29 जून 2026
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गुजरात-हरियाणा याचिका समितियों की गांधीनगर में संयुक्त बैठक, संसदीय प्रक्रिया और जन शिकायत निवारण पर मंथन

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गुजरात-हरियाणा याचिका समितियों की गांधीनगर में संयुक्त बैठक, संसदीय प्रक्रिया और जन शिकायत निवारण पर मंथन

सारांश

गुजरात और हरियाणा की याचिका समितियों ने गांधीनगर में मिलकर संसदीय प्रक्रियाओं और जन शिकायत निवारण पर मंथन किया। उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी और हरियाणा समिति अध्यक्ष विनोद भायना ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना से दोनों राज्यों के संसदीय सहयोग को नई दिशा देने पर ज़ोर दिया।

मुख्य बातें

गुजरात और हरियाणा विधानसभा की याचिका समितियों की संयुक्त बैठक 29 जून को गांधीनगर में आयोजित हुई।
गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी ने याचिका समिति को जनता की आवाज़ विधानसभा तक पहुँचाने का प्रभावी मंच बताया।
हरियाणा याचिका समिति के अध्यक्ष विनोद भायना ने कहा कि अंतरराज्यीय आदान-प्रदान से संसदीय व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
बैठक में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना के तहत दोनों राज्यों के संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया गया।
दोनों राज्यों के विधायक, समिति सदस्य और सचिवालय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

गुजरात और हरियाणा विधानसभा की याचिका समितियों ने सोमवार, 29 जून को गांधीनगर में एक संयुक्त बैठक आयोजित की, जिसमें लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय प्रक्रियाओं और नागरिकों की शिकायतों के पारदर्शी समाधान के तरीकों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक गुजरात विधानसभा परिसर में हुई, जहाँ दोनों राज्यों के समिति सदस्यों ने अपने-अपने कार्य अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाएँ साझा कीं।

बैठक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

इस अंतरराज्यीय बैठक का मुख्य लक्ष्य विधायी प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ बनाना तथा दोनों राज्यों के बीच संसदीय कार्यप्रणाली के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था। गौरतलब है कि याचिका समितियाँ नागरिकों को विधानसभा के माध्यम से अपनी समस्याएँ सीधे उठाने का संवैधानिक अवसर देती हैं, और ऐसे अंतरराज्यीय संवाद से इन समितियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।

मुख्य वक्तव्य और विचार

गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी ने कहा कि गुजरात और हरियाणा दोनों ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मज़बूत लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि हरियाणा अपनी वीरता और खेल उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध है, जबकि गुजरात अपने उद्यमशील स्वभाव, व्यापारिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक विविधता के लिए विश्वभर में पहचाना जाता है।

पूर्णेश मोदी ने याचिका समिति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह समिति जनता की आवाज़ को सीधे विधानसभा तक पहुँचाने का एक प्रभावी मंच है, जहाँ नागरिकों की शिकायतें सुनी जाती हैं और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की याचिका समितियाँ संसदीय नियमों को समझने, पारदर्शिता बनाए रखने और जन समस्याओं के समाधान के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध हैं।

हरियाणा याचिका समिति के अध्यक्ष विनोद भायना ने कहा कि ऐसे अंतरराज्यीय दौरों का मुख्य उद्देश्य विचारों और कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के माध्यम से संसदीय व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे दोनों राज्यों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे तथा जनता की समस्याओं का अधिक प्रभावी समाधान संभव होगा।

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना पर ज़ोर

बैठक में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना के अंतर्गत गुजरात और हरियाणा के संबंधों को और मज़बूत करने पर विशेष बल दिया गया। दोनों राज्यों की विशेषताओं — हरियाणा की खेल एवं वीरता परंपरा और गुजरात की व्यापारिक एवं उद्यमशीलता की संस्कृति — को एक-दूसरे का पूरक बताया गया।

बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य

इस संयुक्त बैठक में हरियाणा याचिका समिति की सदस्य शकुंतला खटक, लक्ष्मण सिंह यादव और चंद्र प्रकाश शामिल हुए। गुजरात की ओर से विधायक मनु पटेल और कालू डाभी उपस्थित रहे। गुजरात विधानसभा सचिवालय की संयुक्त सचिव रीता मेहता, उप सचिव चिराग पटेल और समिति सचिव एवं उप सचिव पार्थ प्रजापति ने भी बैठक में भाग लिया।

आगे की राह

इस तरह के अंतरराज्यीय संसदीय संवाद से दोनों विधानसभाओं को एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और जन-केंद्रित कार्यों को गति देने का अवसर मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, याचिका समितियों के बीच ऐसा सहयोग भारत की संघीय संसदीय संरचना को और सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन बैठकों से ज़मीनी स्तर पर जन शिकायत निवारण की प्रक्रिया कितनी तेज़ और पारदर्शी होती है। भारत में याचिका समितियाँ अक्सर कम चर्चित रहती हैं, जबकि ये नागरिकों और विधायिका के बीच सबसे सीधा संवैधानिक सेतु हैं। 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के नारे के साथ राज्यों के बीच सांस्कृतिक और प्रशासनिक आदान-प्रदान की यह पहल तभी सार्थक होगी जब इसके परिणाम — बेहतर शिकायत निपटान दर और कम लंबित याचिकाएँ — सार्वजनिक रूप से मापे और साझा किए जाएँ।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात और हरियाणा याचिका समितियों की संयुक्त बैठक क्यों आयोजित की गई?
यह बैठक दोनों राज्यों की संसदीय कार्यप्रणालियों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए 29 जून को गांधीनगर में हुई। इसका उद्देश्य विधायी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना और जन शिकायत निवारण को अधिक प्रभावी बनाना था।
याचिका समिति क्या होती है और इसका क्या काम है?
याचिका समिति विधानसभा की एक स्थायी संसदीय समिति होती है जो नागरिकों की शिकायतें और याचिकाएँ सीधे विधायिका तक पहुँचाती है। यह समिति शिकायतों की जाँच कर संबंधित विभागों से जवाब माँगती है और समाधान सुनिश्चित करती है।
बैठक में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी और नेता शामिल थे?
बैठक में गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी, हरियाणा याचिका समिति के अध्यक्ष विनोद भायना, हरियाणा से शकुंतला खटक, लक्ष्मण सिंह यादव और चंद्र प्रकाश, गुजरात से विधायक मनु पटेल और कालू डाभी तथा दोनों राज्यों के सचिवालय अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक से दोनों राज्यों को क्या फायदा होगा?
इस संयुक्त बैठक से दोनों राज्यों को एक-दूसरे की संसदीय प्रक्रियाओं से सीखने और जन शिकायत निवारण को अधिक पारदर्शी बनाने का अवसर मिलेगा। विनोद भायना के अनुसार, इससे दोनों राज्यों के बीच संबंध प्रगाढ़ होंगे और जन-केंद्रित कार्यों को गति मिलेगी।
'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का इस बैठक से क्या संबंध है?
बैठक में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना के तहत दोनों राज्यों के सांस्कृतिक और प्रशासनिक सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया। हरियाणा की खेल व वीरता परंपरा और गुजरात की उद्यमशीलता को एक-दूसरे का पूरक बताया गया।
राष्ट्र प्रेस
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