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गुजरात: IAS जीटी पांड्या ने सूचना निदेशक का पदभार संभाला, टीम वर्क पर दिया जोर

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गुजरात: IAS जीटी पांड्या ने सूचना निदेशक का पदभार संभाला, टीम वर्क पर दिया जोर

सारांश

IAS अधिकारी जीटी पांड्या ने 2 नवंबर को गुजरात के सूचना निदेशक का पदभार संभाला। 2011 बैच के इस अधिकारी ने मोरबी, देवभूमि द्वारका और राजकोट में प्रशासनिक अनुभव हासिल किया है और स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।

मुख्य बातें

जीटी पांड्या ने 2 नवंबर 2026 को गांधीनगर में गुजरात के सूचना निदेशक का पदभार ग्रहण किया।
पदभार से पूर्व वे शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे।
उन्होंने मोरबी , देवभूमि द्वारका (कलेक्टर) और राजकोट (जिला विकास अधिकारी) में कार्य किया है।
वे गुजरात कैडर के 2011 बैच के IAS अधिकारी हैं, जन्म 15 मई 1972 ।
स्वस्थ भारत और ई-औषधि परियोजनाओं के लिए स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित।

गुजरात के गांधीनगर में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी जीटी पांड्या ने 2 नवंबर 2026 (सोमवार) को राज्य के सूचना निदेशक का औपचारिक पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर विभाग की कार्यप्रणाली को समझा और सहयोगियों के साथ परिचय बैठक की।

पदभार ग्रहण और पहली बैठक

सूचना निदेशक का कार्यभार संभालने के बाद जीटी पांड्या ने गांधीनगर में अतिरिक्त सूचना निदेशक डॉ. संजय कचोट तथा अन्य सूचना अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आग्रह किया।

पांड्या ने विभाग की कार्यशैली को गहराई से समझते हुए सभी को मार्गदर्शन दिया कि प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुँचाया जाए।

पूर्व में संभाले महत्वपूर्ण पद

सूचना निदेशक का कार्यभार संभालने से पूर्व जीटी पांड्या राज्य के शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने मोरबी और देवभूमि द्वारका जिलों में कलेक्टर तथा राजकोट जिले में जिला विकास अधिकारी (DDO) के रूप में भी जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। इससे पहले वे अतिरिक्त सहायक कलेक्टर, उपायुक्त और प्रबंध निदेशक जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।

शैक्षणिक योग्यता और विशिष्ट उपलब्धियाँ

15 मई 1972 को जन्मे जीटी पांड्या ने खनन इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है। वे गुजरात कैडर के 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उन्हें स्वस्थ भारत और ई-औषधि परियोजनाओं में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। पांड्या गुजराती भाषा में भी दक्ष हैं।

आगे की दिशा

नए सूचना निदेशक के रूप में जीटी पांड्या के सामने मुख्य चुनौती यह होगी कि वे सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनसामान्य तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएँ। प्रशासन के विविध क्षेत्रों में उनका विस्तृत अनुभव इस दायित्व के निर्वहन में सहायक सिद्ध होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो गुजरात की 'डिजिटल गवर्नेंस' प्राथमिकता के अनुरूप है। उनका ई-औषधि और स्वस्थ भारत परियोजनाओं में अनुभव बताता है कि सरकार सूचना विभाग को केवल प्रचार-तंत्र नहीं, बल्कि योजनाओं की अंतिम-छोर डिलीवरी के माध्यम के रूप में देखना चाहती है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह विभाग सरकारी योजनाओं की जानकारी वास्तव में हाशिए पर खड़े नागरिकों तक पहुँचा पाता है, या यह महज़ नीतिगत उपलब्धियों के प्रचार तक सीमित रहता है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IAS जीटी पांड्या कौन हैं?
जीटी पांड्या गुजरात कैडर के 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं, जिनका जन्म 15 मई 1972 को हुआ। उन्होंने खनन इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है और स्वस्थ भारत तथा ई-औषधि परियोजनाओं के लिए स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित हैं।
जीटी पांड्या को गुजरात के सूचना निदेशक के रूप में कब नियुक्त किया गया?
जीटी पांड्या ने 2 नवंबर 2026 (सोमवार) को गांधीनगर में गुजरात के सूचना निदेशक का औपचारिक पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे राज्य के शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे।
सूचना निदेशक के रूप में जीटी पांड्या का मुख्य कार्य क्या होगा?
पांड्या ने स्वयं बताया कि उनका प्रमुख लक्ष्य प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए उन्होंने विभाग में टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
जीटी पांड्या ने पहले कौन-से प्रमुख पद संभाले हैं?
पांड्या मोरबी और देवभूमि द्वारका जिलों में कलेक्टर, राजकोट में जिला विकास अधिकारी, तथा राज्य शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा वे अतिरिक्त सहायक कलेक्टर, उपायुक्त और प्रबंध निदेशक जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
जीटी पांड्या को स्कॉच पुरस्कार क्यों मिला?
जीटी पांड्या को भारत में शीर्ष रैंकिंग वाली स्वस्थ भारत परियोजना और ई-औषधि परियोजना में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्कॉच समूह द्वारा स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये परियोजनाएँ स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी से संबंधित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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