8 नवंबर 2026
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दीपावली पर हिमाचल के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और CM सुक्खू ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ

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दीपावली पर हिमाचल के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और CM सुक्खू ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ

सारांश

दीपावली पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को एकता और सद्भावना का संदेश दिया। राज्यपाल ने शिमला में सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ नाटी नृत्य कर त्योहार मनाया और हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी समाज की बताई।

मुख्य बातें

राज्यपाल कविंदर गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली पर हिमाचल प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएँ दीं।
राज्यपाल ने दीपावली को 'बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय' का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाने की अपील की।
राज्यपाल ने शिमला के सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ दीपावली मनाई और हिमाचल का पारंपरिक लोकनृत्य नाटी भी प्रस्तुत किया।
राज्यपाल ने कहा कि हर बच्चे को प्रेम, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। दोनों नेताओं ने अपने-अपने संदेशों में इस त्योहार को सुख, समृद्धि, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया तथा आशा व्यक्त की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियाँ, शांति और उन्नति लेकर आए।

राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली का पर्व 'हर व्यक्ति के जीवन को आलोकित करता है और बुराई पर अच्छाई तथा अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार राज्य के लोगों के जीवन में अपार हर्ष और आनंद का संचार करेगा।

राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों का वास्तविक महत्व 'खुशियाँ बाँटने, मानवीय रिश्तों को मजबूत बनाने और यह सुनिश्चित करने में है कि समाज का कोई भी वर्ग प्रेम, देखभाल और अपनत्व की भावना से वंचित न रहे।'

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में दीपावली को 'सद्भावना, एकता और भाईचारे का पर्व' बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, उत्साह और आनंद लेकर आएगा तथा लोगों के बीच एकता और आपसी सौहार्द के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाने की अपील की।

सर्वोदय बाल आश्रम में उत्सव

दीपावली से एक दिन पूर्व राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शिमला के लोक भवन में सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ दीपावली का जश्न मनाया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के साथ खुशी, स्नेह और अपनत्व के पल साझा किए। समारोह में गर्मजोशी और उल्लास का माहौल रहा, और राज्यपाल ने बच्चों से संवाद कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस आयोजन को और विशेष बनाते हुए राज्यपाल ने बच्चों के साथ नाटी — हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक लोकनृत्य — भी प्रस्तुत किया, जिससे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके सम्मान का परिचय मिला।

बच्चों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा, 'हर बच्चे के भीतर कुछ असाधारण हासिल करने की क्षमता होती है। उन्हें केवल प्रेम, प्रोत्साहन, उचित मार्गदर्शन और अपने सपनों को साकार करने के अवसरों की आवश्यकता होती है।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे को सम्मान, आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ बड़ा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। दीपावली को उन्होंने 'सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि आशा, करुणा और मानवीय मूल्यों का उत्सव' करार दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दीपावली पर क्या संदेश दिया?
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने दीपावली को बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व बताया, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे सद्भावना और एकता का संदेश देने वाला त्योहार कहा। दोनों ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दीपावली पर कौन-सी विशेष अपील की?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह त्योहार लोगों के बीच एकता और आपसी सौहार्द को और मजबूत करे।
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने दीपावली पर कहाँ और किसके साथ उत्सव मनाया?
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शिमला के लोक भवन में सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ दीपावली का जश्न मनाया। उन्होंने बच्चों के साथ हिमाचल का पारंपरिक लोकनृत्य नाटी भी प्रस्तुत किया।
राज्यपाल ने बच्चों के बारे में क्या कहा?
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हर बच्चे के भीतर असाधारण क्षमता होती है और उसे केवल प्रेम, प्रोत्साहन और उचित मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने हर बच्चे को सम्मान, आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ बड़ा करने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
नाटी क्या है और इसे दीपावली समारोह में क्यों प्रस्तुत किया गया?
नाटी हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक लोकनृत्य है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बाल आश्रम के बच्चों के साथ नाटी प्रस्तुत कर हिमाचल की सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की।
राष्ट्र प्रेस
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