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बड़वानी में एसिड कैन गिरने से महिला की मौत, दो बच्चे गंभीर रूप से झुलसे

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बड़वानी में एसिड कैन गिरने से महिला की मौत, दो बच्चे गंभीर रूप से झुलसे

सारांश

बड़वानी के मोहनपुरा गांव में शुक्रवार तड़के खेत में रखा 5 लीटर एसिड का कैन चूहों की हलचल से गिर पड़ा। 24 वर्षीय पिंकी की मौत हो गई, दो बच्चे बर्न वार्ड में जिंदगी से जूझ रहे हैं। कृषि रसायनों के असुरक्षित घरेलू भंडारण का यह दर्दनाक नतीजा है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के मोहनपुरा गांव में 29 मई को सुबह 4 बजे एसिड कैन गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ।
24 वर्षीय पिंकी की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
पिंकी के दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हैं और बड़वानी जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती हैं।
ड्रिप सिंचाई लाइनों की सफाई के लिए रखा गया 5 लीटर एसिड का कैन चूहों की हलचल से रैक से गिरा।
पुलिस ने मामला दर्ज कर एसिड भंडारण में सुरक्षा नियमों के पालन की जांच शुरू की।
जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के मोहनपुरा गांव में शुक्रवार, 29 मई की सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसे में 24 वर्षीय पिंकी की मौत हो गई और उसके दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए, जब ड्रिप सिंचाई लाइनों की सफाई के लिए घर में रखा 5 लीटर एसिड का कैन रैक से गिर पड़ा। पुलिस के अनुसार, कैन चूहों की आवाजाही के कारण हिला और नीचे गिरकर तेजाब परिवार पर फैल गया।

हादसे का घटनाक्रम

पिंकी के पति विजय चौहान, जो मूल रूप से सालेखड़ा गांव के रहने वाले हैं, अपने परिवार के साथ खेत में बने घर में रह रहे थे। परिवार खेती के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग करता था और उसकी नियमित सफाई के लिए एसिड घर में रैक पर रखा गया था। सुबह करीब 4 बजे चूहों की हलचल से कैन अपनी जगह से खिसका और गिरकर फट गया, जिससे तेजाब पिंकी और दोनों बच्चों पर फैल गया।

इलाज और अस्पताल में स्थिति

परिवार के लोग तत्काल घायलों को राजपुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहाँ हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने तीनों को बड़वानी जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुँचने से पहले ही पिंकी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। दोनों बच्चे अभी जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती हैं और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। उनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस जांच और प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि एसिड के भंडारण में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है, जिसमें बच्चों के उपचार में मदद भी शामिल है।

खतरनाक रसायनों के घरेलू भंडारण पर चिंता

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि रसायनों के असुरक्षित भंडारण को लेकर चिंताएं पहले से जताई जाती रही हैं। स्थानीय लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि घरों में खतरनाक रसायन रखने से इस तरह के जानलेवा हादसे हो सकते हैं। गौरतलब है कि ड्रिप सिंचाई के लिए एसिड का उपयोग मध्य प्रदेश के कई कृषि-प्रधान जिलों में आम है, लेकिन इसके सुरक्षित भंडारण को लेकर किसानों में जागरूकता की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। आगे बच्चों की स्थिति में सुधार और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर सबकी नज़र टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण भारत में कृषि रसायनों के असुरक्षित भंडारण की एक बड़ी व्यवस्थागत खामी का प्रतिबिंब है। ड्रिप सिंचाई के प्रसार के साथ तेजाब जैसे खतरनाक रसायन किसानों के घरों तक पहुँच गए हैं, लेकिन उनके सुरक्षित भंडारण को लेकर न पर्याप्त प्रशिक्षण है, न ही सख्त निगरानी। सरकार कृषि योजनाओं को बढ़ावा देती है, पर रसायन-सुरक्षा जागरूकता उनके क्रियान्वयन का हिस्सा नहीं बनती — यही अंतर जानलेवा साबित होता है। जब तक कृषि रसायनों के भंडारण के लिए अनिवार्य सुरक्षा मानक और किसान-स्तर पर जागरूकता अभियान नहीं चलाए जाते, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बड़वानी एसिड हादसे में क्या हुआ?
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के मोहनपुरा गांव में 29 मई की सुबह करीब 4 बजे ड्रिप सिंचाई लाइनों की सफाई के लिए रखा 5 लीटर एसिड का कैन रैक से गिर गया, जिससे 24 वर्षीय पिंकी और उसके दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए। पिंकी की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
एसिड कैन क्यों गिरा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घर में चूहों की आवाजाही के कारण रैक पर रखा एसिड का कैन हिला और नीचे गिर गया, जिससे तेजाब परिवार पर फैल गया। कैन खेतों में ड्रिप सिंचाई लाइनों की सफाई के लिए घर में रखा गया था।
दोनों बच्चों की अभी क्या स्थिति है?
दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हैं और बड़वानी जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है और उनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस इस मामले में क्या जांच कर रही है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि एसिड के भंडारण में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
इस हादसे से क्या सबक मिलता है?
यह हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि रसायनों के असुरक्षित घरेलू भंडारण के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को खतरनाक रसायनों के सुरक्षित भंडारण के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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