पीएम मोदी की किर्गिस्तान यात्रा से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी: निवेश मंत्री सबिरोव
सारांश
मुख्य बातें
किर्गिस्तान के निवेश मंत्री रवशानबेक सबिरोव ने 29 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी किर्गिस्तान यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश और व्यापार को एक निर्णायक मोड़ दे सकती है। उन्होंने इस यात्रा को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि किर्गिस्तान भारतीय कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और कृषि-उद्योग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से आमंत्रित कर रहा है।
द्विपक्षीय व्यापार की मौजूदा स्थिति
सबिरोव ने बताया कि 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच आपसी व्यापार लगभग 9.1 करोड़ डॉलर तक पहुँच गया। किर्गिस्तान फिलहाल भारत को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना निर्यात करता है, जबकि भारतीय बाज़ार से काजू और अन्य खाद्य उत्पाद किर्गिस्तान में उपलब्ध हैं। मंत्री के अनुसार, इस आधार को और व्यापक बनाने की पर्याप्त गुंजाइश है।
निवेश के प्रमुख क्षेत्र
सबिरोव ने स्पष्ट किया कि किर्गिस्तान विशेष रूप से हाइड्रोपावर, लघु जलविद्युत संयंत्रों, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और कृषि-औद्योगिक क्षेत्र में भारतीय निवेश का इच्छुक है। उन्होंने यह भी बताया कि किर्गिस्तान में निवेश, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और उद्यम वित्तपोषण से जुड़े कानूनी ढाँचे मौजूद हैं, जो विदेशी निवेशकों को एक स्थिर परिचालन वातावरण देते हैं।
उन्होंने कहा, "हम निवेशकों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलेंगे, उन्हें सहायता देंगे और क्रियान्वयन की हर प्रक्रिया पर नज़र रखेंगे। सरकार संयुक्त निवेश परियोजनाओं को हर स्तर पर समर्थन देगी।"
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव
मंत्री ने दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि सोवियत काल में किर्गिज़ नागरिक भारतीय फिल्में देखते हुए बड़े हुए और भारतीय कला एवं संस्कृति से भलीभाँति परिचित हैं। सबिरोव ने कहा, "भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। किर्गिस्तान प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करेगा।"
शिक्षा और पर्यटन में सहयोग की संभावनाएँ
सबिरोव ने उच्च शिक्षा को सहयोग के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पहले से ही बड़ी संख्या में भारतीय छात्र चिकित्सा शिक्षा के लिए किर्गिस्तान जाते हैं। इसके अलावा मेडिकल टूरिज़्म और औद्योगिक सहयोग को भी उन्होंने अपार संभावनाओं वाले क्षेत्र बताया। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव निवेश को अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और रोज़गार सृजन के लिए अनिवार्य मानते हैं, यह भी मंत्री ने रेखांकित किया।
आगे की राह
सबिरोव के अनुसार, पीएम मोदी की यात्रा से अंतरराष्ट्रीय मंच पर किर्गिस्तान को नई पहचान मिलेगी और भारतीय कंपनियों को वहाँ निवेश के अवसरों को प्रत्यक्ष रूप से परखने का मौका मिलेगा। बिज़नेस फोरम, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यावसायिक और सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की योजना है।