सुरुचि संघ क्लब में पुलिस का तलाशी अभियान, गिरफ्तार स्वरूप बिस्वास को लाकर की जांच
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार, 9 जून 2026 को दक्षिण कोलकाता के सुरुचि संघ क्लब में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार स्वरूप बिस्वास — पूर्व राज्य मंत्री अरूप बिस्वास के भाई — को मंगलवार दोपहर क्लब परिसर में लाने के बाद तेज हुई। इससे पहले, केंद्रीय बलों ने न्यू अलीपुर स्थित सुरुचि संघ परिसर और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर छानबीन की थी।
मुख्य घटनाक्रम
जांचकर्ता गिरफ्तार स्वरूप बिस्वास को मंगलवार दोपहर क्लब में लेकर पहुंचे और परिसर की बारीकी से तलाशी ली। पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने क्लब परिसर में तोड़फोड़ भी की थी।
पिछले शुक्रवार को प्रदर्शनकारी परिसर के बाहर एकत्र हुए और इमारत में प्रवेश कर गए थे। बंगाली फिल्म उद्योग में भी बिस्वास बंधुओं के खिलाफ कई आरोप सामने आए हैं।
बरामद सामग्री और आरोप
क्लब हाउस से सटे एक कमरे से सरकार द्वारा आपूर्ति की गई 'प्राणधारा' जल की बड़ी संख्या में बोतलें और कई साड़ियां बरामद की गईं। स्थानीय लोगों ने क्लब के माध्यम से सरकारी सामानों के गबन का आरोप लगाया है, जिससे बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका और गहरी हो गई है।
इसके अलावा, यह भी आरोप है कि क्लब की एक अलग इमारत का निर्माण LIC की जमीन पर अतिक्रमण करके किया गया था, जिससे इलाके में जनाक्रोश फैल गया।
डिजिटल साक्ष्य की जब्ती
सोमवार को पुलिस ने अरूप बिस्वास के न्यू अलीपुर स्थित फ्लैट से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए। डिजिटल लॉक खोलने के बाद जांचकर्ताओं ने 14 मोबाइल फोन, 2 आईपैड और बंगाली फिल्म उद्योग से जुड़े एक संगठन के कई दस्तावेज जब्त किए। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
सुरुचि संघ की पृष्ठभूमि
दक्षिण कोलकाता का सुरुचि संघ दुर्गा पूजा और मशहूर हस्तियों की उपस्थिति वाले आयोजनों के लिए प्रसिद्ध रहा है। हालांकि, अब आरोप है कि यह क्लब बिस्वास बंधुओं द्वारा संचालित कई कथित अवैध गतिविधियों का केंद्र भी रहा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पुराने सत्ताधारी नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है।
आगे की जांच
जब्त किए गए 14 मोबाइल फोन और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच जारी है। फरार अरूप बिस्वास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय है। जांच के दायरे में बंगाली फिल्म उद्योग से जुड़े संगठन भी आ सकते हैं। गौरतलब है कि यह मामला केवल छेड़छाड़ तक सीमित नहीं रहा — सरकारी संपत्ति के कथित गबन और भूमि अतिक्रमण के आरोपों ने इसे एक बहुस्तरीय जांच में बदल दिया है।