हरियाणा में BJP सरकार पर हुड्डा का बड़ा आरोप: 'किराने की दुकान की तरह बिक रही हैं नौकरियाँ'
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार, 22 जून को रोहतक में प्रेस को संबोधित करते हुए राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सरकारी नौकरियाँ बेचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार नौकरियाँ 'ठीक उसी तरह बेच रही है जैसे किराने की दुकान में सामान बेचा जाता है।' हुड्डा के अनुसार, कुरुक्षेत्र में भाजपा अध्यक्ष से जुड़ी एक वायरल कॉल रिकॉर्डिंग ने इस कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया है।
वायरल कॉल और भर्ती घोटाले के आरोप
हुड्डा ने दावा किया कि वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में खुलासा हुआ है कि सरकार 'कौशल निगम' के तहत संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पदों से लेकर स्थायी भर्ती तक — सब कुछ बिक्री के लिए उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार अनियमितताएँ सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने सड़कों और विधानसभा, दोनों जगहों पर यह मुद्दा उठाया है और सरकार के सामने सभी तथ्य और सबूत औपचारिक रूप से पेश किए हैं। हालाँकि, हरियाणा की नौकरियाँ बेचने में लगी सरकार सत्ता के अहंकार में डूबी हुई है।'
NEET पेपर लीक और रोहतक कनेक्शन
हुड्डा ने NEET परीक्षा विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा कराए जाने के बावजूद उस पर सवाल उठते रहे, क्योंकि रोहतक में पेपर लीक की साजिश के आरोप में दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार, यह घटना राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता
विपक्ष के नेता ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के घर पर फायरिंग से लेकर विधायक बलराम डांगी के कार्यालय पर हमले जैसी घटनाएँ साफ दिखाती हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आज व्यापारी, बिजनेसमैन और राजनेताओं से लेकर डॉक्टर तक, सभी धमकियों, जबरन वसूली और गोलीबारी का शिकार हो रहे हैं।'
उन्होंने रोहतक में हाल ही में हुई आगजनी की घटना से प्रभावित दुकानदारों को मुआवजा न दिए जाने और नया निर्माण करने से रोके जाने पर भी सरकार की कड़ी आलोचना की।
सूचकांकों में हरियाणा की गिरती रैंकिंग
हुड्डा ने केंद्र सरकार के सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स का हवाला देते हुए कहा कि 33 अंकों के स्कोर के साथ हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य रहा। इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में हरियाणा पुलिस की रैंकिंग आठवें से गिरकर 14वें स्थान पर आ गई है। हैप्पीनेस इंडेक्स में हरियाणा देशभर में 16वें स्थान पर रहा, जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की रिपोर्ट में प्रदर्शन के मामले में राज्य 11वें स्थान पर रहा।
इन आँकड़ों के आधार पर हुड्डा ने कहा कि राज्य के लोगों का सरकार और प्रशासन से भरोसा उठ चुका है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इन मुद्दों को और अधिक आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है।