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स्वरूप बिस्वास 14 दिन की पुलिस हिरासत में, फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी के नाम पर ₹50-50 हज़ार वसूली का आरोप

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स्वरूप बिस्वास 14 दिन की पुलिस हिरासत में, फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी के नाम पर ₹50-50 हज़ार वसूली का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री के भाई स्वरूप बिस्वास को कोलकाता पुलिस ने फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लोगों से ₹50-50 हज़ार वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की; रंगदारी और आर्म्स एक्ट की धाराएँ दर्ज।

मुख्य बातें

स्वरूप बिस्वास — पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के भाई — को कोलकाता पुलिस ने गुरुवार रात गिरफ्तार किया।
कोलकाता की निचली अदालत ने शुक्रवार को उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा।
आरोप: टॉलीगंज फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री में नौकरी का झाँसा देकर करीब 50 लोगों से ₹50-50 हज़ार की वसूली।
मामला BNS धारा 308 (रंगदारी), धारा 109 (हत्या के प्रयास की सज़ा), और आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 व 27 के तहत दर्ज।
स्वरूप बिस्वास फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं।
उनका नाम 13 दिसंबर को युवा भारती क्रीड़ांगन में मेसी टूर के दौरान हुई तोड़फोड़ में भी सामने आया था।

कोलकाता की एक निचली अदालत ने शुक्रवार, 6 जून 2025 को पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कोलकाता पुलिस ने उन्हें गुरुवार रात गिरफ्तार किया था। उन पर टॉलीगंज की फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 50 लोगों से ₹50-50 हज़ार की वसूली करने का आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि

गिरफ्तारी की नींव टॉलीगंज स्थित बंगाली फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में कार्यरत मेकअप आर्टिस्टों के एक संगठन से जुड़ी एक महिला मेकअप आर्टिस्ट की शिकायत पर रखी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, स्वरूप बिस्वास ने इंडस्ट्री में काम दिलाने का झाँसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों पर वसूली के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।

दर्ज धाराएँ

पुलिस ने स्वरूप बिस्वास के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 308 (रंगदारी वसूली) और धारा 109 (हत्या के प्रयास की सज़ा) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 और धारा 27 — जो हथियारों और गोला-बारूद के अवैध कब्ज़े और इस्तेमाल से संबंधित हैं — के तहत भी कार्रवाई की गई है।

अदालत में सरकारी पक्ष की दलीलें

शुक्रवार को पेशी के दौरान सरकारी वकील सौरीन घोषाल ने अदालत को बताया कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और पूर्व राज्य मंत्री के भाई होने के कारण मामले में गहन पूछताछ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिकायत के अनुसार स्वरूप बिस्वास ने करीब 50 लोगों से प्रत्येक से ₹50,000 वसूले। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए 14 दिनों की पुलिस हिरासत का आदेश दिया।

स्वरूप बिस्वास का विवादास्पद इतिहास

स्वरूप बिस्वास पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वह लंबे समय तक कोलकाता स्थित फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष रहे, और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सत्ता में आने के बाद संगठन में उनका प्रभाव उल्लेखनीय रूप से बढ़ा था। समय-समय पर उन पर संगठन से जुड़े लोगों से वसूली के आरोप भी लगते रहे हैं।

गौरतलब है कि उनका नाम 13 दिसंबर को फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के 'GOAT India Tour' के दौरान साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ की घटना में भी सामने आया था।

आगे क्या होगा

पुलिस अब 14 दिनों की हिरासत अवधि के दौरान स्वरूप बिस्वास से विस्तृत पूछताछ करेगी। जाँच अधिकारियों के अनुसार, वसूली के शिकार हुए अन्य लोगों की पहचान और संभावित सह-आरोपियों की तलाश भी जारी है। मेसी टूर तोड़फोड़ मामले में भी जाँच अलग से चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक दबाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वरूप बिस्वास को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
स्वरूप बिस्वास पर टॉलीगंज की फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 50 लोगों से ₹50-50 हज़ार वसूलने का आरोप है। उनके खिलाफ BNS की धारा 308 (रंगदारी), धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज है।
अदालत ने कितने दिन की पुलिस हिरासत दी है?
कोलकाता की निचली अदालत ने शुक्रवार को स्वरूप बिस्वास को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। सरकारी वकील सौरीन घोषाल की दलीलों को अदालत ने स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।
स्वरूप बिस्वास कौन हैं और उनका फिल्म इंडस्ट्री से क्या संबंध है?
स्वरूप बिस्वास पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के भाई हैं। वह लंबे समय तक कोलकाता स्थित फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष रहे और TMC के सत्ता में आने के बाद संगठन में उनका प्रभाव काफी बढ़ा था।
क्या स्वरूप बिस्वास पहले भी किसी विवाद में रहे हैं?
हाँ, स्वरूप बिस्वास का नाम 13 दिसंबर को लियोनेल मेसी के 'GOAT India Tour' के दौरान साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ की घटना में भी सामने आया था। इसके अलावा, उन पर संगठन से जुड़े लोगों से वसूली के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं।
इस मामले में शिकायत किसने दर्ज कराई?
शिकायत टॉलीगंज स्थित बंगाली फिल्म, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में कार्यरत मेकअप आर्टिस्टों के एक संगठन से जुड़ी एक महिला मेकअप आर्टिस्ट ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूले गए।
राष्ट्र प्रेस
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