हॉकी इंडिया का जर्सी रंग बदलने पर खुलासा: नीली पिच से टकराव था असली कारण, ऑरेंज क्यों चुना?
सारांश
मुख्य बातें
हॉकी इंडिया ने 30 जुलाई को स्पष्ट किया कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से ऑरेंज में बदलने का निर्णय तकनीकी कारणों से लिया गया — नीली सिंथेटिक पिच और नीली जर्सी के एक जैसे रंग की वजह से खिलाड़ियों की दृश्यता और खेल प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था। यह सफाई पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा द्वारा सोशल मीडिया पर उठाए गए सवालों के जवाब में आई है।
विवाद की जड़: पूर्व कप्तान की आपत्ति
एफआईएच विश्व कप से पहले सोमवार को हॉकी इंडिया ने नई ऑरेंज जर्सी लॉन्च की, जिसके साथ डिज़ाइन में भी बदलाव किए गए। इसी पर पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे कहना होगा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए बहुत अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह शर्मनाक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान हमेशा से ब्लू (नीला) रही है। मैंने कई वर्षों तक शान से ब्लू जर्सी पहनी है। फैंस हमारी इंडियन टीम को ब्लू रंग में देखना चाहते हैं। ऑरेंज रंग का क्या लॉजिक है?'
हॉकी इंडिया की आधिकारिक सफाई
इस विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने एक विस्तृत बयान जारी किया। संगठन ने कहा, 'यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनके साथ विस्तार से हुई बातचीत के आधार पर लिया गया था। सबसे बड़ा कारण तकनीकी था। यह देखा गया कि नीली खेलने वाली यूनिफॉर्म के रंग का मैच उस नीली सिंथेटिक सतह के साथ भी हो रहा था, जिस पर मैच खेला जाता है — यह अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों का मानक रंग है।'
संगठन ने आगे बताया कि इसी समस्या को देखते हुए कोच और खिलाड़ियों ने पीले या ऑरेंज जैसे वैकल्पिक रंगों का सुझाव दिया। गहन विचार-विमर्श के बाद ऑरेंज को अंतिम रूप दिया गया। हॉकी इंडिया ने यह भी रेखांकित किया कि ऑरेंज राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों में से एक है, जो हिम्मत, कुर्बानी और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है।
जर्सी बदलाव का ऐतिहासिक संदर्भ
हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि भारतीय हॉकी में जर्सी के रंग में बदलाव पहले भी होता रहा है। एफआईएच हॉकी विश्व कप 2014 में टीम ने पीली जर्सी पहनी थी, जबकि एफआईएच हॉकी विश्व कप 2018 में जर्सी का रंग आसमानी नीला था, जिसका डिज़ाइन भी पूरी तरह अलग था। संगठन के अनुसार, यह बदलाव हमेशा खेल की ज़रूरतों और व्यावहारिक कारणों के आधार पर किए गए हैं।
खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की भूमिका
हॉकी इंडिया ने ज़ोर देकर कहा कि यह निर्णय एकतरफा नहीं था — कोच और खिलाड़ियों के तकनीकी फीडबैक को केंद्र में रखकर यह फैसला लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी टीम एफआईएच विश्व कप की तैयारी में जुटी है और प्रदर्शन को हर स्तर पर अनुकूलित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले टूर्नामेंट में नई ऑरेंज जर्सी में उतरने वाली भारतीय टीम का प्रदर्शन ही इस विवाद का सबसे बड़ा जवाब होगा।