हावड़ा नगर निगम का लॉ ऑफिसर ₹50 लाख उगाही मामले में गिरफ्तार, एनजीओ संचालक भी पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने हावड़ा नगर निगम (हावड़ा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन) के एक लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल और एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल को ₹50 लाख की कथित उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया है। गोलाबाड़ी थाने की पुलिस ने यह कार्रवाई हावड़ा स्टेशन परिसर के होटल कारोबारी आशीष कपूर की शिकायत के आधार पर की, जो 20 जुलाई को दर्ज कराई गई थी।
मुख्य घटनाक्रम
18 जुलाई को एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल होटल कारोबारी आशीष कपूर के पास पहुँचा और दावा किया कि उनके होटलों की इमारतें अवैध हैं तथा नगर निगम उन्हें ध्वस्त कर सकता है। उसने कहा कि यदि नगर निगम के लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल के माध्यम से ₹50 लाख दिए जाएँ, तो कोई कार्रवाई नहीं होगी और मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।
आशीष कपूर ने पैसे देने से इनकार कर दिया। पुलिस के अनुसार, अगले दिन रमेश जायसवाल पुनः आया और कपूर को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 20 जुलाई को गोलाबाड़ी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की जाँच और गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर जाँच शुरू करते हुए पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों — सुदर्शन जायसवाल और रमेश जायसवाल — को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
जाँच अधिकारियों को संदेह है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर करीब 10 वर्षों से इसी तरह का उगाही नेटवर्क संचालित कर रहे थे। वे होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों को अवैध निर्माण या अन्य कथित अनियमितताओं के नाम पर नगर निगम की कार्रवाई का भय दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे।
नगर निगम में अन्य संलिप्तता की जाँच
पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इस कथित उगाही नेटवर्क में हावड़ा नगर निगम का कोई अन्य अधिकारी भी शामिल था या नहीं। अभी तक किसी अन्य अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया जाएगा। पुलिस की जाँच जारी है और यदि नेटवर्क में अन्य सदस्यों की पहचान होती है, तो आगे गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं। यह मामला हावड़ा में नागरिक निकाय के भीतर भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर संकेत करता है।