भारत और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर महत्वपूर्ण वार्ता
सारांश
Key Takeaways
- रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बैठक हुई।
- संयुक्त प्रशिक्षण पहल पर जोर दिया गया।
- क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग के अवसरों पर चर्चा।
- भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का महत्व।
- साझेदारी का उद्देश्य नागरिकों के जीवन में सुधार करना।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह ने आज नई दिल्ली में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस चर्चा में दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को बढ़ाने, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण पहल भी शामिल हैं, पर विचार किया।
इन दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए गहरे सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की।
इंडियन आर्मी के एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. हमीदुल्लाह ने थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस बातचीत में उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विस्तार और संयुक्त प्रशिक्षण पहल पर विचार किया। इसके अलावा, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए गहरे सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की गई।"
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 26 मार्च को कहा था कि भारत बांग्लादेश की नई सरकार का हृदय से स्वागत करता है, क्योंकि दोनों देश इतिहास, संस्कृति और भाषा के गहरे संबंधों के चलते एक-दूसरे से जुड़े हैं, जो उनके रिश्तों को विशेष निकटता और गर्मजोशी प्रदान करता है।
नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह (देश का 56वां स्वतंत्रता दिवस) में बोलते हुए सिंह ने कहा कि 1971 का लिबरेशन वॉर और शोषण, जुल्म एवं नफरत के खिलाफ संघर्ष में दी गई महान बलिदानों की साझी विरासत भारत और बांग्लादेश के लिए है।
उन्होंने कहा, "एकजुटता के ये गहरे संबंध हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव हैं, जो विश्वास, साझा मूल्यों और क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है। हमारी साझेदारी हमेशा लोगों के हितों पर केंद्रित रही है, जिसका उद्देश्य हमारे नागरिकों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाना है। चाहे वह रेल, सड़क, अंतर्देशीय जलमार्ग और ऊर्जा नेटवर्क के माध्यम से कनेक्टिविटी का विस्तार हो, या व्यापार को बढ़ावा देना और वस्तुओं व लोगों की आवाजाही में सहूलियत प्रदान करना हो। हमारा सहयोग हमेशा ठोस लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से रहा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश एक ऐसी पार्टनरशिप बना रहे हैं, जो स्ट्रेटेजिक, लोगों पर केंद्रित और मजबूत है और आगे की सोचने वाली है।
उन्होंने कहा, "हमारी प्रगति दोनों पक्षों के सतत प्रयासों से विकसित सहयोग की स्थायी भावना को दर्शाती है। विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण पहल और सीमा-पार परियोजनाएं पारस्परिक प्राथमिकताओं और समावेशी विकास के साझा दृष्टिकोण से संचालित रही हैं।