PM मोदी की किर्गिस्तान यात्रा से भारतीय समुदाय उत्साहित, बोले — 'गर्व और मजबूती मिलती है'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पूरी कर 30 अगस्त को बिश्केक, किर्गिस्तान पहुँचे, जहाँ प्रवासी भारतीय समुदाय में उनके स्वागत को लेकर असाधारण उत्साह देखा गया। समुदाय के सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति उन्हें विदेश की धरती पर गर्व और आत्मबल का अनुभव कराती है।
भारतीय समुदाय की भावनाएँ
बिश्केक में मौजूद भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा, 'जब हमारे प्रधानमंत्री यहाँ आते हैं तो हमें और मजबूती और गर्व महसूस होता है।' एक अन्य सदस्य ने कहा कि वे लंबे समय से अपने प्रधानमंत्री की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे।
एक और प्रवासी भारतीय ने कहा, 'मैं बहुत उत्साहित हूँ। यह पहली बार है जब मैं उन्हें यहाँ देखूँगा। अगर मौका मिला तो उनसे हाथ भी मिलाना चाहूँगा।' गौरतलब है कि किर्गिस्तान में भारतीय मूल के नागरिक व्यापार, शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
किर्गिज़ उद्यमी और युवा नेताओं की प्रतिक्रिया
किर्गिज़ उद्यमी और व्यापार-निवेश विशेषज्ञ सबीना अबिलगाजीवा ने दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा, 'भारत और किर्गिस्तान के बीच सहयोग में बहुत बड़ी संभावना है, क्योंकि हमारे दोनों देश पहले से ही साथ काम कर रहे हैं और मूल्यवान अनुभव साझा कर रहे हैं। खासकर बिजनेस सेक्टर में बड़े अवसर हैं, जहाँ हम अपने भारतीय साझेदारों से सीख सकते हैं।'
किर्गिस्तान यूथ मूवमेंट के अध्यक्ष जक्ष्यलिक बेकनाजारोव ने भारत को दुनिया के सर्वाधिक विकसित देशों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'भारत के पास पर्यटन, आईटी, विज्ञान, सिनेमा और कई अन्य क्षेत्रों में अनुभव का खजाना है। हम किर्गिज़ लोग भारत के साथ अपने अनुभव साझा करना और एक-दूसरे से सीखना चाहते हैं।'
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
यूथ मूवमेंट के सदस्य अस्कर शैकीदिनोव ने इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, 'भारत और किर्गिस्तान ने पिछले एक दशक में बहुत सक्रिय और गतिशील सहयोग देखा है। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊर्जा देने की दिशा में सक्रिय है। प्रधानमंत्री मोदी की यह किर्गिस्तान यात्रा उस व्यापक क्षेत्रीय कूटनीति का हिस्सा है जिसमें उज्बेकिस्तान भी शामिल रहा।
आगे क्या
प्रधानमंत्री मोदी की बिश्केक यात्रा के दौरान किर्गिज़ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें अपेक्षित हैं। व्यापार, युवा आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में नई पहलों की संभावना जताई जा रही है। प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकात इस दौरे को एक मानवीय आयाम भी देती है।