हावड़ा के पूर्व TMC पार्षद शैलेश रॉय गाजीपुर से गिरफ्तार, जबरन वसूली-धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
हावड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 29 के पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद शैलेश रॉय को हावड़ा सिटी पुलिस ने 21 अगस्त को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया। शैलेश रॉय पूर्व मंत्री एवं वर्तमान हावड़ा विधायक अरूप रॉय के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाई और शुक्रवार को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हावड़ा सिटी पुलिस के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट को सूचना मिली थी कि शैलेश रॉय गाजीपुर में छिपे हुए हैं। इस पर एक विशेष टीम ने वहाँ पहुँचकर छापेमारी की और उन्हें हिरासत में ले लिया। ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाने के बाद उन्हें शुक्रवार को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
शैलेश रॉय पर आरोप
हावड़ा पुलिस के डीसी (डीडी) राहुल मिश्रा ने बताया कि शैलेश रॉय के खिलाफ हावड़ा के अलग-अलग थानों में जबरन वसूली, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी और सरकारी व निजी जमीन पर कथित अतिक्रमण सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामलों में उनकी कथित भूमिका की जाँच करना चाहती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शैलेश रॉय पर करोड़ों रुपये की कथित जबरन वसूली और धोखाधड़ी के आरोपों की जाँच चल रही है। उन पर कथित तौर पर गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर हमला करने और रियल एस्टेट कारोबार के लिए निजी तथा सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप भी हैं। इसके अलावा विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमकाने और उत्पीड़ित करने के आरोप भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताए गए हैं।
हावड़ा मैदान और मंगला हाट से जुड़े मामले
बताया जा रहा है कि हावड़ा मैदान और मंगला हाट इलाके में सरकारी संपत्ति पर कथित अतिक्रमण से जुड़े मामलों में भी शैलेश रॉय का नाम सामने आया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों से जुड़े भूमि अतिक्रमण के मामले लगातार सुर्खियों में रहे हैं।
आगे की जाँच
पुलिस अब शैलेश रॉय से पूछताछ कर फरारी के दौरान उनके ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाएगी। दर्ज मामलों में उनकी वास्तविक भूमिका और अन्य आरोपियों से संबंधों की भी जाँच की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
शैलेश रॉय की गिरफ्तारी को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। हालाँकि, पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह दर्ज आपराधिक मामलों और जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में। आने वाले दिनों में कोर्ट की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि पुलिस किन मामलों में उनकी रिमांड माँगती है।