5 नवंबर 2026
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अहमदाबाद में सीएम भूपेंद्र पटेल ने कांची शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद, पूर्णाहुति हवन में हुए शामिल

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अहमदाबाद में सीएम भूपेंद्र पटेल ने कांची शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद, पूर्णाहुति हवन में हुए शामिल

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के गोटा में पूर्णाहुति हवन में भाग लेकर कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती का आशीर्वाद लिया। इस यात्रा में राज्य के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

मुख्य बातें

गुजरात सीएम भूपेंद्र पटेल ने 5 नवंबर 2026 को अहमदाबाद के गोटा क्षेत्र में पूर्णाहुति हवन में भाग लिया।
कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने यज्ञशाला मंडपम में शंकराचार्य से भेंट कर वार्ता को 'अत्यंत प्रेरणादायक' बताया।
शंकर विजयेंद्र सरस्वती 28 फरवरी 2018 को पीठाधिपति बने; पीठम का मुख्यालय कांचीपुरम, तमिलनाडु में है।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री भूपेंद्रसिंह चुडासमा और मायाबेन कोडनानी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5 नवंबर 2026 को अहमदाबाद के गोटा क्षेत्र में आयोजित पूर्णाहुति हवन में भाग लिया और कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति जगद्गुरु शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता के बाद मुख्यमंत्री ने यज्ञशाला मंडपम में शंकराचार्य से विशेष भेंटवार्ता भी की।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री पटेल शंकराचार्य की उपस्थिति में आयोजित पूर्णाहुति हवन में सम्मिलित हुए, जो गोटा क्षेत्र में संपन्न हुआ। हवन के उपरांत उन्होंने यज्ञशाला मंडपम में आध्यात्मिक गुरु से व्यक्तिगत भेंट की और उनसे विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस बातचीत को 'अत्यंत प्रेरणादायक' बताया।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, 'आज अहमदाबाद के गोटा में मुझे परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामीजी, सम्मानीय सर्वज्ञ श्री कांची कामकोटी पीठम के 70वें पीठाधिपति के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।' उन्होंने आगे कहा कि पूज्य शंकराचार्यजी की उपस्थिति में पूर्णाहुति हवन में सहभागी होना एक दिव्य अवसर रहा।

कांची कामकोटि पीठम का महत्व

मुख्यमंत्री ने भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कांची कामकोटि पीठम के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'सनातन परंपराओं और वैदिक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए कांची कामकोटि पीठम का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि पूज्य शंकराचार्यजी का आशीर्वाद देश की समृद्ध प्रगति के पीछे प्रेरक शक्ति बने।' गौरतलब है कि पीठम का मुख्यालय तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है और यह हिंदू धार्मिक एवं वैदिक परंपराओं का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।

शंकराचार्य का परिचय

श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती अपने पूर्ववर्ती जयेंद्र सरस्वती की महासमाधि के पश्चात 28 फरवरी 2018 को कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति के रूप में आसीन हुए। यह पीठ देश के प्राचीनतम और सर्वाधिक प्रतिष्ठित हिंदू धार्मिक संस्थानों में से एक है।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस धार्मिक समारोह में गुजरात के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता भूपेंद्रसिंह चुडासमा, पूर्व मंत्री मायाबेन कोडनानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन राज्य के राजनीतिक और धार्मिक जगत के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर बना। आगामी दिनों में इस यात्रा के धार्मिक और सामाजिक निहितार्थ और स्पष्ट होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे महज़ एक क्षेत्रीय नहीं बल्कि अखिल भारतीय प्रासंगिकता देता है। हालांकि यह भेंट सौजन्य-यात्रा के रूप में प्रस्तुत की गई है, राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व के इस प्रकार के मंच-साझाकरण को आलोचक अक्सर धर्म और राजनीति की सीमाओं के संदर्भ में परखते हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम भूपेंद्र पटेल ने कांची शंकराचार्य से कहाँ और कब मुलाकात की?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5 नवंबर 2026 को अहमदाबाद के गोटा क्षेत्र में आयोजित पूर्णाहुति हवन में कांची शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती से मुलाकात की। बाद में उन्होंने यज्ञशाला मंडपम में उनसे विशेष भेंटवार्ता भी की।
कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति कौन हैं?
श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति हैं। वे 28 फरवरी 2018 को अपने पूर्ववर्ती जयेंद्र सरस्वती की महासमाधि के बाद इस पद पर आसीन हुए।
कांची कामकोटि पीठम का मुख्यालय कहाँ है?
कांची कामकोटि पीठम का मुख्यालय तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है। यह हिंदू धार्मिक और वैदिक परंपराओं का एक प्रमुख केंद्र है।
इस धार्मिक समारोह में अन्य कौन-कौन से गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे?
कार्यक्रम में गुजरात के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं BJP के वरिष्ठ नेता भूपेंद्रसिंह चुडासमा और पूर्व मंत्री मायाबेन कोडनानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कांची कामकोटि पीठम के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि सनातन परंपराओं और वैदिक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार में कांची कामकोटि पीठम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि शंकराचार्यजी का आशीर्वाद देश की समृद्ध प्रगति की प्रेरक शक्ति बने।
राष्ट्र प्रेस
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