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भारत के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में किराया Q2 2026 में 10% तक उछला, बेंगलुरु में सर्वाधिक 10.7% वृद्धि

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भारत के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में किराया Q2 2026 में 10% तक उछला, बेंगलुरु में सर्वाधिक 10.7% वृद्धि

सारांश

भारत के तीन सबसे बड़े ऑफिस बाज़ारों में किराया एक साथ उछला है — बेंगलुरु में 10.7%, दिल्ली-एनसीआर में 7.6% और मुंबई में 4%। GCC विस्तार और फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती हिस्सेदारी ने नई आपूर्ति के बावजूद माँग को टिकाए रखा।

मुख्य बातें

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार Q2 2026 में भारत के प्रमुख ऑफिस बाज़ारों में किराया सालाना आधार पर 10% तक बढ़ा।
बेंगलुरु में सर्वाधिक 10.7% वृद्धि; प्राइम किराया ₹163 प्रति वर्ग फुट प्रति माह पर पहुँचा।
दिल्ली-एनसीआर में 7.6% और मुंबई में 4% किराया वृद्धि दर्ज।
तीनों शहरों में संयुक्त लीजिंग गतिविधि 9.8 मिलियन वर्ग फीट ; कुल माँग 10 मिलियन वर्ग फीट के करीब।
फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स की लीजिंग में हिस्सेदारी 30% से अधिक , वित्तीय सेवाओं को पीछे छोड़ा।
एशिया-प्रशांत के 24 में से 19 शहरों में किराए स्थिर या ऊपर; बेंगलुरु सालाना वृद्धि में शीर्ष पर।

नाइट फ्रैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख ऑफिस बाज़ारों — बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर — में 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) के दौरान किराए में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में तीनों शहरों में संयुक्त लीजिंग गतिविधि 9.8 मिलियन वर्ग फीट के करीब रही, जबकि ऑफिस स्पेस की कुल माँग 10 मिलियन वर्ग फीट के आसपास बनी रही।

किराया वृद्धि का शहर-वार विश्लेषण

किराया वृद्धि के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहाँ सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। प्राइम ऑफिस का किराया ₹163 प्रति वर्ग फुट प्रति माह तक पहुँच गया। तुलना के लिए, 2025 की दूसरी तिमाही में बेंगलुरु का प्राइम किराया 7.9 प्रतिशत बढ़कर ₹148 प्रति वर्ग फुट प्रति माह हुआ था।

दिल्ली-एनसीआर 7.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि मुंबई में 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ तीसरे स्थान पर रहा। गौरतलब है कि 70 लाख वर्ग फीट से अधिक नई आपूर्ति बाज़ार में आने के बावजूद रिक्तता दर स्थिर बनी रही, जो माँग की मज़बूती को दर्शाती है।

मुख्य माँग चालक: GCC और फ्लेक्स स्पेस

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) ने इस दौरान ऑफिस स्पेस की माँग को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही, तीनों प्रमुख शहरों में फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स की लीजिंग वॉल्यूम में हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक रही, जिससे वे वित्तीय सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़कर सबसे बड़े ऑक्यूपायर समूहों में शामिल हो गए।

यह ऐसे समय में आया है जब बड़ी कंपनियाँ पोर्टफोलियो नियोजन में लचीलेपन को प्राथमिकता दे रही हैं। बदलती कार्यस्थल आवश्यकताओं और AI को अपनाने की प्रक्रिया के बीच संगठन अधिक चुस्त कार्य-व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।

एशिया-प्रशांत परिप्रेक्ष्य में भारत

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में Q2 2026 के दौरान प्राइम ऑफिस किराए में तिमाही आधार पर 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में ट्रैक किए गए 24 शहरों में से 19 में किराए का स्तर स्थिर रहा या बढ़ा। सालाना किराया वृद्धि के मामले में बेंगलुरु, हांगकांग एसएआर और टोक्यो सबसे आगे रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा, 'भारत का ऑफिस मार्केट लगातार मज़बूती और लचीलापन दिखा रहा है। पिछले साल लीजिंग का आधार ऊँचा होने के बावजूद माँग अच्छी बनी हुई है, जो एक ग्लोबल बिज़नेस डेस्टिनेशन के तौर पर देश के लगातार बने हुए आकर्षण को दर्शाता है।'

बैजल ने यह भी कहा कि किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ रिक्तता का स्थिर स्तर यह दर्शाता है कि बाज़ार नई आपूर्ति को कुशलतापूर्वक आत्मसात कर रहा है। उन्होंने जोड़ा, 'भारत का टैलेंट एडवांटेज, बिज़नेस इकोसिस्टम और ग्लोबल कॉर्पोरेट कामकाज में रणनीतिक भूमिका ऑफिस की दीर्घकालिक माँग को बनाए हुए है।'

आगे का परिदृश्य

टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी कंपनियों की ओर से प्रीमियम ऑफिस स्पेस की माँग जारी रहने की उम्मीद है। GCC विस्तार और फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में भी भारतीय ऑफिस बाज़ार में किराए का दबाव बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पारंपरिक दीर्घकालिक पट्टे की अवधारणा पर सवाल उठाता है। GCC की माँग टिकाऊ है, पर यह ध्यान देने योग्य है कि किराया वृद्धि का बड़ा हिस्सा सीमित प्राइम माइक्रोमार्केट्स में केंद्रित है — व्यापक बाज़ार की तस्वीर उतनी एकसमान नहीं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q2 2026 में भारत के ऑफिस बाज़ारों में किराया कितना बढ़ा?
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, Q2 2026 में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में सालाना आधार पर किराया 10 प्रतिशत तक बढ़ा। बेंगलुरु में सर्वाधिक 10.7%, दिल्ली-एनसीआर में 7.6% और मुंबई में 4% की वृद्धि दर्ज की गई।
बेंगलुरु में प्राइम ऑफिस किराया अभी कितना है?
Q2 2026 में बेंगलुरु का प्राइम ऑफिस किराया ₹163 प्रति वर्ग फुट प्रति माह तक पहुँच गया। यह Q2 2025 के ₹148 प्रति वर्ग फुट प्रति माह की तुलना में 10.7% अधिक है।
भारत के ऑफिस बाज़ार में किराया क्यों बढ़ रहा है?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की निरंतर माँग और फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स की बढ़ती हिस्सेदारी ने 70 लाख वर्ग फीट से अधिक नई आपूर्ति के बावजूद रिक्तता दर को स्थिर रखा, जिससे किराए पर ऊपर की ओर दबाव बना।
फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स की भारतीय ऑफिस बाज़ार में क्या भूमिका है?
Q2 2026 में बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई की कुल लीजिंग वॉल्यूम में फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक रही। इससे वे वित्तीय सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़कर सबसे बड़े ऑक्यूपायर समूहों में शामिल हो गए।
एशिया-प्रशांत ऑफिस बाज़ार में भारत की स्थिति कैसी है?
नाइट फ्रैंक द्वारा ट्रैक किए गए एशिया-प्रशांत के 24 शहरों में से 19 में Q2 2026 में किराए स्थिर रहे या बढ़े। सालाना किराया वृद्धि के मामले में बेंगलुरु, हांगकांग एसएआर और टोक्यो शीर्ष पर रहे।
राष्ट्र प्रेस
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