24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन: कच्छ के शिवलखा से मीठापुर, लोडिंग क्षमता 10% बढ़ी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन: कच्छ के शिवलखा से मीठापुर, लोडिंग क्षमता 10% बढ़ी

सारांश

भारतीय रेलवे ने 15 सितंबर 2026 को कच्छ के शिवलखा से मीठापुर के लिए देश की पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन चलाकर नमक ढुलाई में नई क्रांति की शुरुआत की है। विशेष स्टेनलेस स्टील कंटेनरों से लोडिंग क्षमता 10% बढ़ी और गुणवत्ता संरक्षण की चुनौती भी हल होती दिख रही है।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल, कच्छ से मीठापुर के लिए देश की पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन रवाना हुई।
विशेष हल्के स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा दी गई है।
पुरानी व्यवस्था में 28-30 टन नमक प्रति कंटेनर; नई व्यवस्था में क्षमता बढ़कर लगभग 33.5 टन — करीब 10% की वृद्धि।
समान लागत पर अब लगभग 33 टन नमक की ढुलाई संभव; डीआरएम वेद प्रकाश और टर्मिनल हेड मोहम्मद अरशद ने जानकारी दी।
गांधीधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष तेजाभाई कांगड़ ने कोटिंग वाले एसएसपी वैगनों से गुणवत्ता सुरक्षा में सुधार की उम्मीद जताई।

भारतीय रेलवे ने 15 सितंबर 2026 को गुजरात के कच्छ जिले स्थित शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल से मीठापुर के लिए देश की पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन रवाना की — एक ऐसी पहल जो नमक उद्योग की ढुलाई लागत घटाने और गुणवत्ता सुरक्षित रखने के दोहरे लक्ष्य को साधती है। इस सेवा में विशेष रूप से निर्मित हल्के स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का उपयोग किया जा रहा है, जो एक साथ अधिक नमक ढोने में सक्षम हैं।

कैसे काम करता है नया कंटेनर

अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश के अनुसार, प्रत्येक कंटेनर के ऊपरी हिस्से में दो ओपनिंग दी गई हैं, जिनसे नमक लोड किया जाता है। लोडिंग के बाद कंटेनर को ट्रेलर की सहायता से उठाकर निर्धारित स्थान पर रखा जाता है। माल उतारने के लिए कंटेनर को एक तरफ से खोलने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे अनलोडिंग प्रक्रिया सुगम हो जाती है।

स्टेनलेस स्टील से बने ये हल्के कंटेनर इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं कि कंटेनर के स्वयं के वज़न और उसमें भरे जाने वाले नमक के वज़न के बीच बेहतर संतुलन बना रहे। इससे प्रत्येक यात्रा में माल ढुलाई की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

लोडिंग क्षमता में 10% की बढ़त

शिवलखा कार्गो टर्मिनल के टर्मिनल हेड मोहम्मद अरशद ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में एक कंटेनर में लगभग 28 से 30 टन नमक लोड होता था। नई व्यवस्था के तहत यह मात्रा बढ़कर लगभग 33.5 टन हो गई है — यानी लोडिंग क्षमता में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि। उनके अनुसार, जहाँ पहले समान लागत पर लगभग 30 टन नमक ढोया जाता था, अब उसी लागत में करीब 33 टन नमक की ढुलाई संभव है, जो लोडिंग दक्षता के लिहाज़ से लगभग 11 प्रतिशत की बचत है।

नमक उद्योग पर असर

गांधीधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष तेजाभाई कांगड़ ने इस पहल को नमक उद्योग के लिए 'बड़े बदलाव' की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि कोटिंग वाले एसएसपी वैगनों की रेक तैयार होने से नमक की गुणवत्ता संरक्षण में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि खुले वैगनों में नमक नमी सोख लेता था, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने का ख़तरा रहता था। कोटिंग वाले बंद कंटेनरों में यह समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब कच्छ क्षेत्र भारत के कुल नमक उत्पादन में एक बड़ी हिस्सेदारी रखता है और यहाँ से नमक की ढुलाई वर्षों से एक चुनौती रही है। नई व्यवस्था परिवहन लागत में कमी के साथ-साथ उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में भी सहायक मानी जा रही है।

गतिशक्ति की भूमिका

यह ट्रेन सेवा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल से संचालित की जा रही है, जो मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में इस मॉडल को अन्य नमक उत्पादक क्षेत्रों तक विस्तार दिया जा सकता है।

यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में कच्छ के अन्य कार्गो टर्मिनलों से भी इसी तरह की विशेष कंटेनर ट्रेनें चलाई जा सकती हैं — जिससे क्षेत्र के नमक उत्पादकों को दीर्घकालीन लाभ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इनका लाभ तभी अधिकतम होगा जब इन्हें नीतिगत रूप से पूरी आपूर्ति श्रृंखला — उत्पादन से बंदरगाह तक — से जोड़ा जाए।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देश की पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन क्या है और कहाँ से चलाई गई?
यह भारतीय रेलवे द्वारा 15 सितंबर 2026 को गुजरात के कच्छ जिले स्थित शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल से मीठापुर के लिए शुरू की गई देश की पहली विशेष नमक कंटेनर ट्रेन सेवा है। इसमें हल्के स्टेनलेस स्टील से बने विशेष कंटेनरों का उपयोग किया जाता है।
नए स्टेनलेस स्टील कंटेनर पुराने कंटेनरों से कितने बेहतर हैं?
पुरानी व्यवस्था में एक कंटेनर में लगभग 28 से 30 टन नमक लोड होता था, जबकि नए कंटेनरों में यह क्षमता बढ़कर लगभग 33.5 टन हो गई है। यह लोडिंग क्षमता में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि है और समान लागत में लगभग 11 प्रतिशत अधिक माल ढुलाई संभव हो रही है।
नए कंटेनरों से नमक की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ेगा?
गांधीधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष तेजाभाई कांगड़ के अनुसार, खुले वैगनों में नमक नमी सोख लेता था जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती थी। कोटिंग वाले बंद कंटेनरों में यह समस्या काफी हद तक कम होगी, जिससे नमक की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखी जा सकेगी।
शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल क्या है?
शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल गुजरात के कच्छ जिले में स्थित एक मल्टी-मॉडल कार्गो सुविधा है, जो केंद्र सरकार के पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित की गई है। यह टर्मिनल माल ढुलाई की कुशलता और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
क्या भविष्य में इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा?
अधिकारियों के अनुसार, यदि यह पायलट सफल रहा तो इस मॉडल को अन्य नमक उत्पादक क्षेत्रों तक विस्तार दिया जा सकता है। फिलहाल यह सेवा शिवलखा से मीठापुर मार्ग पर संचालित है और इसके परिणामों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले