हरदीप सिंह पुरी ने एक्सॉनमोबिल प्रमुख से की मुलाकात, OALP राउंड 10 में 1.82 लाख वर्ग किमी के 25 ब्लॉक पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार, 25 अगस्त को अपस्ट्रीम वैश्विक तेल कंपनी एक्सॉनमोबिल के इंडिया कंट्री चेयर स्कॉट सैंडलिन से मुलाकात की और ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) राउंड 10 तथा ईस्टर्न ऑफशोर क्षेत्रों में तेल व गैस अन्वेषण के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री ने इस बातचीत को 'फायदेमंद' बताया और कहा कि भारत ने निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि भारत ने लगभग 10 लाख वर्ग किलोमीटर के 'नो-गो' (प्रतिबंधित) क्षेत्रों को अन्वेषण के लिए खोल दिया है। उन्होंने कहा, 'अब ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अमेंडमेंट एक्ट, 2025, नए पीएनजी नियमों और एम्पावर्ड कमिटी ऑफ सेक्रेटरीज (ECS) के सुधारों के लागू होने के बाद हमारे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए अपस्ट्रीम क्षेत्र में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।'
इसी दौरान मंत्री ने प्रबंधन परामर्श और व्यापार रूपांतरण के वैश्विक अग्रणी संस्थान बेन एंड कंपनी के चेयरमैन मैनी मैसेडा से भी मुलाकात की। पुरी ने कहा कि 'टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्ट्रैटेजी में अपनी विशेषज्ञता और वैश्विक अनुभव के साथ, बेन भारत के एनर्जी सेक्टर को मजबूत और विस्तारित करने की कोशिशों में भारतीय एनर्जी कंपनियों के साथ सार्थक सहयोग कर सकता है।'
OALP राउंड 10 की विशेषताएँ
सरकार द्वारा घोषित OALP बिड राउंड 10 HELP व्यवस्था के तहत अब तक का सबसे बड़ा बिड राउंड है। इसमें निवेशकों को लगभग 1,82,589.21 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले 25 ब्लॉक पेश किए गए हैं।
यह मुख्यतः एक ऑफशोर बिड राउंड है, जिसमें 1,65,718 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले 19 ऑफशोर ब्लॉक शामिल हैं। इनमें से 13 ब्लॉक, जिनका क्षेत्रफल 1,24,327 वर्ग किलोमीटर है, गहरे पानी (डीप वॉटर) और अति गहरे पानी (अल्ट्रा-डीप वॉटर) वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। शेष 6 ब्लॉक ऑनलैंड हैं। ये सभी ब्लॉक 13 सेडिमेंट्री बेसिन में फैले हुए हैं।
बोली प्रक्रिया और समयसीमा
ऑनलैंड और उथले पानी (शैलो वॉटर) वाले ब्लॉकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 जून को बंद हो चुकी है। गहरे और अति गहरे पानी वाले ब्लॉकों के लिए बोलियाँ 17 सितंबर तक जमा की जा सकती हैं। पेश किए गए प्रत्येक ब्लॉक का अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा हाइड्रोकार्बन संभावना के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जाता है और ये निवेशकों के लिए सुलभ हैं।
आम जनता और ऊर्जा क्षेत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है। घरेलू तेल व गैस उत्पादन में वृद्धि से आयात निर्भरता घटाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की उम्मीद है। एक्सॉनमोबिल जैसी वैश्विक कंपनियों की संभावित भागीदारी से गहरे समुद्र में अन्वेषण को तकनीकी और वित्तीय बल मिल सकता है।
गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, और घरेलू उत्पादन बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता रही है। OALP राउंड 10 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।