शेरों की आबादी के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह दीर्घकालिक समाधान है या अल्पकालिक राहत। गिर के आसपास के गाँवों में शेरों की बढ़ती आबादी और सिकुड़ते वन क्षेत्र के बीच संघर्ष की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। केवल आक्रामक शेरों को बाड़े में रखने से मूल समस्या — आवास की कमी और मानव बस्तियों का वन क्षेत्र में विस्तार — हल नहीं होगी। वन विभाग को इस बाड़े के साथ-साथ सामुदायिक जागरूकता और आवास विस्तार की दीर्घकालिक नीति पर भी ध्यान देना होगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंबरडी सफारी पार्क में बनने वाला विशेष बाड़ा क्या है?
यह गुजरात वन विभाग द्वारा आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्मित किया जा रहा एक प्रतिबंधित बाड़ा है, जिसमें इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को प्राकृतिक वातावरण में रखा जाएगा। यह पार्क अमरेली जिले के धारी नगर के निकट गिर संरक्षित क्षेत्र में स्थित है।
इस बाड़े में किन शेरों को रखा जाएगा?
केवल उन शेरों को इस विशेष प्रतिबंधित बाड़े में रखा जाएगा जिन्होंने इंसानों पर हमला किया हो। इन्हें तारबंदी वाले अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा ताकि मानव-शेर संघर्ष को कम किया जा सके।
विश्व शेर दिवस कब मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है?
प्रतिवर्ष 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य शेरों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता फैलाना है।
आंबरडी सफारी पार्क कहाँ स्थित है और इसकी विशेषताएँ क्या हैं?
आंबरडी सफारी पार्क गुजरात के अमरेली जिले के धारी शहर के निकट स्थित है और लगभग 365 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। वर्ष 2017 में स्थापित यह पार्क एशियाई शेरों, तेंदुओं, चीतलों, नीलगायों सहित अनेक वन्यजीवों और पक्षियों का संरक्षण करता है।
वन विभाग वन्यजीवों का स्थानांतरण क्यों करता है?
वन विभाग मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, घायल या बीमार जानवरों के उपचार, आबादी नियंत्रण और उचित आवास उपलब्ध कराने के लिए वैज्ञानिक तरीके से वन्यजीवों का स्थानांतरण करता है। जब जानवर गाँवों या आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाते हैं, तो उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़कर वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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