30 जुलाई 2026
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हॉकी जर्सी विवाद पर प्रियंका गांधी वाड्रा बोलीं — युवाओं ने दे दिया जवाब, पूर्व कप्तान रस्किन्हा ने भी जताई आपत्ति

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हॉकी जर्सी विवाद पर प्रियंका गांधी वाड्रा बोलीं — युवाओं ने दे दिया जवाब, पूर्व कप्तान रस्किन्हा ने भी जताई आपत्ति

सारांश

भारतीय हॉकी टीम की नई नारंगी जर्सी सिर्फ खेल का मामला नहीं रही — यह राजनीतिक बहस का अखाड़ा बन गई है। पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा की आपत्ति के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे वैचारिक बदलाव की कोशिश बताया और युवाओं की आवाज़ को देश की असली राय करार दिया।

मुख्य बातें

हॉकी इंडिया ने 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले पुरुष और महिला टीमों के लिए नई नारंगी (केसरिया) जर्सी पेश की।
पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान विरेन रस्किन्हा ने नीली जर्सी की पारंपरिक पहचान बदलने पर कड़ी आपत्ति जताई।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद के बाहर कहा — 'युवाओं ने अपनी राय साफ कर दी है।' प्रियंका गांधी ने इस विवाद को शिक्षा नीति और इतिहास लेखन से जोड़ते हुए आरएसएस पर निशाना साधा।
हॉकी इंडिया के अनुसार, केसरिया रंग 'साहस, त्याग और जीत' का प्रतीक है और जर्सी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना दर्शाती है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 30 जुलाई 2026 को संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय हॉकी टीम की नई नारंगी जर्सी के विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनसे पहले भारत के पूर्व हॉकी कप्तान विरेन रस्किन्हा ने हॉकी इंडिया के इस फैसले को टीम की ऐतिहासिक पहचान के विरुद्ध बताया था।

मुख्य घटनाक्रम

हॉकी इंडिया ने 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप — जो नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित होगा — से पहले पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों के लिए नई नारंगी (केसरिया) जर्सी पेश की है। पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह टीम की दशकों पुरानी नीली जर्सी की पहचान को चुनौती देता है।

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'चाहे वे यूनिफार्म बदलें या शिक्षा नीति के ज़रिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करें, इस देश के युवाओं ने अपनी राय साफ कर दी है। आपने देखा कि जंतर-मंतर पर जमा युवा क्या कह रहे थे — वही देश की आवाज है।'

प्रियंका गांधी के व्यापक आरोप

कांग्रेस सांसद ने जर्सी के मुद्दे को व्यापक वैचारिक संदर्भ से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'भारत की आज़ादी की लड़ाई अहिंसा और सच्चाई पर टिकी थी और इसमें आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी। पूरा देश इस सच्चाई को जानता है और जो लोग नहीं जानते थे, वे अब उनके इरादों को समझने लगे हैं। कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में उस आंदोलन का नेतृत्व किया था।'

उन्होंने आगे कहा, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या करते हैं या वे हिंसा फैलाते हैं या नफरत फैलाते हैं। आखिरकार इस देश की आत्मा भाईचारे और एकता की है — कोई इसे छीन नहीं सकता।'

हॉकी इंडिया का पक्ष

हॉकी इंडिया के अनुसार, नई जर्सी का केसरिया रंग 'साहस, त्याग और जीत' का प्रतीक है और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तथा उगते सूरज से प्रेरणा लेता है। संस्था ने बताया कि जर्सी में मंडला-प्रेरित पैटर्न, अशोक चक्र से प्रेरित गहरे नेवी ब्लू रंग के हिस्से और छाती पर सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप शामिल है।

डिज़ाइन में कंधों और किनारों पर तिरंगे रंग की पाइपिंग, देवनागरी लिपि में 'इंडिया' और ओडिशा के भारतीय हॉकी के प्रति दीर्घकालिक समर्थन को मान्यता देने वाली ब्रांडिंग भी है। हॉकी इंडिया ने कहा कि यह जर्सी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाती है।

आम जनता और खिलाड़ियों पर असर

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं। गौरतलब है कि भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी दशकों से उसकी पहचान रही है और खिलाड़ियों की एक पीढ़ी ने उसी रंग में अंतरराष्ट्रीय सफलताएँ हासिल की हैं। आलोचकों का कहना है कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले जर्सी बदलना टीम की मनोवैज्ञानिक तैयारी पर भी असर डाल सकता है।

क्या होगा आगे

फिलहाल हॉकी इंडिया ने अपने फैसले पर कायम रहने के संकेत दिए हैं। राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच यह देखना होगा कि क्या संस्था आलोचनाओं के मद्देनज़र जर्सी डिज़ाइन पर पुनर्विचार करती है या 2026 वर्ल्ड कप तक नई जर्सी के साथ आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे जिस गति से राजनीतिक युद्धभूमि में तब्दील किया गया, वह बताता है कि खेल अब सांस्कृतिक प्रतीकवाद की अग्रिम पंक्ति बन चुका है। प्रियंका गांधी का बयान जर्सी से कहीं आगे जाता है — वे इसे आरएसएस और इतिहास-पुनर्लेखन से जोड़ती हैं, जो एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल चूक जाती है कि क्या हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और पूर्व कप्तानों से परामर्श किया था। विरेन रस्किन्हा जैसे दिग्गजों की आपत्ति को महज विपक्षी राजनीति में नहीं समेटा जा सकता — यह खेल प्रशासन की पारदर्शिता पर भी सवाल है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी का विवाद क्या है?
हॉकी इंडिया ने 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले पुरुष और महिला टीमों की परंपरागत नीली जर्सी को नारंगी (केसरिया) जर्सी से बदल दिया। पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा सहित कई लोगों ने इसे टीम की ऐतिहासिक पहचान के विरुद्ध बताया, जिससे यह विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने हॉकी जर्सी पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद के बाहर कहा कि चाहे यूनिफार्म बदली जाए या शिक्षा नीति के ज़रिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश हो, देश के युवाओं ने अपनी राय साफ कर दी है। उन्होंने जंतर-मंतर पर एकत्र युवाओं को देश की असली आवाज़ बताया।
विरेन रस्किन्हा ने नई जर्सी पर आपत्ति क्यों जताई?
पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान विरेन रस्किन्हा का कहना है कि नारंगी जर्सी टीम की दशकों पुरानी नीली पहचान को कमज़ोर करती है। उनके अनुसार, वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले इस तरह का बदलाव टीम की पारंपरिक छवि के खिलाफ है।
हॉकी इंडिया ने नारंगी जर्सी का बचाव कैसे किया?
हॉकी इंडिया के अनुसार, केसरिया रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तथा उगते सूरज से प्रेरित है। जर्सी में मंडला पैटर्न, अशोक चक्र से प्रेरित नेवी ब्लू तत्व और सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप शामिल है। संस्था ने कहा कि यह 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाती है।
2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप कहाँ और कब होगा?
2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित होगा। भारतीय पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमें इस टूर्नामेंट में नई नारंगी जर्सी में उतरेंगी, यदि हॉकी इंडिया अपने फैसले पर कायम रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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