24 सितंबर 2026
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गुजरात में 3 महीने का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान, AI और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग पर ज़ोर

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गुजरात में 3 महीने का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान, AI और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग पर ज़ोर

सारांश

गुजरात सरकार ने तीन महीने का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान शुरू किया है जो भ्रष्टाचार को पकड़ने से आगे जाकर उसे पनपने से रोकने की कोशिश करता है — AI, डेटा एनालिटिक्स और IIT गांधीनगर की मदद से। यह राज्य शासन में प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 10 सितंबर से 9 दिसंबर 2026 तक तीन महीने का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान शुरू किया।
अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
500 से अधिक अधिकारियों को सरकारी खरीद, साइबर सिक्योरिटी, फॉरेंसिक अकाउंटिंग और AI पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से 'प्रेडिक्टिव विजिलेंस फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर' के तहत डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्विन्स का उपयोग होगा।
31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक 'प्रोबिटी फॉर प्रॉस्पेरिटी' थीम पर सतर्कता जागरूकता सप्ताह आयोजित होगा।
गुजरात सतर्कता आयोग , ACB , NFSU , IIT गांधीनगर और कई विश्वविद्यालय मिलकर प्रशिक्षण देंगे।

गुजरात सरकार ने 24 सितंबर 2026 को गांधीनगर से प्रशासनिक प्रक्रियाओं की खामियाँ उजागर करने और भ्रष्टाचार के संभावित जोखिमों को पूर्व में ही समाप्त करने के उद्देश्य से तीन महीने का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान शुरू किया है। यह अभियान 10 सितंबर से 9 दिसंबर 2026 तक चलेगा और इसमें राज्य के विभाग, बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम तथा स्थानीय निकाय शामिल होंगे।

अभियान की संरचना और नेतृत्व

सरकारी बयान के अनुसार, यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। इसमें गुजरात सतर्कता आयोग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और राज्य के विभिन्न विभाग समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि लक्ष्य केवल भ्रष्टाचार पकड़ना नहीं, बल्कि उन प्रणालीगत कमज़ोरियों को पहले से दूर करना है जो उसे पनपने देती हैं।

ट्रेनिंग में क्या शामिल है

अभियान के प्रमुख प्रशिक्षण घटकों में साइबर सिक्योरिटी, सरकारी खरीद, फॉरेंसिक अकाउंटिंग, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रशासनिक उपयोग पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक कार्यालय और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) मिलकर साइबर सिक्योरिटी और साइबर हाइजीन ट्रेनिंग देंगे।

वित्त विभाग अकाउंटिंग कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगा, जबकि गुजरात अकाउंट्स सर्विस के क्लास-I और क्लास-II अधिकारियों को NFSU के सहयोग से फॉरेंसिक अकाउंटिंग और धोखाधड़ी जाँच की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग सेशन में RTI एक्ट, सिटीजन चार्टर, डेटा प्रोटेक्शन, फिशिंग और साइबर फ्रॉड जैसे विषय भी शामिल होंगे।

एआई और डेटा एनालिटिक्स का प्रयोग

गौरतलब है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से 'प्रेडिक्टिव विजिलेंस फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर' परियोजना पर काम करेगा। इसके अंतर्गत डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन्स और गेमिफिकेशन के माध्यम से जोखिम की पूर्व-पहचान और डेटा-आधारित सतर्कता प्रणाली विकसित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकारें पारंपरिक निगरानी तंत्र से आगे जाकर प्रौद्योगिकी-आधारित शासन की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह और अन्य पहलें

अभियान के साथ-साथ 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक 'प्रोबिटी फॉर प्रॉस्पेरिटी' थीम के तहत सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान ईमानदारी की शपथ, जन जागरूकता कार्यक्रम, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएँ तथा डिजिटल पहलें आयोजित की जाएंगी। 'अलर्ट सप्लायर, स्ट्रॉन्ग गुजरात' पहल के तहत सरकारी खरीद की प्रक्रिया में 500 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा और एक विस्तृत गाइड तैयार की जाएगी।

इसके अलावा, सरकार की चल संपत्तियों को डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करने, लीज समझौतों की समीक्षा, अतिक्रमण हटाने और पुरानी सरकारी संपत्तियों के नियमानुसार निपटारे पर भी ध्यान दिया जाएगा। राजस्व विभाग, एसपीआईपीए, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और दीनदयाल इंस्टीट्यूट ऑफ सर्वे एंड रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, नैतिकता और आचरण नियमों पर प्रशिक्षण देगा।

आगे की राह

अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार मौजूदा प्रक्रियाओं की चिह्नित कमज़ोरियों के आधार पर तकनीक-आधारित व्यवस्थाओं का विस्तार करेगी और नागरिक शिकायत निवारण प्रणाली को और सुदृढ़ बनाएगी। यह अभियान गुजरात के शासन ढाँचे में दीर्घकालिक पारदर्शिता की नींव रखने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कागज़ पर प्रशंसनीय है। लेकिन असली सवाल यह है कि IIT गांधीनगर की 'प्रेडिक्टिव विजिलेंस' और डेटा एनालिटिक्स की महत्वाकांक्षा को ज़मीन पर लागू करने के लिए क्या कोई स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र है। तीन महीने के अभियानों की एक आम कमज़ोरी यह रही है कि वे समाप्त होते ही संस्थागत स्मृति से ओझल हो जाते हैं। इसलिए इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षण के बाद चिह्नित खामियों को दूर करने की जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाती है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान क्या है?
यह गुजरात सरकार का तीन महीने का अभियान है जो 10 सितंबर से 9 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की कमज़ोरियाँ पहले से पहचानकर भ्रष्टाचार के जोखिमों को दूर करना है, न कि केवल बाद में कार्रवाई करना।
इस अभियान में AI और साइबर सिक्योरिटी की क्या भूमिका है?
अभियान के तहत IIT गांधीनगर के सहयोग से 'प्रेडिक्टिव विजिलेंस फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर' परियोजना चलाई जाएगी जिसमें डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्विन्स से जोखिम पहचाना जाएगा। इसके साथ ही NFSU के सहयोग से साइबर सिक्योरिटी, साइबर फ्रॉड और प्रशासन में AI के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा है और कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?
अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में चल रहा है। गुजरात सतर्कता आयोग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गृह विभाग, वित्त विभाग, राजस्व विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सहित कई एजेंसियाँ इसमें भाग ले रही हैं।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह कब और किस थीम पर मनाया जाएगा?
'प्रोबिटी फॉर प्रॉस्पेरिटी' थीम के तहत सतर्कता जागरूकता सप्ताह 31 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें ईमानदारी की शपथ, निबंध-चित्रकला प्रतियोगिताएँ और जन जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे।
इस अभियान से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
अभियान के तहत नागरिक शिकायत निवारण प्रणाली को मज़बूत किया जाएगा और सरकारी सेवाएँ तय समय में देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ने और अतिक्रमण हटाने जैसे कदमों से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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