असम में BJP की जीत के बाद भूपेन बोराह का वार: 'कांग्रेस वही काट रही है जो उसने बोया'

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असम में BJP की जीत के बाद भूपेन बोराह का वार: 'कांग्रेस वही काट रही है जो उसने बोया'

सारांश

असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह — जो खुद BJP में शामिल होकर बिहपुरिया से जीते — ने कांग्रेस की हार को 'बोए का काटना' करार दिया। उन्होंने आंतरिक कलह, रिमोट-कंट्रोल्ड राजनीति और गौरव गोगोई के नेतृत्व को पार्टी की दुर्दशा का ज़िम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

भूपेन कुमार बोराह ने 6 मई को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा — पार्टी 'वही काट रही है जो उसने बोया।' बोराह ने चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़ BJP जॉइन की और बिहपुरिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की।
BJP नेतृत्व वाले NDA ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में आरामदायक बहुमत हासिल किया।
बोराह ने गौरव गोगोई के नेतृत्व पर सवाल उठाए और 'रिमोट-कंट्रोल्ड राजनीति' को कांग्रेस की कमज़ोरी का कारण बताया।
बोराह के अनुसार, उनके अध्यक्षकाल में कांग्रेस ने जोरहाट लोकसभा सीट 1.5 लाख से अधिक वोटों से जीती थी, जो समर्थन अब घट चुका है।

असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने बुधवार, 6 मई को अपनी पूर्व पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस अब 'वही काट रही है जो उसने बोया था।' गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए बोराह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शानदार जीत का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को दिया।

बोराह का कांग्रेस से BJP तक का सफर

भूपेन कुमार बोराह विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे। उन्होंने BJP के टिकट पर बिहपुरिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। बोराह ने कहा, 'बिहपुरिया में मिला जनादेश भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों के प्रति जनता की स्वीकृति को दर्शाता है और कांग्रेस के चुनावी नैरेटिव को खारिज करता है।'

हिमंत बिस्वा सरमा को मिला श्रेय

बोराह ने कहा, 'मुझे यह मानना होगा कि डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम ने अभूतपूर्व राजनीतिक सफलता देखी है। लोगों ने एक बार फिर उनके नेतृत्व में अपना विश्वास जताया है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'लोगों ने साबित कर दिया है कि BJP की सांगठनिक ताकत और विकास की राजनीति असली थी।' गौरतलब है कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में आरामदायक बहुमत हासिल कर भारी जनादेश के साथ सत्ता में वापसी की है।

गौरव गोगोई और कांग्रेस पर निशाना

बोराह ने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में पार्टी काफी कमज़ोर हो गई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने कई पारंपरिक गढ़ों में समर्थन खो दिया है और लोकसभा चुनावों के दौरान मिली गति को बनाए रखने में वह असफल रही। बोराह ने यह भी आरोप लगाया कि आंतरिक कलह और 'रिमोट-कंट्रोल्ड राजनीति' ने असम में कांग्रेस को गहरा नुकसान पहुँचाया है।

पुराने गढ़ों में कांग्रेस की कमज़ोरी

बोराह ने दावा किया, 'जब मैं असम कांग्रेस का अध्यक्ष था, तब पार्टी ने जोरहाट लोकसभा सीट 1.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती थी। लेकिन अब वह समर्थन आधार भी कमज़ोर पड़ गया है।' यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पूरे देश में अपनी संगठनात्मक पुनर्संरचना की कोशिश कर रही है।

अल्पसंख्यक नेतृत्व का संकेत

बोराह ने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस को अंततः असम में किसी अल्पसंख्यक समुदाय के नेता को राज्य पार्टी प्रमुख बनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, क्योंकि पार्टी के शेष निर्वाचित विधायक मुख्यतः अल्पसंख्यक-बहुल निर्वाचन क्षेत्रों से हैं। आने वाले समय में कांग्रेस किस दिशा में अपनी रणनीति तय करती है, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या पार्टी असम में एक व्यापक सामाजिक गठबंधन फिर से बना पाएगी — या वह एक संकुचित वोट बैंक की पार्टी बनकर रह जाएगी?
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेन कुमार बोराह कौन हैं और उन्होंने कांग्रेस क्यों छोड़ी?
भूपेन कुमार बोराह असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हैं जिन्होंने विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर BJP जॉइन की। उन्होंने BJP के टिकट पर बिहपुरिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की।
असम विधानसभा चुनाव 2026 में BJP का प्रदर्शन कैसा रहा?
BJP नेतृत्व वाले NDA ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में आरामदायक बहुमत हासिल कर भारी जनादेश के साथ सत्ता में वापसी की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को इस जीत का प्रमुख श्रेय दिया जा रहा है।
बोराह ने कांग्रेस की हार के लिए किन कारणों को ज़िम्मेदार ठहराया?
बोराह ने आंतरिक कलह, 'रिमोट-कंट्रोल्ड राजनीति' और गौरव गोगोई के नेतृत्व को कांग्रेस की कमज़ोरी का कारण बताया। उनके अनुसार पार्टी लोकसभा चुनावों में मिली गति को विधानसभा चुनावों तक बनाए रखने में असफल रही।
असम में कांग्रेस के भविष्य पर बोराह ने क्या संकेत दिए?
बोराह ने संकेत दिया कि कांग्रेस को असम में किसी अल्पसंख्यक समुदाय के नेता को राज्य प्रमुख बनाने पर विचार करना पड़ सकता है, क्योंकि पार्टी के शेष विधायक मुख्यतः अल्पसंख्यक-बहुल सीटों से हैं।
जोरहाट लोकसभा सीट का ज़िक्र बोराह ने क्यों किया?
बोराह ने दावा किया कि जब वे असम कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब पार्टी ने जोरहाट लोकसभा सीट 1.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीती थी। यह ज़िक्र उन्होंने कांग्रेस के घटते जनाधार को रेखांकित करने के लिए किया।
राष्ट्र प्रेस
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