क्या हिजाब वाली महिला प्रधानमंत्री और मेयर बन सकती है? - वारिस पठान
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें ओवैसी ने कहा था कि हिजाब पहनने वाली महिला एक दिन इस देश की प्रधानमंत्री बन सकती है। वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि हमने संविधान के दायरे में रहकर कहा है कि एक दिन एक हिजाब वाली महिला न केवल प्रधानमंत्री बन सकती है, बल्कि मुंबई की मेयर भी बन सकती है। हमारी बात पूरी तरह से संविधान के अनुसार थी। फिर किसी को दिक्कत क्यों हो रही है?
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि हम सिर्फ संविधान की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुंबई की मेयर को लेकर अलग-अलग बयान आ रहे थे, हमने कहा कि कोई भी कुछ भी बन सकता है। पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि केवल एक धर्म के लोग कुछ विशेष पदों पर रह सकते हैं। लेकिन भारत में, जो संविधान हमें डॉ बीआर अंबेडकर ने दिया है, उसमें कोई भी किसी भी पद पर रह सकता है। यदि हिजाब पहनने वाली महिला मेहनत करे, तो वह अपने सपने पूरे कर सकती है। हालात कठिन हो सकते हैं, लेकिन इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है। एक दिन हिजाब वाली महिला भी प्रधानमंत्री और मेयर बन सकती है।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में शिक्षा दी जाती है, तो आप क्यों शिक्षा के दुश्मन बने हुए हैं? नफरत क्यों फैला रहे हैं?
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे द्वारा असदुद्दीन ओवैसी पर दिए बयान को लेकर वारिस पठान ने कहा कि इस बयान की जितनी निंदा की जाए, वह कम होगी। भाजपा की ओर से नफरत फैलाने वाले नितेश राणे ने हमारे पार्टी अध्यक्ष को अपशब्द कहे हैं और उन्हें माफी मांगनी चाहिए। पांच बार के सांसद और संसद द्वारा सम्मानित नेता के बारे में ऐसी शर्मनाक टिप्पणी करना बिल्कुल गलत है। यह वही व्यक्ति हैं जिन्हें भारत सरकार ने एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में विदेश भेजा था और जिन्होंने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब किया था। उनके खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शर्मनाक है। नितेश राणे को माफी मांगनी चाहिए। हम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे लापरवाह नेताओं पर लगाम लगाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार पाकिस्तान भेजने की बात करने वाले मंत्री को कहना चाहता हूं कि हम किसी से डरते नहीं हैं। भारत से हमें कोई बाहर नहीं निकाल सकता है।