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हावड़ा नगर निगम का लॉ ऑफिसर ₹50 लाख उगाही मामले में गिरफ्तार, एनजीओ संचालक भी पकड़ा

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हावड़ा नगर निगम का लॉ ऑफिसर ₹50 लाख उगाही मामले में गिरफ्तार, एनजीओ संचालक भी पकड़ा

सारांश

हावड़ा नगर निगम का लॉ ऑफिसर और एक एनजीओ संचालक — दोनों पर ₹50 लाख की उगाही का आरोप, होटल कारोबारी को जान से मारने की धमकी भी। पुलिस को शक है यह नेटवर्क करीब 10 साल से चल रहा था।

मुख्य बातें

हावड़ा नगर निगम के लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल और एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल को ₹50 लाख उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
होटल कारोबारी आशीष कपूर ने 20 जुलाई को गोलाबाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोपियों ने होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों को अवैध निर्माण का भय दिखाकर रकम वसूली।
जाँच अधिकारियों को संदेह है कि यह उगाही नेटवर्क कथित तौर पर करीब 10 वर्षों से सक्रिय था।
पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि नगर निगम का कोई अन्य अधिकारी इस नेटवर्क में शामिल था या नहीं।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने हावड़ा नगर निगम (हावड़ा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन) के एक लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल और एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल को ₹50 लाख की कथित उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया है। गोलाबाड़ी थाने की पुलिस ने यह कार्रवाई हावड़ा स्टेशन परिसर के होटल कारोबारी आशीष कपूर की शिकायत के आधार पर की, जो 20 जुलाई को दर्ज कराई गई थी।

मुख्य घटनाक्रम

18 जुलाई को एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल होटल कारोबारी आशीष कपूर के पास पहुँचा और दावा किया कि उनके होटलों की इमारतें अवैध हैं तथा नगर निगम उन्हें ध्वस्त कर सकता है। उसने कहा कि यदि नगर निगम के लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल के माध्यम से ₹50 लाख दिए जाएँ, तो कोई कार्रवाई नहीं होगी और मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।

आशीष कपूर ने पैसे देने से इनकार कर दिया। पुलिस के अनुसार, अगले दिन रमेश जायसवाल पुनः आया और कपूर को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 20 जुलाई को गोलाबाड़ी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस की जाँच और गिरफ्तारी

शिकायत के आधार पर जाँच शुरू करते हुए पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों — सुदर्शन जायसवाल और रमेश जायसवाल — को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है।

जाँच अधिकारियों को संदेह है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर करीब 10 वर्षों से इसी तरह का उगाही नेटवर्क संचालित कर रहे थे। वे होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों को अवैध निर्माण या अन्य कथित अनियमितताओं के नाम पर नगर निगम की कार्रवाई का भय दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे।

नगर निगम में अन्य संलिप्तता की जाँच

पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इस कथित उगाही नेटवर्क में हावड़ा नगर निगम का कोई अन्य अधिकारी भी शामिल था या नहीं। अभी तक किसी अन्य अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया जाएगा। पुलिस की जाँच जारी है और यदि नेटवर्क में अन्य सदस्यों की पहचान होती है, तो आगे गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं। यह मामला हावड़ा में नागरिक निकाय के भीतर भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर संकेत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं। चिंताजनक यह है कि जाँचकर्ताओं को संदेह है कि यह नेटवर्क करीब एक दशक तक बिना किसी रोकटोक के चलता रहा, जो नगर निगम की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब तक ऐसे मामलों में सिर्फ निचले स्तर के अधिकारियों को पकड़कर मामला बंद किया जाता रहेगा और संस्थागत जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे नेटवर्क नए रूपों में उभरते रहेंगे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हावड़ा नगर निगम उगाही मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने हावड़ा नगर निगम के लॉ ऑफिसर सुदर्शन जायसवाल और एनजीओ संचालक रमेश जायसवाल को गिरफ्तार किया है। दोनों पर होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों से ₹50 लाख की कथित उगाही का आरोप है।
उगाही की शिकायत किसने और कब दर्ज कराई?
हावड़ा स्टेशन परिसर के दो होटलों के मालिक आशीष कपूर ने 20 जुलाई को गोलाबाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को रमेश जायसवाल ने उनसे ₹50 लाख की माँग की और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी।
आरोपी किस तरह उगाही करते थे?
आरोपी कथित तौर पर व्यापारियों को अवैध निर्माण या अन्य अनियमितताओं के नाम पर नगर निगम की कार्रवाई का भय दिखाते थे। फिर कार्रवाई रुकवाने के बदले मोटी रकम की माँग करते थे। जाँचकर्ताओं के अनुसार यह सिलसिला करीब 10 वर्षों से चल रहा था।
क्या हावड़ा नगर निगम के अन्य अधिकारी भी इस मामले में शामिल हैं?
पुलिस इस पहलू की जाँच कर रही है। अभी तक किसी अन्य अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जाँच जारी है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
दोनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ जारी है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा। यदि नेटवर्क में अन्य सदस्यों की पहचान होती है, तो आगे और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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