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हॉकी इंडिया का जर्सी रंग बदलने पर खुलासा: नीली पिच से टकराव था असली कारण, ऑरेंज क्यों चुना?

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हॉकी इंडिया का जर्सी रंग बदलने पर खुलासा: नीली पिच से टकराव था असली कारण, ऑरेंज क्यों चुना?

सारांश

नीली पिच पर नीली जर्सी — यही था वह तकनीकी संकट जिसने भारतीय हॉकी टीम की पहचान बदल दी। हॉकी इंडिया ने खुलासा किया कि ऑरेंज जर्सी का फैसला खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की सलाह पर लिया गया, जबकि पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने इसे 'शर्मनाक' करार दिया था।

मुख्य बातें

हॉकी इंडिया ने 30 जुलाई को ऑरेंज जर्सी पर आधिकारिक सफाई जारी की।
नीली सिंथेटिक पिच और नीली जर्सी के एक रंग होने से खिलाड़ियों की दृश्यता प्रभावित हो रही थी।
पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने एक्स पर जर्सी बदलाव को 'शर्मनाक' बताया था।
कोच और खिलाड़ियों की सलाह पर पीले या ऑरेंज में से ऑरेंज को अंतिम रूप दिया गया।
भारत ने 2014 में पीली और 2018 में आसमानी नीली जर्सी भी पहनी है — रंग बदलाव नई परंपरा नहीं।
ऑरेंज रंग राष्ट्रीय ध्वज का हिस्सा होने के कारण प्रतीकात्मक महत्व भी रखता है।

हॉकी इंडिया ने 30 जुलाई को स्पष्ट किया कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से ऑरेंज में बदलने का निर्णय तकनीकी कारणों से लिया गया — नीली सिंथेटिक पिच और नीली जर्सी के एक जैसे रंग की वजह से खिलाड़ियों की दृश्यता और खेल प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था। यह सफाई पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा द्वारा सोशल मीडिया पर उठाए गए सवालों के जवाब में आई है।

विवाद की जड़: पूर्व कप्तान की आपत्ति

एफआईएच विश्व कप से पहले सोमवार को हॉकी इंडिया ने नई ऑरेंज जर्सी लॉन्च की, जिसके साथ डिज़ाइन में भी बदलाव किए गए। इसी पर पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे कहना होगा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए बहुत अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह शर्मनाक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान हमेशा से ब्लू (नीला) रही है। मैंने कई वर्षों तक शान से ब्लू जर्सी पहनी है। फैंस हमारी इंडियन टीम को ब्लू रंग में देखना चाहते हैं। ऑरेंज रंग का क्या लॉजिक है?'

हॉकी इंडिया की आधिकारिक सफाई

इस विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने एक विस्तृत बयान जारी किया। संगठन ने कहा, 'यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनके साथ विस्तार से हुई बातचीत के आधार पर लिया गया था। सबसे बड़ा कारण तकनीकी था। यह देखा गया कि नीली खेलने वाली यूनिफॉर्म के रंग का मैच उस नीली सिंथेटिक सतह के साथ भी हो रहा था, जिस पर मैच खेला जाता है — यह अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों का मानक रंग है।'

संगठन ने आगे बताया कि इसी समस्या को देखते हुए कोच और खिलाड़ियों ने पीले या ऑरेंज जैसे वैकल्पिक रंगों का सुझाव दिया। गहन विचार-विमर्श के बाद ऑरेंज को अंतिम रूप दिया गया। हॉकी इंडिया ने यह भी रेखांकित किया कि ऑरेंज राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों में से एक है, जो हिम्मत, कुर्बानी और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है।

जर्सी बदलाव का ऐतिहासिक संदर्भ

हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि भारतीय हॉकी में जर्सी के रंग में बदलाव पहले भी होता रहा है। एफआईएच हॉकी विश्व कप 2014 में टीम ने पीली जर्सी पहनी थी, जबकि एफआईएच हॉकी विश्व कप 2018 में जर्सी का रंग आसमानी नीला था, जिसका डिज़ाइन भी पूरी तरह अलग था। संगठन के अनुसार, यह बदलाव हमेशा खेल की ज़रूरतों और व्यावहारिक कारणों के आधार पर किए गए हैं।

खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की भूमिका

हॉकी इंडिया ने ज़ोर देकर कहा कि यह निर्णय एकतरफा नहीं था — कोच और खिलाड़ियों के तकनीकी फीडबैक को केंद्र में रखकर यह फैसला लिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी टीम एफआईएच विश्व कप की तैयारी में जुटी है और प्रदर्शन को हर स्तर पर अनुकूलित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले टूर्नामेंट में नई ऑरेंज जर्सी में उतरने वाली भारतीय टीम का प्रदर्शन ही इस विवाद का सबसे बड़ा जवाब होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विरासत और पहचान की है — और इसे महज 'तकनीकी फीडबैक' से खारिज करना संगठन की संचार रणनीति की कमज़ोरी उजागर करता है। एफआईएच विश्व कप से ठीक पहले यह विवाद टीम की तैयारी से ध्यान भटका रहा है, जो आदर्श नहीं है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हॉकी इंडिया ने जर्सी का रंग नीले से ऑरेंज क्यों बदला?
हॉकी इंडिया के अनुसार, नीली जर्सी और नीली सिंथेटिक पिच का रंग एक जैसा होने से खिलाड़ियों की दृश्यता और खेल प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था। कोच और खिलाड़ियों की सलाह पर विकल्पों में से ऑरेंज को अंतिम रूप दिया गया।
पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने जर्सी बदलाव पर क्या कहा?
वीरेन रस्किन्हा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे 'शर्मनाक' बताया और कहा कि भारतीय हॉकी की विरासत और पहचान हमेशा से नीली रही है। उन्होंने सवाल किया कि ऑरेंज रंग अपनाने का क्या तर्क है।
क्या भारतीय हॉकी टीम ने पहले भी जर्सी का रंग बदला है?
हाँ, एफआईएच हॉकी विश्व कप 2014 में टीम ने पीली जर्सी पहनी थी और 2018 विश्व कप में आसमानी नीली जर्सी का उपयोग किया गया था। हॉकी इंडिया के अनुसार, यह बदलाव खेल की ज़रूरतों के आधार पर होते रहे हैं।
ऑरेंज रंग को ही क्यों चुना गया, कोई और रंग क्यों नहीं?
कोच और खिलाड़ियों ने पीले या ऑरेंज दोनों का सुझाव दिया था। गहन विचार-विमर्श के बाद ऑरेंज को इसलिए चुना गया क्योंकि यह राष्ट्रीय ध्वज का हिस्सा है और हिम्मत, कुर्बानी तथा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है।
नई ऑरेंज जर्सी पहली बार कब पहनी जाएगी?
नई ऑरेंज जर्सी एफआईएच विश्व कप से पहले लॉन्च की गई है और भारतीय टीम आगामी टूर्नामेंट में इसी जर्सी में उतरेगी। सटीक मैच तिथि की पुष्टि हॉकी इंडिया के आधिकारिक शेड्यूल से होगी।
राष्ट्र प्रेस
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