स्वरूप बिस्वास 14 दिन की पुलिस हिरासत में, फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी के नाम पर ₹50-50 हज़ार वसूली का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता की एक निचली अदालत ने शुक्रवार, 6 जून 2025 को पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कोलकाता पुलिस ने उन्हें गुरुवार रात गिरफ्तार किया था। उन पर टॉलीगंज की फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 50 लोगों से ₹50-50 हज़ार की वसूली करने का आरोप है।
मामले की पृष्ठभूमि
गिरफ्तारी की नींव टॉलीगंज स्थित बंगाली फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में कार्यरत मेकअप आर्टिस्टों के एक संगठन से जुड़ी एक महिला मेकअप आर्टिस्ट की शिकायत पर रखी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, स्वरूप बिस्वास ने इंडस्ट्री में काम दिलाने का झाँसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों पर वसूली के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
दर्ज धाराएँ
पुलिस ने स्वरूप बिस्वास के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 308 (रंगदारी वसूली) और धारा 109 (हत्या के प्रयास की सज़ा) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 और धारा 27 — जो हथियारों और गोला-बारूद के अवैध कब्ज़े और इस्तेमाल से संबंधित हैं — के तहत भी कार्रवाई की गई है।
अदालत में सरकारी पक्ष की दलीलें
शुक्रवार को पेशी के दौरान सरकारी वकील सौरीन घोषाल ने अदालत को बताया कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और पूर्व राज्य मंत्री के भाई होने के कारण मामले में गहन पूछताछ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिकायत के अनुसार स्वरूप बिस्वास ने करीब 50 लोगों से प्रत्येक से ₹50,000 वसूले। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए 14 दिनों की पुलिस हिरासत का आदेश दिया।
स्वरूप बिस्वास का विवादास्पद इतिहास
स्वरूप बिस्वास पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वह लंबे समय तक कोलकाता स्थित फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष रहे, और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सत्ता में आने के बाद संगठन में उनका प्रभाव उल्लेखनीय रूप से बढ़ा था। समय-समय पर उन पर संगठन से जुड़े लोगों से वसूली के आरोप भी लगते रहे हैं।
गौरतलब है कि उनका नाम 13 दिसंबर को फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के 'GOAT India Tour' के दौरान साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ की घटना में भी सामने आया था।
आगे क्या होगा
पुलिस अब 14 दिनों की हिरासत अवधि के दौरान स्वरूप बिस्वास से विस्तृत पूछताछ करेगी। जाँच अधिकारियों के अनुसार, वसूली के शिकार हुए अन्य लोगों की पहचान और संभावित सह-आरोपियों की तलाश भी जारी है। मेसी टूर तोड़फोड़ मामले में भी जाँच अलग से चल रही है।