हरियाणा कौशल निगम कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग: हुड्डा का 19 अगस्त को पंचकूला में बड़े प्रदर्शन का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार, 11 अगस्त को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत में घोषणा की कि हरियाणा कांग्रेस 19 अगस्त को पंचकूला में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों के नियमितीकरण समेत कई अन्य मुद्दों पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करेगी। यह प्रदर्शन उस समय हो रहा है जब एचकेआरएन कर्मचारी स्थायी रोजगार और समान वेतन की माँग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं।
प्रदर्शन की तैयारी और नेतृत्व
हुड्डा के अनुसार, 19 अगस्त के प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता, हरियाणा कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, सभी सांसद, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा को इस प्रदर्शन के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने इसे एचकेआरएन कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई में एक निर्णायक कदम बताया है।
कर्मचारियों की मुख्य माँगें
हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लगातार यह माँग करती रही है कि एचकेआरएन के तहत कार्यरत सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही भविष्य में होने वाली भर्तियाँ भी अनुबंध आधारित नहीं, बल्कि स्थायी आधार पर हों।
वेतन असमानता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि कौशल निगम कर्मचारियों को प्रतिमाह मात्र ₹15,000 से ₹20,000 वेतन मिलता है, जबकि उसी काम के लिए स्थायी सरकारी कर्मचारियों को कम से कम ₹60,000 प्रतिमाह दिया जाता है। कांग्रेस की माँग है कि इन कर्मचारियों को समान वेतन के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएँ, अवकाश, यात्रा भत्ता और आरक्षण जैसे सभी लाभ भी मिलें।
भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप
हुड्डा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव के दौरान कौशल निगम के 1.25 लाख कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। उनके अनुसार, करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो इस संबंध में कोई कानून बना और न ही कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई। हुड्डा ने कहा, "ऐसे में इन कर्मचारियों के सामने नौकरी जाने का खतरा लगातार बना हुआ है और सरकार उन्हें किसी न किसी बहाने से हटाती रहती है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान BJP ने कर्मचारियों और उनके परिजनों में यह भ्रम फैलाया कि कांग्रेस सरकार बनने पर उनकी नौकरियाँ जाएँगी, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस हमेशा से इनके नियमितीकरण की पक्षधर रही है।
घोटाला जाँच समिति और विधानसभा रणनीति
हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस ने सरकार से जुड़े कथित घोटालों का अध्ययन और पर्दाफाश करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति की अध्यक्षता अशोक अरोड़ा करेंगे, जबकि विधायक रघुबीर कादियान विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होंगे। दोनों नेताओं को समिति में अन्य सदस्यों को शामिल करने का अधिकार दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में कथित घोटालों पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाएगी। इसके अलावा कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते संगठित अपराध और संपत्ति कर तथा कलेक्टर रेट के आधार पर बढ़ाए गए करों पर सरकार से जवाब माँगने के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा।
अतिथि अध्यापकों का मुद्दा
अतिथि अध्यापकों के मसले पर हुड्डा ने कहा कि अदालत का फैसला शिक्षकों के पक्ष में आने के बाद सरकार को तत्काल उनकी सेवाएँ नियमित करनी चाहिए और उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएँ देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अदालत के फैसले को नजरअंदाज कर रही है। आने वाले दिनों में 19 अगस्त का पंचकूला प्रदर्शन यह तय करेगा कि हरियाणा में कर्मचारी अधिकारों की यह लड़ाई किस दिशा में जाती है।