समर दावोस 2026: भारत की विकास गाथा में कृषि और AI की होगी निर्णायक भूमिका, विशेषज्ञों का मत
सारांश
मुख्य बातें
डालियान (चीन) में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 'एनुअल न्यू चैंपियंस मीटिंग' (समर दावोस) में 23 जून को विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा और इस विकास यात्रा में कृषि तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्र केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। यह बैठक 23 जून से 25 जून 2026 तक चलेगी, जिसमें व्यापार, सरकार, शिक्षा जगत और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वैश्विक नेता इनोवेशन और आर्थिक विकास के भविष्य पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका पर विशेषज्ञों का विश्वास
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मैनेजिंग डायरेक्टर मिरेक डुसेक ने भारत के आर्थिक विकास अनुमानों पर भरोसा जताते हुए देश को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा, "भारत वैश्विक विकास दर में अहम योगदान दे रहा है और हमें उम्मीद है कि आने वाले सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ती रहेगी।"
डुसेक ने यह भी रेखांकित किया कि समर दावोस बैठक ने दुनिया भर के इनोवेटर्स, प्रौद्योगिकी नेताओं, नीति-निर्माताओं और कारोबारी अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाया है, ताकि वैश्विक सहयोग को मज़बूत किया जा सके और समसामयिक चुनौतियों का समाधान खोजा जा सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकी की संभावनाएँ
डुसेक के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक विकास को गति देने की व्यापक क्षमता है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की सरकारें AI को अपनी आर्थिक नीतियों के केंद्र में रख रही हैं।
कृषि और मृदा स्वास्थ्य: भारत की असली नींव
पद्म श्री से सम्मानित और ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में मृदा विज्ञान के प्रतिष्ठित प्रोफेसर प्रो. रतन लाल ने कहा, "भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और इस विकास में कृषि की अहम भूमिका होगी।" उन्होंने खेती की पैदावार बढ़ाने के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने और भूमि के टिकाऊ प्रबंधन को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर विशेष ज़ोर दिया।
गौरतलब है कि भारत में कृषि क्षेत्र अभी भी करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है, और मिट्टी की घटती उर्वरता एक दीर्घकालिक चिंता बनी हुई है। प्रो. लाल ने भारतीय खेती में बदलाव लाने के लिए नई प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
AI से किसानों को सीधा फायदा
प्रो. लाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स किसानों के लिए मिट्टी की जाँच को तेज़, सस्ता और अधिक सुलभ बना सकते हैं। इससे किसान सटीक जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे और फसल की पैदावार में उल्लेखनीय सुधार हो सकेगा। यह दृष्टिकोण 'प्रिसिजन एग्रीकल्चर' की दिशा में भारत के लिए एक व्यावहारिक मार्ग प्रशस्त करता है।
समर दावोस 2026: वैश्विक संवाद का मंच
समर दावोस 2026 में व्यापार जगत, सरकारों, शिक्षण संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वैश्विक नेता इनोवेशन, उद्यमिता और आर्थिक विकास के भविष्य पर विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए हैं। यह बैठक 25 जून 2026 को समाप्त होगी। विशेषज्ञों की राय से स्पष्ट है कि भारत की विकास कहानी में कृषि-प्रौद्योगिकी के समन्वय को वैश्विक मंचों पर गंभीरता से लिया जा रहा है।